मानवाधिकार

 

 

नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो द्वारा प्रस्तुत क्राइम इन इंडिया 2014 नामक दस्तावेज के तथ्यों के अनुसार-- 

http://ncrb.gov.in/

 

 

•  भारत में महिलाओं के विरुद्ध किए गए कुल संज्ञेय अपराधों की दर 56.3 है

 

• भारत में 2014 में महिलाओं के विरुद्ध सर्वाधिक अपराध उत्तरप्रदेश (11.4 प्रतिशत) में हुए, इसके बाद पश्चिम बंगाल (11.3 प्रतिशत), राजस्थान (9.2 प्रतिशत), मध्यप्रदेश (8.5 प्रतिशत) और महाराष्ट्र (7.9 प्रतिशत) का नंबर है.

 

•  प्रति लाख महिला आबादी के हिसाब से महिलाओं के विरुद्ध हुए संज्ञेय अपराधों की संख्या के लिहाज से देखें तो राज्यों के बीच असम शीर्ष पर हैं. यहां प्रतिलाख महिला आबादी पर संज्ञेय अपराधों की संख्या 123.4 रही.. इसके बाद राजस्थान( प्रतिलाख महिला आबादी पर 91.4), त्रिपुरा (88)  तथा पश्चिम बंगाल (85.4) का स्थान है. राष्ट्रीय स्तर पर तथा संघ शासित प्रदेशों के बीच महिलाओं के विरुद्ध  सर्वाधिक संज्ञेय अपराध(169.1) दिल्ली में दर्ज हुए हैं.   

 

•  बालात्कार से संबंधित अपराध की दर साल 2004 के 3.5 प्रतिशत से बढ़कर साल 2014 में 6.1 प्रतिशत हो गई है. साल 2004 में ऐसे अपराधों की संख्या 18,233 थी जो साल 2014 में तकरीबन दोगुना बढ़कर 36,735 हो गई है.

 

• साल 2014 में पारिवारिक दायरे में बालात्कार का शिकार होने वाली महिलाओं में 29.6 प्रतिशत महिलाएं 12.16 साल के आयुवर्ग की थीं जबकि 28.5 प्रतिशत 18-30 साल के आयु वर्ग की. साल 2014 में बलात्कार का शिकार होने वाली महिलाओं में 43.8 प्रतिशत महिलाएं 18-30 आयु-वर्ग की थीं. 

 

• साल 2004 में महिलाओं के मान-हनन के उद्देश्य से किए गए हमलों की दर 6.6 प्रतिशत थी जो साल 2014 में बढ़कर 13.7 प्रतिशत हो गई है. साल 2004 में इस कोटि के 34,567 अपराध हुए जबकि साल 2014 में ऐसे अपराधों की संख्या 82,235 रही.

 

बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराध

 

• बच्चों के विरुद्ध होने वाले संज्ञेय अपराध की दर भारत में 20.1 है.

•  साल 2014 में बच्चों पर हुए कुल संज्ञेय अपराधों की दर सबसे ज्यादा दिल्ली(166.9) में रही, इसके बाद गोवा (63.5) में.  

 

•  साल 2014 में बाल-हत्या के सबसे ज्यादा(33) मामले राजस्थान में प्रकाश में आये. भ्रूण हत्या के मामलों के लिहाज से मध्यप्रदेश अव्वल रहा जहां भ्रूणहत्या के 30 मामले प्रकाश में आये जबकि राजस्थान में 24.

 

 अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विरुद्ध होने वाले अपराध

 

•  भारत में अनुसूचित जाति के विरुद्ध होने वाले कुल संज्ञेय अपराधों की दर 23.4 है.

 

•  साल 2014 में गोवा में अनुसूचित जाति के विरुद्ध होने वाले अपराधों की दर (66.8) सबसे ज्यादा रही, इसके बाद राजस्थान का स्थान (65.7) है. 

 

• अनुसूचित जाति के विरुद्ध सबसे ज्यादा अपराध साल 2014 में उत्तरप्रदेश (17.2 प्रतिशत) में हुए,  इसके बाद राजस्थान (17.1 प्रतिशत) तथा बिहार (16.8 प्रतिशत) का स्थान है..

 

•  अनुसूचित जनजाति के विरुद्ध होने वाले अपराधों की दर भारत में 11.0 है.

 

•  साल 2014 में अनुसूचित जनजाति के विरुद्ध होने वाले कुल संज्ञेय अपराधों की दर सबसे ज्यादा (42.8) राजस्थान में रही,  इसके बाद केरल (27.8), अंडमान निकोबार (24.5) तथा आंध्रप्रदेश (23.8) का स्थान है. 

 

•  अनुसूचित जनजाति पर सबसे ज्यादा संज्ञेय अपराध के मामले साल 2014 में राजस्थान (34.5 प्रतिशत) में प्रकाश में आये,  इसके बाद मध्यप्रदेश (19.9 प्रतिशत), ओड़ीशा (11 प्रतिशत) तथा छत्तीसगढ़ (6.3 प्रतिशत) का स्थान है. 


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