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तेजी से घटी है गरीबी मगर भारत में गरीबों की तादाद अब भी सबसे ज्यादा- एमपीआई रिपोर्ट

ांक(एमपीआई) गरीबी के आकलन में कहीं ज्यादा उपयोगी है. इससे पता चलता है कि सेहत, शिक्षा तथा जीवन-स्तर के लिहाज से कितने लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे आकलन के लिए

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अलोकतांत्रिक भारत और आरक्षण--- केसी त्यागी

ीसदी मुस्लिम स्कूल व कॉलेज नहीं जा पाते. इन जातियों में हायर सेकेंड्री तक की शिक्षा ग्रहण करनेवाली ग्रामीण आबादी महज 36 फीसदी है, जबकि मुसलमानों में यह मात्र 15 फीसदी ही है. इन

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क्यों नहीं सुरक्षित हैं बेटियां --- वी मोहिनी गिरी

को होगा। इसीलिए फांसी की बजाय बलात्कारियों को कठोर सजा मिलनी चाहिए। सवाल शिक्षा तंत्र में सुधार का भी है। जब मैं बच्ची थी, तो ‘मोरल साइंस' जैसा विषय हमें पढ़ाया जाता था। उस

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शिक्षा की तस्वीर संवारने के जतन - प्रकाश जावडेकर

लिए लंबित है।   हमारी सरकार का मानना है कि शिक्षक जितना सुयोग्य होता है, शिक्षा उतनी ही सार्थक होती है। हम जब सरकार में आए, तब देश में 15 लाख शिक्षक ऐसे थे, जो 5वीं कक्षा तक के

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'अर्बन नक्सल' कौन है, कहां है-- रविभूषण

सीएल) की महासचिव, वकीलों के एक समूह 'जनहित' की संस्थापक, आइआइटी, कानपुर से उच्च शिक्षा प्राप्त, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली में विजिटिंग प्रोफेसर हैं. गौतम नवलखा इपीडब्ल्यू प

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भविष्य के शिक्षक, शिक्षकों का भविष्य-- हरिवंश चतुर्वेदी

ता है। लेकिन क्या डॉ राधाकृष्णन की कल्पना के अनुरूप आज भी समाज में शिक्षक और शिक्षा के पेशे को हम वह सम्मान दे पाए हैं, जो उन्हें मिलना चाहिए? हम इंजीनियरों, डॉक्टरों, चार्टर्ड

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सड़कों पर उतरे देशभर के किसान-मजदूर

ने स्कूलों को प्रोत्साहित किया कि वह स्थानीय बैंकों, डाक कार्यालयों, राज्य शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के साथ मिलकर अपने परिसर में बच्चों का आधार कार्ड बनवाने और उसे अपडेट

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आधार कार्ड के अभाव में स्कूल दाखिला देने से नहीं कर सकते इनकार

ने स्कूलों को प्रोत्साहित किया कि वह स्थानीय बैंकों, डाक कार्यालयों, राज्य शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के साथ मिलकर अपने परिसर में बच्चों का आधार कार्ड बनवाने और उसे अपडेट

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शिक्षक यात्रा : मालिक से मजदूर तक-- मृदुला सिन्हा

े कसाई नहीं कहता था. उसकी नीयत पर कोई उंगली नहीं उठाता था. क्या बाप, क्या दादा, शिक्षार्थी के घर वाले शीश झुकाते थे उनके आगे. जिस दिन गुरुजी ने छड़ी से बेटे की पीठ फाड़ दी, उसी रा

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