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वाराणसी: सीवर में उतरे दो सफाई कर्मचारियों की मौत

ं घुसे थे. शुक्रवार तड़के 4 बजे अचानक मेनहोल की दीवार खिसकने की वजह से तीनों मजदूर उसमें फंस गए. हालांकि, उमेश ज्यादा नीचे न होने के कारण बाहर निकल आया. घटना की सूचना मिलते ही

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नगालैंड: कोयला खदान में भूस्खलन से चार मज़दूरों की मौत

कोहिमा: नगालैंड में अवैध तरीके से किए जा रहे खनन के दौरान खदान धंसने से चार मजदूरों की मौत हो गई है. यह घटना शनिवार को लॉगलेंग जिले के योंग्लोक गांव के एक अवैध कोयले खदान में घट

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खेती फायदेमंद तभी किसान खुशहाल-- मोंटेक सिंह अहलूवालिया

धिक से अधिक निवेश करें और इससे अच्छी-खासी कमाई हो सके। समृद्ध खेती से खेतिहर मजदूरों की मजदूरी भी बढ़ेगी और गैर-कृषि उत्पादों की मांग में भी वृद्धि होगी। चूंक

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किसानों को मिले दीर्घकालिक हल-- आशुतोष चतुर्वेदी

ानों पर विशेष मेहरबान है. अंतरिम वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बजट में किसानों, मजदूरों और मध्य वर्ग को ध्यान में रखते हुए कई घोषणाओं का एलान किया. यह मौजूदा सरकार का अंतिम बजट

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आर्थिक संतुलन लेकिन नजर वोट पर-- कन्हैया सिंह

ा दिया है। चुनाव के हिसाब से यह बहुत बड़ी संख्या है। इसके अलावा, हर क्षेत्र के मजदूरों के लिए भी कुछ न कुछ है। आयकर को लेकर एक और महत्वपूर्ण घोषणा वित्त मंत्री ने की है। अब इसकी

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मेघालय कोयला खदान: 34वें दिन एक मज़दूर का शव मिला, 14 लोगों का अभी भी पता नहीं

शिलांग: मेघालय के एक कोयला खदान में पिछले एक महीने से 15 मजदूर फंसे हुए हैं. उनको निकालने के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन में एक महीने बाद एक मजदूर का शव बराम

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बंगालः किसानों पर ‘ममता’, जीवन बीमा और वित्तीय सहायता देगी सरकार

ें 5,000 रुपये प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी. इसमें किसान और खेतिहर मजदूर दोनों शामिल हैं. द प्रिन्ट हिन्दी पर प्रकाशित इस कथा को विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्ल

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समस्या की अनदेखी करते समाधान-- हिमांशु

मीण क्षेत्र गहरे संकट में है, जहां मांग अपने सबसे निचले स्तर पर है। वास्तविक मजदूरी में भी गिरावट जारी है। बढ़ती लागत और फसलों की कम कीमत के कारण किसानों की आमदनी घटी है। नोटबं

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किसानों की नाराजगी का नतीजा-- नीरजा चौधरी

्य शहर में काम करने जाया करता था। वह वहां निर्माण-कार्यों में जुट जाता या फिर मजदूरी आदि करता। मगर नोटबंदी की वजह से अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती से ऐसी संभावनाएं भी खत्म हो गईं

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ऐसा कर्ज तो किसान को डुबोएगा ही-- सोमपाल शास्त्री

िष्ठान के लिए संभव हो। इस ‘किसान मुक्ति मार्च' में देश के 206 किसान व खेतिहर मजदूर संगठनों ने हिस्सा लिया। इतने सारे किसान संगठनों का होना चौंकाता है। यानी हर राज्य और केंद्

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