मानव  विकास सूचकांक

मानव विकास सूचकांक

 खास बात

* भारत का एचडीआई इंडेक्स(मानव विकास सूचकांक या ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स)  0.609 है यानी कुल 188  देशों के बीच भारत का स्थान इस पैमाने पर  130 वां है।*

* भारत का एचपीआई-1 (ह्यूमन पॉवर्टी इंडेक्स) मान  31.3 है , यानी कुल 108   देशों के बीच भारत का स्थान इस पैमाने पर 62 वां है।*

*  मानव विकास सूचकांक के मामले में देश के प्रांतों में केरल सबसे आगे(0.638) है इसके बाद पंजाब (0.537), तमिलनाडु (0.531), महाराष्ट्र (0.523) और हरियाणा (0.509) का नंबर आता है( साल2001 के लिए) **

* मानव विकास सूचकांक के मामले में सबसे पिछड़ा राज्य बिहार  (0.367) है। बिहार के तुरंत बाद असम (0.386), उत्तरप्रदेश (0.388) और मध्यप्रदेश (0.394) का नंबर है।**

* भारत में गरीबों की संख्या (हेडकाऊंट रेशियो-एचसीआर) साल 2004-05 की तुलना में 2009-10 में 7.3 फीसदी घटी है। साल 2004-05 में गरीबों की संख्या 37.2%  थी जो साल 2009-10 में घटकर 29.8% फीसदी हो गई। ग्रामीण इलाकों में गरीबों की संख्या 8.0 फीसदी कम हुई है(41.8% से घटकर 33.8%) और शहरी इलाके में 4.8 फीसदी(25.7% से घटकर 20.9%)।.  ***

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ग्रामीण इलाको में, अनुसूचित जनजातियों में गरीब व्यक्तियों की तादाद सबसे ज्यादा (47.4%) है, इसके बाद अनुसूचित जाति (42.3%) और अन्य पिछड़ा वर्ग(31.9%) में गरीबों की संख्या क्रमागत रुप से ज्यादा है। सभी वर्गों को एकसाथ करके देखें तो गरीबों की तादाद  का औसत 33.8% निकलकर आता है।.***


* साल 1993–94 और साल 2004–05 यानी कुल दस सालों की अवधि में खेतिहर मजदूर परिवारों की गरीबी के लिहाज से आंकडे में कोई खास परिवर्तन नजर नहीं आता। ग्रामीण गरीब परिवारों में ऐसे परिवारों की संख्या 41% फीसदी पर स्थिर है।*** 

 

* ह्ममन डेवलपमेंट रिपोर्ट  2015 , यूएनडीपी
** नेशनल ह्यूमन डेवलपमेंट रिपोर्ट  (2001), योजना आयोग, भारत सरकार द्वारा प्रस्तुत
***मार्च 2012 में योजना आयोग द्वारा जारी गरीबी संबंधी आकलन(2009-10) से संबंधित प्रेसनोट
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