कुपोषण

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नेशनल फैमिली हैल्थ सर्वे- 4 के नये तथ्य के मुताबिक--

 http://rchiips.org/NFHS/factsheet_NFHS-4.shtml

 

--नेशनल फैमिली हैल्थ सर्वे-4 के अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक 15-49 आयु वर्ग के 20 फीसद से तनिक ज्यादा स्त्री-पुरुषों का बीएमआई सामान्य से कम है.     

 

--राष्ट्रीय स्तर पर देखें तो 22.9 फीसद महिलाओं और 20.2 फीसद पुरुषों(15-49 आयु वर्ग) का बीएमआई 18.5 किलोग्राम प्रतिवर्ग मीटर से कम है

 

---नेशनल फैमिली हैल्थ सर्वे-3 के मुताबिक साल 2005-06 में 33 फीसद महिलाओं और 28.1 प्रतिशत पुरुषों का बीएमआई सामान्य से कम था.

 

---कम वजन की समस्या से जूझ रही महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा झारखंड में है. झारखंड में 31.5 फीसद महिलाओं का बीएमआई सामान्य से कम है. इसके बाद बिहार का स्थान है जहां 30.4 फीसद महिलाओं का बीएमआई सामान्य से कम है. मध्यप्रदेश(28.3 प्रतिशत), गुजरात(27.2 प्रतिशत) और राजस्थान(27.0 प्रतिशत) में भी कम वजन की समस्या से जूझ रही महिलाओं की संख्या बहुत ज्यादा है.

 

---सामान्य से कम बीएमआई की महिलाओं की सबसे कम संख्या सिक्किम में है. यहां 6.4 फीसद महिलाओं का बीएमआई सामान्य से कम है. इसके बाद मिजोरम(8.3 प्रतिशत), अरुणाचल प्रदेश(8.5 प्रतिशत), मणिपुर(8.8 प्रतिशत) और केरल(9.7 प्रतिशत) का स्थान है.  

 

---तुलनात्मक रुप से देखें तो 2015-16 में मध्यप्रदेश में सामान्य से कम बीएमआई वाले पुरुषों की संख्या सबसे ज्यादा(28.4 प्रतिशत) है. इसके बाद उत्तरप्रदेश(25.9 प्रतिशत), बिहार(25.4 प्रतिशत), गुजरात(24.7 प्रतिशत) और छतीसगढ़(24.1 प्रतिशत) का स्थान है.

 

---सामान्य से कम बीएमआई वाले पुरुषों की सबसे कम संख्या सिक्किम में है. यहां केवल 2.4 फीसद पुरुषों का बीएमआई सामान्य से कम है. इसके बाद मिजोरम(7.2 प्रतिशत), अरुणाचल प्रदेश(8.3 प्रतिशत) और गोवा(10.8 प्रतिशत) का स्थान है.  

 

---सामान्य से कम बीएमआई वाले स्त्री-पुरुषों के बीच सबसे ज्यादा अन्तर वाला राज्य झारखंड है. इसके बाद ओड़ीशा, असम और बिहार, हरियाणा तथा महाराष्ट्र का स्थान है. 

 


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