सरकार मनरेगा को हमेशा चलाए रखने की पक्षधर नहीं: ग्रामीण विकास मंत्री

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना एवं मनरेगा में बजटीय आवंटन में कमी के विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बुधवार को कहा कि सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के लिए आवंटन बढ़ाकर इसे ‘जनोपयोगी' बनाया है.

हालांकि तोमर ने यह भी कहा कि वह हमेशा इसे चलाए रखने के पक्षधर नहीं हैं क्योंकि यह योजना गरीबों के लिए है और मोदी सरकार का लक्ष्य गरीबी को खत्म करना है.

उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े स्वयं सहायता समूहों का जिक्र करते हुए कहा कि इन स्वयं सहायता समूहों को करीब दो लाख करोड़ रुपये दिए गए हैं और इन स्वयं सहायता समूहों की गैर निष्पादित आस्तियां (एनपीए) सिर्फ 2.7 फीसदी है, जिसमें महिलाएं हैं.

तोमर ने कहा कि सदन को बैंकों में बड़े लोगों से जुड़े एनपीए के बारे में मालूम है, जबकि इन स्वयं सहायता समूहों का एनपीए सिर्फ 2.7 प्रतिशत है.

लोकसभा में ‘वर्ष 2019-20 के लिए ग्रामीण विकास तथा कृषि और किसान कल्याण मंत्रालयों के नियंत्रणाधीन अनुदानों की मांगों' पर चर्चा का जवाब देते हुए तोमर ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना हो, मनरेगा हो, ग्रामीण आवास योजना हो, कहीं बजट में कटौती नहीं की गई है. अगर जरूरत पड़ी है तब अतिरिक्त राशि आवंटित की गई है.'

द वायर हिन्दी पर प्रकाशित इस कथा को विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 


http://thewirehindi.com/88549/mnrega-narendra-singh-tomar-rural-development-minister/

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