अनाज उत्पादन में रिकार्ड बढ़त की संभावना-एफएओ

फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाईजेशन (एफएओ) द्वारा जून महीने में प्रकाशित द फूड आऊटलुक में कहा गया है कि साल २०१०-११ में दुनिया में अनाज का उत्पादन २२७९.५ मिलियन टन होने की संभावना है जो कि अपने आप में एक रिकार्ड बढत है। पिछले साल २२५३.१ मिलियन टन अनाज उत्पादन हुआ था और इसकी तुलना में साल २०१०-११ का उत्पादन १.२ फीसदी ज्यादा है। एफएओ के मुताबिक अनाज के उत्पादन में हुई रिकार्ड बढत के कारण इसके विश्व-व्यापार में पहले की अपेक्षा तेजी आएगी और मांग-पूर्ति के समीकरणों पर भी अच्छा प्रभाव पड़ेगा। हाल के हफ्तों में हर तरह के अनाज के अंतर्राष्ट्रीय दाम में कमी आई है। इसका एक कारण तो नए मौसम के में उपज बढ़ने की संभावना का बलवती होना है, साथ ही बाजार में अमेरिकी डॉलर मजबूत होना और कच्चे तेल के दाम में आई गिरावट भी अनाज के दामों में हुई कमी के कारण हैं।

हाल के दिनों में भारतीय योजना आयोग ने भी यह संभावना जाहिर की है कि साल २०१०-११ में देश में खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों की विकास दर पिछले साल के ०.२ फीसदी से बढ़कर एकबारगी ५ फीसदी पर पहुंच जाएगी।

विश्वस्तर पर गेहूं के उत्पादन में (682.4 मिलियन टन के मुकाबले 676.5 मिलियन टन) कमी होने की आशंका है। लेकिन यह भी कहा जा रहा है कि गेहूं की अंतर्राष्ट्रीय कीमतों में कमी आएगी। विश्वस्तर पर मोटहन के उत्पादन में (साल  2009-10 के1115.2 मिलियन टन के मुकाबले साल 2010-2011 में 1130.9 मिलियन टन)  बढोतरी की संभावना है। विश्व में मक्के का सबसे बडा उत्पादक और निर्यातक संयुक्त राज्य अमेरिका है और वहां मक्के की रिकार्ड फसल होने का अनुमान है। फूड आऊटलुक में यह भी कहा गया है कि गेहूं की फसल की बुवाई का काम मुकम्मल हो चुका है जबकि मोटहन और धान की रोपाई का काम अभी पूरी तरह से पूरा नहीं हुआ है, कहीं कहीं तो इसकी शुरुआत तक नहीं हुई है।

फूड आऊटलुक के अनुसार साल २०१० में चावल के उत्पादन में अभूतपूर्व बढोतरी होने की संभावना है क्योंकि इसकी कीमते आकर्षक बनी रहेंगी और सरकारों की तरफ से इसके उत्पादन को बढावा दिया जाएगा।

हाल के दिनों में अनाज की अतंर्राष्ट्रीय कीमतों में कमी आई है। एफएओ का अनाजों की कीमत से संबंधित सूचकांक मई महीने में 156 अंकों पर था जो पिछले साल के दिसंबर महीने की तुलना में ९ फीसदी और साल २००८ के अप्रैल महीने की तुलना में ४३ फीसदी कम है। इसका एक सकारात्मक असर भारत में भी नजर आएगा। गौरतलब है कि देश के प्रधानमंत्री ने हाल ही में अनिवार्य बस्तुओं की बढती कीमतों के मद्देनजर कहा है कि साल के अंत तक बेहतर मॉनसून की सूरत में मुद्रास्फीति में ५-६ फीसदी की कमी आएगी।
इस विषय पर विशेष जानकारी के लिए देखें निम्नलिखित लिंक-

Food Outlook by FAO, June, 2010
http://www.fao.org/docrep/012/ak349e/ak349e00.pdf

Economic Survey 2009-10,
http://indiabudget.nic.in/es2009-10/chapt2010/chapter08.pdf,

India Meteorological Department Press Release,
http://www.imd.gov.in/section/nhac/dynamic/pressrelease.pdf

Shadow of Drought on Delayed Monsoon,
http://www.im4change.org/articles.php?articleId=144

FAO sees bigger 2010 grain crops, price pressure by Svetlana Kovalyova, 
Live Mint, 3 June, 2010,
http://www.livemint.com/2010/06/03152539/FAO-sees-bigger-2
010-grain-cro.html
   

Global food output to rise to record high: FAO, The Business Standard, 4 June, 2010,

http://www.business-standard.com/india/news/global-food-ou
tput-to-rise-to-record-high-fao/396956/
  

Farm sector records lowest growth in 5 yrs at 0.2%, The Economic Times, 31 May, 2010,

http://economictimes.indiatimes.com/news/economy/indicator
s/Farm-sector-records-lowest-growth-in-5-yrs-at-02/article
show/5994614.cms
  

Record wheat output likely, Centre upbeat by Gargi Parsai, The Hindu, 14 May, 2010,

http://beta.thehindu.com/news/national/article429177.ece 

‘With good monsoon, farm growth rate will be robust' by Gargi Parsai, The Hindu, 27 May, 2010, http://www.hindu.com/2010/05/27/stories/2010052759880700.htm  
 
International prices of agricultural commodities drop,
http://www.fao.org/news/story/en/item/42790/icode/

2009-10 turns out not all that bad for farm sector by Harish Damodaran, The Business Line, 1 June, 2010,
http://www.thehindubusinessline.com/2010/06/01/stories/201
0060152530400.htm
 

PM’s Promise: Inflation to be down by 5-6%,
http://www.mybangalore.com/article/0510/pms-promise-inflat
ion-to-be-down-by-5-6.html

Release of World Development Report 2010: Development and Climate Change,

http://www.im4change.org/articles.php?articleId=136

Skyrocketing prices may be bad news but the worst is yet to come!,
http://www.im4change.org/articles.php?articleId=164

 

 



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