किसान और आत्महत्या

किसान और आत्महत्या

What's Inside

 

खास बात

राष्ट्रीय स्तर पर हुई कुल आत्महत्याओं में किसान-आत्महत्याओं का प्रतिशत साल 1996 में 15.6% , साल 2002 में 16.3%  साल 2006 में 14.4% , साल 2009 में 13.7%  तथा साल 2010 में 11.9% तथा साल 2011 में 10.3% रहा है। #

साल 2011 में जितने लोगों ने भारत में आत्महत्या की उसमें, 18.1 फीसद तादाद गृहणियों की थी। किसानों की संख्या आत्महत्या करने वाले कुल लोगों में  10.3 फीसदी थी जबकि सरकारी नौकरी करने वालों की तादाद आत्महत्या करने वाले कुल लोगों में 1.2 फीसदी, प्राईवेट नौकरी करने वालों की 8.2 फीसदी, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में काम करने वालों की 2.0 फीसदी, छात्रों की 5.7 फीसदी, ब्रेरोजगार लोगों की 7.7 फीसदी तथा वणिज-व्यवसाय के क्षेत्र में स्व-रोजगार में लगे लोगों की संख्या आत्महत्या करने वाले कुल लोगों की तादाद में 5.3 फीसदी थी तो स्वरोजगार में लगे पेशेवर लोगों की संख्या 3.1 फीसदी जबकि इससे भिन्न किसी अन्य तरह के काम को स्वरोजगार के तौर पर अपनाने वाले लोगों की तादाद 19.5 फीसदी। #

साल 2011 में भारत में जिन 135585 लोगों ने आत्महत्या की उसमें  स्वरोजगार में लगे लोगों का प्रतिशत 38.28  ( कुल. 51901) था। #

साल 2011 में स्वरोजगार में लगे कुल 51901 लोगों ने आत्महत्या की। इसमें किसानों की संख्या 14027 यानी 27.03  फीसदी है।#

  साल 1997 - 2006  यानी दस सालों की अवधि में भारत में 1,66,304  किसानों ने आत्महत्या की।*  

 साल 1997 - 2006  के बीच किसानों की आत्महत्या में सालाना 2.5  फीसद चक्रवृद्धि दर से बढ़त हुई।*

आत्महत्या करने वाले किसानों में ज्यादातर नकदी फसल की खेती करने वाले थे, मिसाल के लिए कपास(महाराष्ट्र), सूरजमुखी,मूंगफली और गन्ना(खासकर कर्नाटक में)।**

सेहत की खराब दशा, संपत्ति को लेकर पारिवारिक विवाद, घरेलू कलह और बेटी को ब्याहने की गहन सामाजिक जिम्मेदारी सहित शराब की लत ने किसानों को कर्ज ना चुकता कर पाने की स्थिति में आत्महत्या की तरफ ढकेला।**

जिन स्रोतों से किसानों ने कर्ज लिया उनमें महाजन एक प्रमुख स्रोत रहे। २९ फीसदी कर्जदार किसानों ने महाजनों से कर्ज हासिल किया। ***.

 

# National Crime Records Bureau, http://ncrb.nic.in/

http://ncrb.nic.in/CD-ADSI2011/table-2.11.pdf

http://ncrb.nic.in/ADSI2010/table-2.11.pdf

http://ncrb.nic.in/CD-ADSI2009/table-2.11.pdf

http://ncrb.nic.in/adsi/data/ADSI2006/Table-2.11.pdf

http://ncrb.nic.in/adsi/data/ADSI2002/atable%202.11.pdf

http://ncrb.nic.in/adsi/data/ADSI1996/table-5s.pdf
 


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डाक्टर रिताम्बरा हेब्बार(२००७): ह्यूमन सिक्यूरिटी एंड द केस ऑव फार्मस् स्यूसाइड इन इंडिया-ऐन एक्सपोलोरेशन http://humansecurityconf.polsci.chula.ac.th/Documents/Pres
entations/Ritambhara.pdf


***
सीपी चंद्रशेखर, जयति घोष (2005):द बर्डेन ऑव फार्मर्स डेट, माइक्रोस्केन

 



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