मनरेगा - पांच साल दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना के
|
|
|
बहुत थोड़ी होती है पांच साल की अवधि
फिर भी नरेगा की उपलब्धियां आवाक कर रही हैं। देश के सर्वाधिक गरीब में शुमार
लोगों में से तकरीबन दस करोड़ ने बैंक या फिर पोस्ट-ऑफिस में बैंक अकाऊंट खोले हैं, लोग अपना
अधिकार समझकर काम मांग रहे हैं,
हजारों गांवों में कुएं-तालाब और ऐसे ही
सामुदायिक इस्तेमाल के कई संसाधन तैयार हो रहे हैं, औरत हो या मर्द- दोनों को बराबर के काम के
लिए बराबर की मजदूरी मिल रही है और फिर आम आदमी को अधिकार मिल गया है कि वह खुद
विकास के काम और उन पर हो रहे खर्चे का हिसाब ले। गरीब जनता अपने मामलों में अब
ज्यादा भागीदारी कर रही है और पहले की तुलना में एक सकारात्मक अन्तर साफ दीख रहा
है। मनरेगा के ढेर सारे ठोस फायदों के बीच, रोजगार का मिलना तो बस एक फायदा है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के सामने , जिसका
जिम्मा अब एक नए मंत्री के हाथ में है, तीन बड़ी चुनौतियां हैं- क) नरेगा के
मजदूरों को विधान-सम्मत न्यूनतम मजदूरी देना, ख)
सामाजिक अंकेक्षण से संबंधित नियमों को चुस्त-दुरुस्त बनाना और आंध्रप्रदेश
की तर्ज पर सामाजिक अंकेक्षण के लिए हर जगह एक स्वायत्त संगठन कायम करना और, ग )
गांव की पंचायतों द्वारा खुद ही अपने कामों का ऑडिट करने के चलन पर रोक लगाते हुए
इसमें नागरिक संगठनों की भागीदारी को सांस्थानिक रुप से फिर से बहाल करना।
व्यवस्था के ढीलेपन और भ्रष्टाचार के
बावजूद ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ने बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। यह सच है कि
हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार किसी अबूझ कारण से नरेगा के कामों के लिए
न्यूनतम मजदूरी देने को तैयार नहीं है, फिर भी उसने मनरेगा में दी जाने वाली मजदूरी
की दर बढायी है और वादा किया है कि इसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से जोड़ा जाएगा। कई
जगहों पर यह भी देखने में आया है कि पंचायत के निर्वाचित प्रधान, जिनके
जिम्मा तृणमूल स्तर की योजनाओं को ग्रामीण स्तर पर लागू करना है, इन
योजनाओं के बड़े दुश्मन बनकर उभरे हैं।नरेगा के क्रियान्वयन से जुड़ी अच्छी और
बुरी खबरों की कमी नहीं है, और अब आपकी बारी है कि आप इसकी दिशा में क्या कदम उठाते हैं।इन्क्लूसिव
मीडिया के वेबसाइट के अलग-अलग हिस्सों( बैकग्राऊंडर, न्यूज-एलर्ट, विजयगाथा और वीडियो) में नरेगा-केद्रित
प्रभूत सूचनाएं दी गई हैं।
I इंक्लूसिव मीडिया की टोली विगत दो सालों से मनरेगा से जुड़ी
सूचनाओं का लगातार अद्यतन कर रही है। नीचे की सूचनाएं नवीनतम हैं और आखिर में लगे
हुए लिंक्स आपको नरेगा से संबंधित ताजा-तरीन जानकारी के मूल स्रोत तक
पहुंचायेंगे।)
मनरेगा से संबंधित अबतक की नवीनतम
जानकारी (साल 2011):
• मनरेगा के अंतर्गत साल 2010-2011 में 1 फरवरी, 2011 तक राष्ट्रीय स्तर पर कुल पंजीकृत
परिवारों और व्यक्तियों की संख्या क्रमश 11.62 करोड़
और 25.38 करोड़ है। साल 2010-2011 में 1 फरवरी,
2011 तक जारी किए गए जॉब-कार्ड की संख्या 11.53 करोड़
है। #
• 2010-2011 में 1 फरवरी,
2011 तक राष्ट्रीय स्तर पर कुल 4.24 करोड़ परिवारों ने रोजगार की मांग
की और 4.25 करोड़ परिवारों को रोजगार मुहैया कराया गया। #
• तकरीबन 6.77 करोड़ व्यक्तियों ने इस अवधि में रोजगार की मांग की और
रोजगार हासिल हुआ कुल 6.82 करोड़ लोगों को।#
• 2010-2011 में 1 फरवरी,
2011 तक आंध्रप्रदेश ने सर्वाधिक
व्यक्ति-कार्यदिवसों ( 27.48 करोड़) का सृजन किया। तमिलनाडु में यह तादाद 22.44 व्यक्ति-कार्यदिवसों
की रही जबकि राजस्थान में 19.36 करोड़ व्यक्ति-कार्यदिवसों की ।#
• 2010-2011 में 1 फरवरी,
2011 तक राष्ट्रीय स्तर पर 150.97 करोड़ व्यक्ति-कार्यदिवसों का सृजन हुआ। इस अवधि में कुल भरे गए मस्टर
रोल की संख्या रही 1.55 करोड़। #
• 2010-2011 में 1 फरवरी,
2011 तक राष्ट्रीय स्तर पर मनरेगा के अन्तर्गत
अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए कुल 25.76 करोड़ व्यक्ति-कार्यदिवसों का सृजन हुआ और इस योजना में
राष्ट्रीय स्तर पर इस अवधि में महिलाओं के लिए सृजित व्यक्ति कार्य दिवसों की
संख्या रही 75.14 करोड़। #
•राष्ट्रीय स्तर पर देखें तो केवल 16,98,788 परिवारों को इस अवधि में 100 दिन का
काम मिला।#
• इस अवधि में कुल 8,97,192 पंजीकृत परिवार ऐसे रहे जिन्हें जॉबकार्ड जारी नहीं हुआ। ##
• देश के 625 जिलों में से 517 जिलों( 82.7%) में नरेगा के कामों का सामाजिक अंकेक्षण का काम शुरु हो सका है। ठीक इसी
तरह देश के कुल 248380 ग्राम-पंचायतों में से 182724 में ( 73.6%)
सामाजिक अंकेक्षण आरंभ हुआ है।*
• साल 2010-2011 में 1 फरवरी,
2011 तक देश में नरेगा के लिए हुए सामाजिक
अंकेक्षणों की संख्या 2,92,113 है। इसमें जो सवाल उभरकर सामने आये इनपर कार्रवाई कुल 92,145 सामाजिक अंकेक्षणों में हुई। ( यानी कुल सामाजिक अंकेक्षण के 31.54% में) **
• साल 2010-2011 में 1 फरवरी, 2011 तक अखिल भारतीय स्तर पर नरेगा के काम में लगे श्रम और
सामग्री का अनुपात ग्राम-पंचायत,
प्रखंड और जिला-पंचायत के स्तर पर
क्रमश 2.59: 1.00, 1.14: 1.00 और 1.51: 1.00 का रहा। इसकी आदर्श स्थिति 1.50: 1.00 (यानी 60: 40) की ही। राष्ट्रीय स्तर पर नरेगा के काम में श्रम और सामग्री का अनुपात इस
अवधि में 2.40: 1.00 का रहा। **
• मजदूरी के भुगतान में सांस्थानिक तौर पर एकरुपता लाने के लिए
राज्यों से सिफारिश की गई थी कि भुगतान पोस्ट-ऑफिस या फिर बैंक के जरिए किया जाय।
नरेगा के अन्तर्गत 6.86 करोड़
ऐसे खाते वित्तीय वर्ष 2008-09 में खोले गए हैं। ***
• नरेगा के अन्तर्गत मजदूरी के भुगतान के लिए खोले गए खातों की
संख्या बढ़कर 8.8 करोड़ हो
गई है और 80 % मामलों में मजदूरी का भुगतान इन्हीं
खातों के जरिए हुआ है।
# Employment Generated during the Year 2010-2011,
## List Of Registered Family To Whom Job Card Is not Issued 2010-2011,
* Social Audit report,
** Labour to Material Ratio Analysis for The Financial Year 2010-2011,
*** Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act, 2005, Report to
the People, 2nd February, 2006-2nd February, 2010, http://nrega.nic.in/circular/Report_to_the_people.pdf
कुछ और लिंक्स :
Maximum Dithering for Minimum Wages!, http://www.im4change.org/news-alert/maximum-dithering-for-minimum-wages-5575.html
NREGA 2010: Politics in Slow Motion?, http://www.im4change.org/news-alert/nrega-2010-politics-in-slow-motion-4763.html
What is wrong with MG-NREGA? http://www.im4change.org/news-alert/what-is-wrong-with-mg-nrega-4237.html
MGNREGA: Mixed success so far, http://www.im4change.org/news-alert/mgnrega-mixed-success-so-far-3513.html
The Biggest MNREGA Scam in Rajasthan, http://www.im4change.org/news-alert/the-biggest-mnrega-scam-in-rajasthan-1911.html
Social Audit of NREGS in Araria reveals corruption, http://www.im4change.org/news-alert/social-audit-of-nregs-in-araria-reveals-corruption-870.html
# Employment Generated during the Year 2010-2011,
## List Of Registered Family To Whom Job Card Is not Issued 2010-2011,
* Social Audit report,
** Labour to Material Ratio Analysis for The Financial Year 2010-2011,
*** Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act, 2005, Report to the People, 2nd February, 2006-2nd February, 2010, http://nrega.nic.in/circular/Report_to_the_people.pdf
Further readings:
Maximum Dithering for Minimum Wages!, http://www.im4change.org/news-alert/maximum-dithering-for-minimum-wages-5575.html
NREGA 2010: Politics in Slow Motion?, http://www.im4change.org/news-alert/nrega-2010-politics-in-slow-motion-4763.html
What is wrong with MG-NREGA? http://www.im4change.org/news-alert/what-is-wrong-with-mg-nrega-4237.html
MGNREGA: Mixed success so far, http://www.im4change.org/news-alert/mgnrega-mixed-success-so-far-3513.html
The Biggest MNREGA Scam in Rajasthan, http://www.im4change.org/news-alert/the-biggest-mnrega-scam-in-rajasthan-1911.html
Social Audit of NREGS in Araria reveals corruption, http://www.im4change.org/news-alert/social-audit-of-nregs-in-araria-reveals-corruption-870.html
|
|









