Resource centre on India's rural distress
 
 

भ्रष्टाचार

खास बात

ट्रांसपेरेन्सी इंटरनेशनल के करप्शन परसेप्शन इंडेक्स(साल २०14) में भारत १७5 देशों के बीच ८५ वें पादान पर रखा गया था। साल 2010 के इंडेक्स में भारत फिसलकर 87 वें स्थान पर जा पहुंचा था।*

साल २००६-०७ में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों ने ८८३ करोड़ रुपये बुनियादी सेवाओं को हासिल करने के लिए घूस में चुकाये।**

साल २००६-०७ में भारत के सबसे गरीब परिवारों ने पुलिसकर्मियों को २१४ करोड़ रुपये घूस में दिए।**

न्यायपालिका में भी गरीब परिवारों को घूस देना पड़ा। जिन गरीब लोगों ने अदालती कर्मचारियों को घूस चुकाये उनमें से २८ फीसदी को सामान्य अदालती कामकाज मसलन किसी दस्तावेज फोटो-कॉपी हासिल करने के लिए घूस देना पड़ा।***

साल २००५*** और २००७** में केरल में सबसे कम भ्रष्टाचार पाया गया और बिहार में सबसे ज्यादा।

साल २००६-०७ में नरेगा के अन्तर्गत काम पाने वाले २५ फीसदी गरीब परिवारों ने स्थानीय जन-प्रतिनिधि को घूस दिया।**

* करप्शन परसेप्शन इंडेक्स 2014

**इंडिया करप्शन स्टडी-२००७, ट्रान्सपेरेन्सी इंटरनेशनल इंडिया एंड सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज इंडिया करप्शन स्टडी २००७

*** इंडिया करप्शन स्टडी-२००५,ट्रान्सपेरेन्सी इंटरनेशनल इंडिया एंड सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज