शिक्षा

शिक्षा

What's Inside

 

http://www.unesco.org/fileadmin/MULTIMEDIA/HQ/ED/GMR/pdf/g
mr2010/gmr2010-highlights.pdf
: 

•      मानव विकास सूचकांकों में गिरावट के रुझान हैं। तकरीबन १२ करोड़ पचास लाख अतिरिक्त लोग साल २००९ में कुपोषण के जाल में फंसे और आशंका है कि ९ करोड़ की और आबादी साल २०१० तक गरीबी के जाल में फंसेगी।


•        बढती गरीबी, बेरोजगारी और घटती मजदूरी के कारण कई गरीब परिवार शिक्षा पर हो रहे अपने खर्चे में कटौती कर रहे हैं और अपने बच्चों का नाम स्कूल से कटवा रहे हैं।

•        साल १९९९ से लेकर अबतक स्कूल वंचित बच्चों की तादाद में में विश्वस्तर पर कमी(३ करोड़ ३० लाख) आई है। दक्षिण और पश्चिम एशिया में स्कूल वंचित बच्चों की तादाद में ५० फीसदी से ज्यादा की कमी आई है। यह संख्या तकरीबन २ करोड़ १० लाख के बराबर पहुंचती है।

•        विश्वस्तर पर देखें तो स्कूल वंचित बच्चियों की संख्या भी कम हुई है। पहले यह ५८ फीसदी थी और अब घटकर ५४ फीसदी हो गई है। प्राथमिक शिक्षा के स्तर पर लैंगिक-असमानता में कई देशों में कमी आ रही है।

•        साल १९८५-१९९४ और साल २०००-२००७ के बीच विश्वस्तर पर व्यस्क साक्षरता की दर में १० फीसदी का इजाफा हुआ। फिलहाल व्यस्क साक्षरता दर ८४ फीसदी है। व्यस्क पुरुषों की तुलना में व्यस्क महिलाओं की साक्षरता दर इस अवधि में कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ी है।

•        प्रति वर्ष १७ करोड़ ५० लाख बच्चे विश्व में कुपोषण से प्रभावित होते हैं। यह तथ्य सेहत और शिक्षा के लिहाज से एक आपात् स्थिति की सूचना देता है।

•        साल २००७ में ७ करोड़ २० लाख बच्चे स्कूल वंचित थे। अगर मौजूदा हालात जारी रहे तो २०१५ तक कुल ५ करोड़ ६० लाख बच्चे स्कूल वंचित रहेंगे।

•        शिक्षा से संबंधित लक्ष्यों में साक्षरता को सबसे कम महत्व मिला है। विश्व में कुल ७५ करोड़ ९० लाख लोग निरक्षर हैं और इनमें महिलाओं की संख्या दो तिहाई है।

•        साल २०१५ तक सार्विक प्राथमिक शिक्षा के लक्ष्य को पूरा करने के लिए १० लाख ९० हजार अतिरिक्त शिक्षकों की जरुरत पड़ेगी।

•        कुल २२ देशों में ३० फीसदी से ज्यादा नौजवानों को महज चार साल तक की शिक्षा हासिल हुई है। ऐसे नौजवानों की तादाद उप सहारीय अफ्रीकी के ११ देशों में ५० फीसदी से भी ज्यादा है।

 

Rural Experts

Related Articles

 

Write Comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Video Archives

Archives

share on Facebook
Twitter
RSS
Feedback
Read Later