खास बात
• देश के ग्रामीण अंचल में साल १९९३-९४ में प्रति दिन प्रतिव्यक्ति औसत कैलोरी उपभोग की मात्रा २१५३ किलो कैलोरी थी जो साल २००४-०५ में घटकर २०४७ किलो कैलोरी हो गई।इस तरह कुल १०६ किलो कैलोरी की कमी आई।*
• भारत के ग्रामीण अंचल में तकरीबन ६६ फीसदी आबादी प्रति दिन २७०० किलो कालोरी से कम का उपभोग करती है।*
• साल १९९३-९४ में प्रतिदिन प्रति व्यक्ति प्रोटीन उपभोग की मात्रा का औसत ६०.२ ग्राम था जो साल २००४-०५ में घटकर ५७ ग्राम हो गया।*
• ग्रामीण अंचलों में वसा का उपभोग(४४ ग्राम प्रति व्यक्ति प्रतिदिन) शहरी अंचल (५८.२ ग्राम) की तुलना में कहीं कम होता है।*
• वैश्विक स्तर पर देखें तो औसत से कम वजन के बच्चों की तादाद भारत में सर्वाधिक है। **
• उम्र के हिसाब से कम अपेक्षाकृत कम लंबाई के बच्चों की तादाद(एनएफएचएस-३,२००५-०६) (३ साल से कम आयु वर्ग में) सबसे ज्यादा उत्तरप्रदेश( ४६ फीसदी) है। इसके बाद इस मामले में छत्तीसगढ(४५.४ फीसदी) और गुजरात(४२.४ फीसदी) का नंबर है। ***
• मानव विकास सूचकांक पर बेहतर माना जाने वाला राज्य पंजाब भी ग्लोबल हंगर इंडेक्स द्वारा सूचीबद्ध ३३ अन्य विकासशील देशों की तुलना में दर्जे के हिसाब से कहीं नीचे है। ग्लोबल हंगर इंडेक्स को पैमाना माने तो बिहार और झारखंड जैसे राज्य इस कसौटी पर जिम्बाब्वे और हैती से नीचे आयेंगे और मध्यप्रदेश इथोपिया तथा चाड के बीच कहीं मुकाम पाएगा। $#
* न्यूट्रिशनल इंटेक इन इंडिया- २००४-०५, एनएसएस, ६१ वें दौर की गणना जुलाई 2004- जून 2005
** वर्ल्डबैंक
*** नेशनल फैमिली हैल्थ सर्वे-३ (2005-06)
*# फैसिलेटिंग इम्प्रूब्ड न्यूट्रिशन फॉर प्रेगनेंट एंड लैक्टेटिंग वुमन एंड चिल्ड्रेन ०-५ इयर्स ऑव एज- कैथरीन जी ड्यूवी (२००३), पीएचडी, यूनिवर्सिटी ऑव कैलिफोर्निया, डेविस यूएसए