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बाढ़ में डूबा कर्नाटक, केरल और महाराष्ट्र, राहुल गांधी ने पीएम मोदी से की बात

नई दिल्ली: दक्षिण भारत सहित देश के आधे दर्जन से अधिक राज्य बाढ़ की चपेट में हैं. बीते कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण कई राज्यों की नदियां उफान पर हैं जिससे इन राज्यों के लाखों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, डेढ़ सौ से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. केरल और कर्नाटक के कई जिले बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं. केरल राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार 8 अगस्त से 11 अगस्त के बीच बाढ़ से 76 लोगों की जान जा चुकी है वहीं 58 लोगों के लापता होने की खबर है. काफी संख्या में लोगों के घायल होने की भी खबर है. बाढ़ से प्रभावित लोगों को सुरक्षाकर्मी और एनडीआरएफ की मदद से राहत शिविरों में पहुंचाया गया है. केरल के तिरुवनंतपुरम में पिछले कुछ दिनों में काफी बारिश हुई है. राज्य के एक अधिकारी के अनुसार करीब 2.54 लाख

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अनुच्छेद 370: संघ के सपने को पूरा करने के लिए संविधान को तार-तार कर दिया गया-- सिद्धार्थ वरदराजन

भारत में दक्षिणपंथी राजनीति पुराना मिथक रहा है कि जम्मू-कश्मीर को गैर-जरूरी किस्म का संवैधानिक दर्जा मिला हुआ है और वहां की समस्याओं की जड़ संविधान के अनुच्छेद 370 के कारण कश्मीरियों के साथ किया जाने वाला विशेष व्यवहार है. और अब जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी ने अपने ही गढ़े गए झूठ को सही साबित करने के लिए इस समस्याप्रद अनुच्छेद को समाप्त कर दिया है, कम से कम अब किसी को यह शिकायत करने का मौका नहीं मिलेगा. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने न सिर्फ अनुच्छेद 370 की आत्मा को नष्ट कर दिया है, उन्होंने एक कदम और आगे बढ़ते हुए पूरे राज्य के अस्तित्व को ही समाप्त कर दिया है और इसे दो बांटुस्तानों (दक्षिण अफ्रीका और दक्षिण पश्चिम अफ्रीका में रंगभेद नीति के तहत अश्वेतों के लिए अलग किए गए प्रदेश) -जिन्हें भव्य तरीके से केंद्र शासित प्रदेश कहा गया- में बांट दिया गया,

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देश की 70 प्रमुख प्रयोगशालाओं में वैज्ञानिकों के 2911 पद खाली

नई दिल्ली: देश की 70 प्रमुख प्रयोगशालाओं में वैज्ञानिकों के 2911 पद रिक्त हैं. सरकार का कहना है कि जब भी कोई पद खाली होता है तब संबंधित प्रयोगशाला या संस्थान में वैज्ञानिकों के खाली पदों को भरने के लिए नियमों के अनुरूप कदम उठाये जाते हैं. संसद के हाल में सम्पन्न सत्र के दौरान लोकसभा में भाजपा सांसद रामचरण बोहरा ने देश के शीर्ष वैज्ञानिक संस्थानों में रिक्त पड़े वैज्ञानिकों के पदों का संस्थान-वार ब्यौरा मांगा था. उन्होंने पिछले पांच वर्षो में देश में महिला वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करने की पहल के बारे में भी जानकारी मांगी थी. इसके जवाब में पृथ्वी एवं विज्ञान मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया था कि देश की 70 प्रयोगशालाओं में वैज्ञानिकों के 2911 पद खाली हैं. इसमें सीएसआईआर की पुणे स्थित राष्ट्रीय रसायन प्रयोगशाला में वैज्ञानिकों के 123 पद रिक्त हैं. जबकि गोवा स्थित राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान में 100

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मोदी सरकार के 89 सचिवों में सिर्फ एक एससी और तीन एसटी, एक भी ओबीसी नहीं

नई दिल्ली: वर्तमान में भारत सरकार के 89 सचिवों में से सिर्फ एक सचिव अनुसूचित जाति (एससी) और तीन सचिव अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग से हैं. चौंकाने वाली बात ये है कि इन 89 सचिवों में से एक भी व्यक्ति अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से नहीं है. पिछले महीने 10 जुलाई को तृणमूल कांग्रेस के सांसद दिब्येंदू अधिकारी द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने ये जानकारी दी. इस सूची में शामिल ज्यादातर सचिव भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) से हैं. केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक एससी, एसटी और ओबीसी समुदाय के लोगों का प्रतिनिधित्व अतिरिक्त सचिव, संयुक्त सचिव, निदेशक स्तर पर भी कम है. द वायर हिन्दी पर प्रकाशित इस कथा को विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें   

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सोनभद्र में जिस ज़मीन के लिए 10 लोगों को मार दिया गया, उसका कोई राजस्व रिकॉर्ड नहीं

सोनभद्र: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के घोरावल तहसील के उम्भा गांव में बीते 17 जुलाई को जिस विवादित भूमि पर कब्जे को लेकर भीषण हिंसा हुई थी उस भूमि के 1955 के राजस्व रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं. अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए मंगलवार को बताया कि रिकॉर्ड जिस समय का है, उस समय सोनभद्र मिर्जापुर जिले का हिस्सा था और एक निर्धारित अवधि के बाद कुछ रिकॉर्ड नियमानुसार नष्ट कर दिए जाते हैं. ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि उनके रखने के लिए स्थान की समस्या हो जाती है. उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में हालांकि रिकॉर्ड नष्ट नहीं भी किए जाते हैं लेकिन उभ्भा गांव की उक्त विवादित भूमि से संबंधित 1955 के रिकॉर्ड नष्ट किए जा चुके हैं. हिंसा के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपर मुख्य सचिव (राजस्व) के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया था, जिसे दस दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने

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