Resource centre on India's rural distress
 
 

पानी और साफ-सफाई

खास बात

- भारत में खुले में शौच करने वाले लोगों की संख्या 626 मिलियन है। यह संख्या 18 देशों में खुले में शौच करने वाले लोगों की संयुक्त संख्या से ज्यादा है।#
-ग्रामीण इलाकों में केवल २१ फीसदी आबादी के घरों में शौचालय की व्यवस्था है।*
-पेयजल आपूर्ति विभाग के आंकड़ों के हिसाब से कुल १,५०,७३४९ ग्रामीण मानव बस्तियों में से केवल ७४ फीसदी में पूरी तरह और १४ फीसदी में आंशिक रुप से साफ पेयजल मुहैया कराने की व्यवस्था हो पायी है। *
-देश के १७ राज्यों में कुल २०० जिलों के लगभग ६ करोड़ ६० लाख लोग फ्लूराइड संदूषित पानी की चपेट में हैं। *
-असम, पश्चिम बंगाल बिहार और उत्तरप्रदेश के पूर्वी इलाके में आर्सेनिक संदूषित पानी की समस्या विकराल हो उठी है।*
-१० लाख ८० हजार लोग हर साल सिर्फ डायरिया के कारण काल कवलित होते हैं। इसमें ९० फीसदी तादाद ५ साल तक की उम्र के बच्चों की होती है जो ज्यादातर विकासशील देशों के होते हैं। **
 
* ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना का दस्तावेज, भारत सरकार
** वाटर सैनिटेशन एंड हाइजिन लिंक्स टू हेल्थ फैक्टस् एंड फीगर्स
# विश्व स्वास्थ्य संगठन/ यूनिसेफ ज्वाईंट मॉनिटरिंग रिपोर्ट 2012: