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मेघालय कोयला खदान: 34वें दिन एक मज़दूर का शव मिला, 14 लोगों का अभी भी पता नहीं

शिलांग: मेघालय के एक कोयला खदान में पिछले एक महीने से 15 मजदूर फंसे हुए हैं. उनको निकालने के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन में एक महीने बाद एक मजदूर का शव बराम

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बंगालः किसानों पर ‘ममता’, जीवन बीमा और वित्तीय सहायता देगी सरकार

ें 5,000 रुपये प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी. इसमें किसान और खेतिहर मजदूर दोनों शामिल हैं. द प्रिन्ट हिन्दी पर प्रकाशित इस कथा को विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्ल

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समस्या की अनदेखी करते समाधान-- हिमांशु

मीण क्षेत्र गहरे संकट में है, जहां मांग अपने सबसे निचले स्तर पर है। वास्तविक मजदूरी में भी गिरावट जारी है। बढ़ती लागत और फसलों की कम कीमत के कारण किसानों की आमदनी घटी है। नोटबं

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किसानों की नाराजगी का नतीजा-- नीरजा चौधरी

्य शहर में काम करने जाया करता था। वह वहां निर्माण-कार्यों में जुट जाता या फिर मजदूरी आदि करता। मगर नोटबंदी की वजह से अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती से ऐसी संभावनाएं भी खत्म हो गईं

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ऐसा कर्ज तो किसान को डुबोएगा ही-- सोमपाल शास्त्री

िष्ठान के लिए संभव हो। इस ‘किसान मुक्ति मार्च' में देश के 206 किसान व खेतिहर मजदूर संगठनों ने हिस्सा लिया। इतने सारे किसान संगठनों का होना चौंकाता है। यानी हर राज्य और केंद्

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कृषि व्यवस्था दुरुस्त करना जरूरी-- वरुण गांधी

खरीफ फसलों में निवेश के चलते कर्ज तले दबे हुए हैं. अब यहां के ग्रामीणों को मजदूरी की तलाश में रोजाना पास के शहरी इलाकों में भटकते देखा जा सकता है. पिछले कुछ वर्षों में विदर्

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किसानों के प्रति उदासीनता- योगेन्द्र यादव

करता है, उसमें गांव उजड़ेंगे, किसान के हाथ से खेती जायेगी और किसान शहरों में मजदूर बनेंगे. केवल व्यवस्था विरोध व वैचारिक विरोध के मायने में मोदी सरकार देश की पहली या सबसे

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45 परिवारों की जिंदगी झोपड़ी में, 55 वर्षों में न अनाज मिला

हार पयला, दीया, बर्तन, रस्सी बनाने जैसे परंपरागत काम के अलावा नौजवान दिहाड़ी मजदूरी कर पेट भरते है़ं बस्ती के अधिकतर नौजवान किसी तरह चौथी से सातवीं तक की पढ़ाई पूरी कर पाये है

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मातृत्व लाभ हर महिला का अधिकार- ज्यां द्रेज

िख रहा था. लातेहार के दुम्बी गांव की मुन्नी देवी के पति सर्वेक्षण के दौरान ही मजदूरी की तलाश में कहीं पलायन कर चुके थे. मुन्नी अकेली घर और खेत दोनों संभाल रही थी. उसके दो बच्च

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श्रमिकों की गरिमा व बिहार की अस्मिता-- मिहिर भोले

्रवासन में भी कमी आयी है. फिर यह कहकर लोगों को मारपीट के लिए उकसाना कि बिहारी मजदूरों की वजह से गुजरात में बेरोजगारी बढ़ी है, यह सिर्फ राजनीति-प्रेरित ही हो सकता है. लेकिन, ह

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