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बयान / मेधा पाटकर ने कहा- एक व्यक्ति के लिए सरदार सरोवर बांध जल्दी भरा गया, 192 गांव जलमग्न हुए

भोपाल. नर्मदा बचाओ आंदोलन का नेतृत्व करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने मंगलवार को न्यूज एजेंसी से कहा कि केवल एक व्यक्ति के लिए सरदार सरोवर बांध को समय से पहले भरा गया। इस कारण मध्यप्रदेश के तीन जिले धार, बड़वानी और अलीराजपुर के लगभग 192 गांव जलमग्न हो गए। दरअसल, पाटकर का इशारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर था। उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार द्वारा बांध के जलस्तर को निर्धारित समय से पहले 138.68 मी. बढ़ा दिया गया। अब इन गांवों के लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पाटकर ने कहा कि सुप्रीमकोर्ट के निर्देश के बावजूद अभी तक सरदार सरोवर बांध से प्रभावित लोगों का पुनर्वास नहीं हुआ है। शिवराज सरकार इसके लिए जिम्मेदार: पाटकर उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार दावा कर रही है कि इन्हें गुजरात सरकार से मुआवजे के तौर पर 1,857 करोड़ रुपए नहीं मिले हैं। शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई वाली मध्यप्रदेश

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रिपोर्ट/मंदी से निपटने के लिए ब्याज दरें घटाना काफी नहीं, सरकार को ग्रामीण इलाकों में खर्च बढ़ाना चाहिए

मुंबई. देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा मंदी से निपटने के लिए आरबीआई की उदार मौद्रिक नीति काफी नहीं। इसके बजाय सरकार को ग्रामीण इलाकों में मांग बढ़ाने के उपाय करने चाहिए। राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना, मनरेगा और पीएम-किसान जैसी योजनाओं के जरिए खर्च बढ़ाना चाहिए। एसबीआई की रिपोर्ट सोमवार को सामने आई। दैनिक भास्कर पर प्रकाशित इस कथा को विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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रैंकिंग में और पिछड़ी उच्च शिक्षा -- हरिवंश चतुर्वेदी

भारत सरकार द्वारा देश के विश्वविद्यालयों को स्पद्र्धा-योग्य बनाने के प्रयासों को ब्रिटेन की ‘टाइम्स हायर एजुकेशन' द्वारा घोषित 2020 की विश्वविद्यालय रैंकिंग सूची से धक्का लगा है। पिछले एक दशक से मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा अनेक प्रयास किए जा रहे थे, ताकि भारत के नामचीन विश्वविद्यालय शीर्ष स्तर पर जगह बना सकें। पिछले साल लागू की गई इंस्टीट्यूट ऑफ एमीनेंस (आईओई) नामक बहुचर्चित योजना का तो यह प्रमुख लक्ष्य था। कोशिश थी कि देश के अच्छे विश्वविद्यालयों को ज्यादा स्वायत्तता दी जाए और केंद्र सरकार द्वारा संचालित उच्च शिक्षण संस्थानों को दस वर्षों के लिए एक हजार करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जाए। बहरहाल, विश्व स्तर पर शीर्ष विश्वविद्यालयों की रैंकिंग मुख्यत: तीन संस्थाओं द्वारा की जाती है- टाइम्स हायर एजुकेशन (टीएचई), शंघाई जियोटोंग यूनिवर्सिटी (एसजेटीयू) और क्विरैली सायमंड्स (क्यू एस)। इनमें सर्वाधिक लोकप्रियता व मान्यता टाइम्स हायर एजुकेशन संस्था की है, जो पिछले 16 वर्षों से इसे संचालित

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अराजक राहों पर राहत का कानून-- शशिशेखर

दृश्य 1 : हम भागलपुर से पटना लौट रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर हमारे आगे एक साइकिल सवार चल रहा है। साइकिल के पीछे कैरियर लगा है, जिस पर ताजा काटी हुई ऐसी वनस्पति लदी है, जो साइकिल के दोनों ओर दो से ढाई फीट तक पसरी हुई है। ऊंचाई इतनी कि साइकिल चालक के कंधे बमुश्किल दिखाई पड़ रहे हैं। उसकी साइकिल की गति इतनी मंथर है कि लड़खड़ाकर चलता कोई छोटा बच्चा तक शरमा जाए। उसके पीछे सरकती हुई गाड़ियों की कतार लगी हुई है।   वजह सामने से ट्रकों और गाड़ियों का रेला चला आ रहा है। बगल में सड़क की पटरियां खुदी पड़ी हैं और आप किसी भी हालत में अपनी लेन के बीचोबीच चलते उस साइकिल सवार को ओवरटेक नहीं कर सकते। अचानक वह डगमगाकर गिर पड़ता है और खुद को किसी तरह साइकिल से जुदा कर पीछे वाली गाड़ी के चालक के मुंह पर मुक्का जड़

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पहली तिमाही में पांच फीसदी जीडीपी वृद्धि दर चौंकाने वाली: आरबीआई गवर्नर

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने सोमवार को कहा कि आर्थिक वृद्धि दर कम होकर पांच प्रतिशत रहना ‘हैरत में डालने' वाला है. हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार द्वारा हाल में उठाये गये कदमों से अर्थव्यवस्था में सुधार आएगा. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीने से अर्थव्यवस्था में सुस्ती दिखाई दे रही है, उसमें तेजी लाने के लिये केंद्रीय बैंक नीतिगत दरों में कटौती कर रहा है. उल्लेखनीय है कि आरबीआई जनवरी 2019 से अब तक नीतिगत दर में चार बार कटौती कर चुका है. केंद्रीय बैंक इस साल अब तक रेपो दर में कुल मिलाकर 1.10 प्रतिशत की कटौती कर चुका है. रेपो दर वह है जिस पर वाणिज्यिक बैंक आरबीआई से अल्पकालीन कर्ज लेते हैं. दास ने समाचार चैनलों से कहा, ‘...सही कदम उठाये गये हैं, चीजों में सुधार आना चाहिए. यह एक सकारात्मक प्रवृत्ति है कि सरकार मसलों के समाधान को लेकर तेजी से कदम उठा

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