छत्तीसगढ़: सूखे से 9 हजार एकड़ से अधिक रकबे में धान की फसल तबाह

बिलासपुर। जिले के 10 हजार से ज्यादा किसानों व उनके परिवार के सामने फांके की नौबत है। इस बार बारिश न होने के कारण इनकी पूरी फसल चौपट हो गई है। फसल सर्वे में इस बात का पता चला है। इस बाबत भू-अभिलेख विभाग ने राज्य शासन को रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें शत-प्रतिशत अकाल की जानकारी दी है।

जिले में पेंड्रारोड,पेंड्रा,मस्तूरी व तखतपुर तहसील सबसे ज्यादा सूखे की चपेट में है। इन तहसीलों के तकरीबन साढ़े तीन हजार किसान सर्वाकि प्रभावित हैं। ये किसान अपने खेतों में धान नहीं उगा पाए हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो 9 हजार 735 एकड़ खेत पूरी तरह बंजर हो गया है।

इन खेतों में धान का पौधा तैयार नहीं हो पाया है। इनके सामने परेशानी ये कि रबी फसल में धान की खेती के लिए राज्य शासन ने बैन कर दिया है। प्रतिबंध के कारण अब ये गर्मी फसल के रूप में धान की खेती नहीं कर पाएंगे । भू-अभिलेख शाखा द्वारा राज्य शासन को भेजी गई नजरी अनावरी रिपोर्ट के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप है।

इनका कहना है

नजरी अनावरी रिपोर्ट में जिले के चार तहसीलों में सर्वाकि सूखे की स्थिति है। 9 हजार 735 एकड़ में लगी धान की फसल पूरी तरह तबाह हो गई है। यहां शत-प्रतिशत अकाल की स्थिति है। इससे 10 हजार 838 किसान प्रभावित हुए हैं। शासन को रिपोर्ट भेजी गई है।

एसी पद्म-उप संचालक,कृषि विभाग


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