मनरेगा का कायाकल्प- मिहिर शाह समिति की सिफारिशें

रोजगार के लिए अर्जी देने वाले लोगों को साल में प्रति दिन 100 रुपये की मजदूरी के हसाब से अधिकतम 100 दिन के काम की गारंटी देने वाले कार्यक्रम मनरेगा का योजना आयोग के सदस्य मिहिर शाह की आध्यक्षता में गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर कायाकल्प होने जा रहा है।

उन सिफारिशें का जिक्र नरेगा-2.0 कहलाने वाले महात्मा गांधी नेशनल रुरल एम्पलॉयमेंट गारंटी एक्ट 2005- ऑपरेशनल गाईडलाइन्स नामक दस्तावेज में हैं। सिफारिशों का लक्ष्य टिकाऊ संपदा का निर्माण तथा कृषिगत उत्पादकता को बढ़ाने के साथ-साथ, कार्यकुशलता को गति देना और मजदूरी के भुगतान में देरी जैसी बड़ी शिकायतों तथा कार्यक्रम के भीतर भ्रष्टाचार की वजहों को दूर करना है।

इन सिफारिशों में मुख्य है मनरेगा के अन्तर्गत नये कामों को शामिल करना। जिन नये कामों को मनरेगा में ऱखने का प्रस्ताव किया गया है उसमें शामिल है श्रीपद्धति के इस्तेमाल वाली चावल की खेती, मिट्टी के संरक्षण-संवर्धन से जुड़े काम, जैविक कीटनाशक तथा जैविक खाद का निर्माण, बीजशाला तथा पशुशाला और कुक्कुटशाला का निर्माण। सिफारिशों में ग्रामीण इलाके में जलापूर्ति, साफ-सफाई तथा क्षेत्रीय विशेषताओं के अनुकूल मछली सुखाने की जगहों का निर्माण जैसे कामों को भी मनरेगा के अन्तर्गत शामिल करने की बात कही गई है।
 
ग्राम-पंचायत या प्रोग्राम ऑफिसर के लिए रोजगार के आवेदन पत्र नियमित रुप से स्वीकार करना अनिवार्य बना दिया गया है। यह भी कहा गया है कि आवेदन की अर्जी को स्वीकार ना करना तथा पुरानी रसीदों को प्रस्तुत करना मनरेगा के सेक्शन-25 का उल्लंघन माना जाएगा।

समिति ने मनरेगा के अन्तर्गत दी जाने वाली मजदूरी के भुगतान में होने वाली देरी को खत्म करने के तरीके बताये हैं और सिफारिश की है कि मनरेगा के अन्तर्गत हर भुगतान 15 दिन के भीतर हो जाना चाहिए।सिफारिश के अनुसार अगर काम का आकलन नहीं हो पाया है तो ऐसी स्थिति में अंतरिम भुगतान किया जाना चाहिए, भुगतान में विलंब को मनरेगा से संबंधित अधिनियम के सेक्शन 25 का उल्लंघन माना जाएगा।

समिति ने नोट किया है कि मजदूरी के भुगतान में देरी का एक कारण जिला-प्रखंड-ग्रामपंचायत के स्तर पर पर्याप्त धनराशि का उपलब्ध ना रहना है। समिति का सुझाव है कि राज्यों को इलेक्ट्रानिक फंड मनैजमेंट की की एकीकृत प्रणाली अपनानी चाहिए जिसमें मनरेगा के अंतर्गत उपलब्ध केंद्र सरकार द्वारा दी गई धनराशि का प्रदेशस्तर पर प्रबंधन किया जाय। इस राशि को निकालने का हक ग्राम-स्तर पर पंचायत को, या प्रखंडस्तर पर प्रोग्राम ऑफिसर को या फिर जिलास्तर पर जिला-परिषद को दिया जाय। इससे मनरेगा की कारअमली को गति मिलेगी और मजदूरी का भुगतान समय पर होने से सकारात्मक परिणान दिखेंगे।

समिति की एक सिफारिश लेबर-बजट के बारे में है। इसके दो पक्ष हैं- एक है काम की मांग की मात्रा तथा जिस वक्त जितना काम मांगा जा रहा है उस समय का आकलन। दूसरा पक्ष है, उन परियोजनाओं की तैयारी का जिससे मांगे जा रहे काम के अनुरुप सही समयावधि में रोजगार दिया जा सके। इससे रोजगार देने की प्रक्रिया को पलायन रोकने के साधन के रुप में इस्तेमाल किया जा सकेगा।

दयनीय दशा की हालत में होने वाले पलायन को रोकने के एक उपाय के रुप में समिति ने एक भी सिफारिश की है कि ग्राम-सभा की मंजूरी के लिए वार्षिक-योजना 2 अक्तूबर के दिन पेश करने की जगह 15 अगस्त के दिन ही पेश कर दी जाय। मंजूरी के लिए 2 अक्तूबर को वार्षिक- योजना पेश करने के चलन से पलायन रोकने में बहुत देरी हो चुकी होती है।

ऑपरेशनल गाइडलाईन फॉर मनरेगा की प्रस्तावना में इस बात को मंत्रि जयराम रमेश ने बड़े सटीक शब्दों में व्यक्त किया है-: “इन लाखों किसानों की खेतिहर ऊपज बढ़ाने में ही मनरेगा की सच्ची सफलता है ताकि वे फिर किसानी की तरफ लौटें और उन्हें अपनी जीविका के लिए दोबारा मनरेगा पर निर्भर ना रहना पड़े। मनरेगा उत्पादकता की बढ़वार का साधन सिद्ध हो, इसके लिए फौरी कदम उठाने की जरुरत है जो मनरेगा और खेती के बीच गढ़े जा रहे झूठे विरोध का निवारण करे – क्योंकि मनरेगा देश के सर्वाधिक गरीब किसानों की समस्याओं के समाधान की आधारशिला है।
 
(मनरेगा में प्रस्तावित सुधारों के ब्यौरे के लिए कृपया इस वेबसाइट के अंग्रेजी संस्करण को देखें)
 
इस समाचार से संबंधित विशेष जानकारी के लिए निम्नलिखित लिंक खोलें-
 

MG-NREGA 2005, Operational Guidelines 2012, 4th Edition, http://planningcommission.nic.in/reports/genrep/mgnarega_g
uidelines_2012.pdf

Report of the Committee for Revision of MGNREGA Operational Guidelines, Submitted by Dr. Mihir Shah Chairperson, Committee for Revision of MGNREGA Operational Guidelines, http://nrega.nic.in/circular/Report_Committee_Revision_gui
delines.pdf

 Expanded National Rural Employment Guarantee Act to arrest fall in appeal, The Economic Times, 23 February, 2012,

http://economictimes.indiatimes.com/news/economy/policy/ex
panded-national-rural-employment-guarantee-act-to-arrest-f
all-in-appeal/articleshow/11998606.cms

New MGNREGA will boost farm productivity, Says Jairam, Press Information Bureau, 22 February, 2012, http://pib.nic.in/newsite/erelease.aspx?relid=80472

NREGA 2 aimed at bolstering UPA 2 by Prasad Nichenametla, The Hindustan Times, 22 February, 2012, http://www.hindustantimes.com/India-news/NewDelhi/NREGA-2-
aimed-at-bolstering-UPA-2/Article1-815496.aspx

Jairam makes NREGA more agriculture-focused by Nirendra Dev, The Statesman, 22 February, 2012,

http://thestatesman.net/index.php?option=com_content&v
iew=article&id=400973&catid=36

Inventing NREGA 2.0, Live Mint, 10 February, 2012,

http://www.livemint.com/2012/02/10005718/Ourview--Inventin
g-NREGA-20.html?h=B

 

 




Related Articles

 

Write Comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Video Archives

Archives

share on Facebook
Twitter
RSS
Feedback
Read Later