भ्रष्टाचार

भ्रष्टाचार

द ड्राइवर्स एंड डायनेमिक्स ऑव इलिसिट फाइनेंशियल फ्लोज् इन इंडिया 1948-2008 नामक दस्तावेज के अनुसार-

, http://india.gfip.org/

·   भारत में मौजूद अंडरग्राऊंड अर्थव्यवस्था का गहरा संबंध अवैध ढंग से होने वाले वित्तीय प्रवाह से है। विदेशों में अवैध रुप से मौजूद भारतीय संपदा का कुल मूल्य फिलहाल $462 बिलियन डालर है। जो अंडरग्राऊंड अर्थव्यवस्था का तकरीबन 72 फीसदी है।इसका अर्थ हुआ कि भारत की अंडरग्राऊंड अर्थव्यवस्था का तीन चौथाई हिस्सा जो कि अनुमानतया देश की जीडीपी के 50 फीसदी($640 2008 के अंत में) के बराबर है, देश से बाहर मौजूद है।

 

·       इस तथ्य से कि देश की अंडरग्राऊंड अर्थव्यवस्था का महज 27.8 फीसदी ही देश में मौजूद है, खुलासा होता है कि सरकार का ध्यान अपनी तरफ बगैर खींचे विपुल धनराशि एकत्र करने की इच्छा ही सीमापारीय अवैध मौद्रिक लेन-देन का मुख्य कारक है।

 

·       साल 1991-2008 यानी उदारीकरण के बाद की अवधि में विनियमन के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था से काले धन का प्रवाह विदेशों में बढ़ा है। व्यापार में कीमतों में हेरफेर के अवसर बढ़े हैं, साथ ही वैश्विक स्तर पर मौजूद कुछ टैक्स हैवन कहलाने वाली जगहों ने काले धन के प्रवाह को और बल प्रदान किया है।

 

·       संख्याओं के आधार पर यह कहा जा सकता है कि बड़े पैमाने के काले धन के प्रवाह और आमदनी के असमान वितरण के बीच सीधा रिश्ता है।

 

·       साल 1948 से 2008 के बीच भारत को अवैध ढंग से होने वाले वित्तीय प्रवाह के कारण 213 बिलियन डालर का घाटा उठाना पडा है। यह अवैध धन अमूमन भ्रष्टाचार, घूसखोरी, नजराना और टैक्सचोरी के जरिए एकत्र की गई।

 

·       भारत के मौजूदा अवैध वित्तीय प्रवाह का कुल मूल्य कम से कम 462 बिलियन डालर है।

 

·       साल 2008 के अंत में देश की जीडीपी के 16.6 फीसदी के बराबर काला धन विदेशों में गया।

 

·  काले धन का विदेशी प्रवाह सालाना 11.5 फीसदी की रफ्तार से बढ़ा( रियल टर्म में 6.4 फीसदी सालाना)

 

·       भारत को साल 2002-2006 के बीच हर साल 16 बिलियन डालर गंवाना पडा।

 

·       साल 1948 से 2008 के बीच भारत के निजी क्षेत्र में एख बदलाव यह हुआ कि विकसित देशों के बैंकों में जमापूंजी ना रखकर अब वे ऑवशोर फाइनेंशियल सेंटर में अपनी जमा पूंजी रखने लगे हैं। साल 1995 में ऑवशोर फाइनेंशियल सेंटर में ऱखी जमापूंजी 36.4 फीसदी थी जबकि 2009 में 54.2 फीसदी तक पहुंच गई है।

 

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