Resource centre on India's rural distress
 
 

मानवाधिकार

 

 खास बात 

साल 2014 में बुजुर्गों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार की घटनाओं में तेज इजाफा हुआ। पिछले (साल के 23 प्रतिशत से बढ़कर 2014 में 50 प्रतिशत) *
भारत की आबादी का 1.14 प्रतिशत हिस्सा यानी तकरीबन 1 करोड़ 40 लाख लोग गुलामी के आधुनिक रुपों के शिकार हैं। **
• साल २००६ में भारत में १४२३ कैदियों की प्राकृतिक अथवा अप्राकृतिक कारणों से जेलों में मौत हुई।***
•  उत्तरप्रदेश में विचाराधीन कैदियों की तादाद(८८८६) सर्वाधिक है। इसके बाद इस मामले में बिहार(८०७६) का स्थान है।***
• भारत के जेलों में बंद कुल कैदियों में विचाराधीन कैदियों की तादाद ६५.७ फीसदी है।***
• आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, केरल, उड़ीसा, दिल्ली, झारखंड और उत्तराखंड में पुलिस हिरासत में मौतों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। ****
• दिल्ली की जेलों में धारण-क्षमता से २२४ फीसदी अधिक कैदी हैं। इसके बाद झारखंड(१९५ फीसदी), छत्तीसगढ़(१११ फीसदी) और गुजरात (१०४ फीसदी) का नंबर है।****

*एल्डर्स एब्यूज इन इंडिया(2013-14)

** ग्लोबल स्लेवरी इंडेक्स 2014

****  प्रीजन स्टैटिक्स 2006

****एनुअल रिपोर्ट २००४-०५, नेशनल ह्यूमन राइटस् कमीशन