शिक्षा

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What's Inside

 
 
 
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• रोजगारपरक औपचारिक पेशेवर शिक्षा हासिल करने वाले या हासिल कर रहे 15 साल या इससे ज्यादा उम्र के 58.3 प्रतिशत लोग रोजगारशुदा हैं, 5.9 प्रतिशत लोग बेरोजगार हैं और ऐसे 35.8 प्रतिशत व्यक्ति श्रमबाजार में शामिल नहीं है.

 

• रोजगारपरक औपचारिक पेशेवर शिक्षा हासिल करने वाले या हासिल कर रहे 15 साल या इससे ज्यादा उम्र के लोगों में 25.1 प्रतिशत कंप्यूटर-ट्रेड के क्षेत्र में प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं, ड्राइविंग और मोटर मैकेनिक का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लोगों की संख्या ऐसे लोगों में 12.2 प्रतिशत है जबकि इलेक्ट्रिकल तथा इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले ऐसे लोगों की संख्या 11.2 प्रतिशत है.

 

• ग्रामीण क्षेत्र में 18-2 प्रतिशत और शहरी क्षेत्र में 5.9 प्रतिशत परिवारों में 15 साल या इससे अधिक उम्र का एक भी व्यक्ति ना पढ़ा लिखा नहीं है यानी वह ना तो कोई एक संदेश ठीक-ठीक लिख सकता है ना ही समझ सकता है.

 

• देश में 7 साल या इससे ज्यादा उम्र के लोगों के बीच साक्षरता दर साल 2011-12 में 74.7 प्रतिशत थी..

 

• शहरों में इस आयु वर्ग में साक्षरता दर 86 प्रतिशत और गांवों में 86 प्रतिशत थी.

 

• तकरीबन 79.1 प्रतिशत ग्रामीण पुरुष 60.6 प्रतिशत ग्रामीण महिलाएं साक्षर हैं. शहरी इलाकों में पुरुषों के बीच साक्षरता दर 91.1 प्रतिशत तथा महिलाओं में 80.3 प्रतिशत है.

 

• 15 साल या इससे ज्यादा उम्र के कुल 2.4 प्रतिशत लोगों ने तकनीकी शिक्षा डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट स्तर की हासिल की है. गांवों में ऐसे लोगों की संख्या 1.1 प्रतिशत तथा शहरों में 5.5 प्रतिशत है.

 

• तकनीकी शिक्षा प्राप्त लोगों में सर्वाधिक संख्या डिप्लोमाधारी लोगों की है. शहरों में तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने वाले लोगों में डिप्लोमाधारियों की संख्या 80.2 प्रतिशत है तो गांवों में 91.9 प्रतिशत.

 

• 5 साल से 29 साल के आयुवर्ग में आनेवाले कुल 57.7 प्रतिशत लोग फिलहाल किसी ना किसी शैक्षिक संस्थान में जा रहे हैं. ग्रामीण इलाके में इस आयु वर्ग के 57.4 प्रतिशत तो शहरी इलाके में 58.5 प्रतिशत लोग किसी ना किसी शैक्षिक संस्थान में जा रहे हैं.

 

• 5-29 साल के आयुवर्ग के लगभग 64.5 प्रतिशत लोग सरकारी या फिर स्थानीय निकायों से संबद्ध शैक्षिक संस्थानों में जा रहे हैं जबकि 12.3 प्रतिशत लोग निजी संस्थानों में शिक्षा हासिल करने के लिए जा रहे हैं.

 

• किसी भी किस्म के शिक्षा संस्थान में ना जाने वाले लोगों में से 70 प्रतिशत पुरुषों का कहना है कि वे परिवार की आमदनी की जरुरतों को पूरा करने की वजह से शिक्षा संस्थान नहीं जा रहे जबकि शिक्षा संस्थान ना जाने वाली महिलाओं के लिए सबसे बड़ा कारण घर के कामकाज में हिस्सा बंटाना है.

 

• ग्रामीण इलाके में 27 प्रतिशत और शहरी इलाके में 26.4 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे कभी किसी शिक्षा संस्थान में नहीं गये क्योंकि शिक्षा को अनिवार्य नहीं माना गया.

 

• ग्रामीण इलाके में 3.6 प्रतिशत और शहरी इलाके में 3.4 प्रतिशत लोगों ने कहा कि शिक्षा संस्थान दूर होने की वजह से वहां जाना नहीं हो सका.

 
Rural Experts

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