खोज परिणाम

Total Matching Records found : 360

मोदी 1.0 के दौरान, कॉरपोरेट्स को 4.3 लाख करोड़ की रियायतें दी गईं

ै; स्कूल और साक्षरता विभाग, 56,537 करोड़ रुपये; उच्च शिक्षा विभाग, 38,317 करोड़ रुपये; पेयजल और स्वच्छता विभाग, 20,016 करोड़ रुपये आदि ख़र्च करनी की योजना है। न्यूज क्लिक पर प्रकाशित इस कथ

कुछ और »

एससी/एसटी छात्रों की शिक्षा के लिए बजट में कटौतीः दलित एवं आदिवासी अधिकार समूह

र बजट में कटौती की गई है, उनमें ग्रामीण विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्य उद्योग और पेयजल एवं स्वच्छता हैं. वहीं, अनुसूचित जनजाति के विकास की बात करें तो बजट में सूक्ष्म, लघु और मध्

कुछ और »

दूषित पेयजल: बिहार, बंगाल और यूपी आर्सेनिक मिले पेयजल से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य

क-प्रभावित जिलों की तादाद भले ही बिहार में ज्यादा हो लेकिन आर्सेनिक-संदूषित पेयजल से प्रभावित सर्वाधिक बस्तियां पश्चिम बंगाल में है. पेयजल एवं स्वच्छता मं

कुछ और »

अगली सरकार की बड़ी चुनौतियां -- अनिल गुप्ता

ा। साथ ही, नए जल संरक्षण प्रबंध भी युद्ध स्तर पर करने चाहिए। आने वाले समय में पेयजल की समस्या और बढ़ने की आशंका है, लेकिन इससे पूरी तरह बचा भी जा सकता है। सिंचाई संसाधनों की कमी

कुछ और »

प्राथमिकता नहीं है पर्यावरण-- ज्ञानेन्द्र रावत

गा, वहीं सूखे की गिरफ्त में आनेवाले इलाकों में भी इजाफा होगा. एक परिणाम भयंकर पेयजल संकट के रूप में भी होगा. खाद्य सुरक्षा खतरे में पड़ने से कुपोषण के शिकार लोगों की संख्या बढ़

कुछ और »

45 परिवारों की जिंदगी झोपड़ी में, 55 वर्षों में न अनाज मिला

्त बिजली कनेक्शन, एक बल्ब का सौभाग्य योजना 7. आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा 8. पेयजल के लिए योजना 9. सखी मंडल, सेल्फ हेल्प ग्रुप 10. कारीगरों के प्रशिक्षण के लिए चलनेवाली योजनाएं

कुछ और »

तेजी से घटी है गरीबी मगर भारत में गरीबों की तादाद अब भी सबसे ज्यादा- एमपीआई रिपोर्ट

ोषण, बाल-मृत्यु, स्कूली वर्ष, स्कूल में उपस्थिति, साफ-सफाई, खाना पकाने के ईंधन, पेयजल, बिजली, आवास तथा संपदा की उपलब्धता का आकलन किया जाता है. अगर कोई व्यक्ति इन 10 संकेतकों में से

कुछ और »

20 साल में 60% एक्वीफर हो जायेंगे खाली फिर कैसे मिलेगा हर खेत को पानी ?

ल भूजल को बढ़ते उपयोग से जुड़ा था. सिंचाई की सुविधा वाली 60 फीसद खेतिहर जमीन और पेयजल-आपूर्ति का 85 प्रतिशत हिस्सा फिलहाल भूगर्भी पानी के भरोसे है. विश्वबैंक की रिपोर्ट के मु

कुछ और »

गरीबी में गिरावट संतोषजनक--- अजीत रानाडे

र तो गौर करना ही होगा, साथ ही नयी परिभाषा में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्यचर्या, पेयजल, प्राथमिक शिक्षा एवं स्वच्छता तक पहुंच को भी शामिल करना ही होगा. हमारी खुशहाली के इन नये संक

कुछ और »

गंभीर जलसंकट से गुजर रहा है भारत, प्रति वर्ष हो रही दो लाख की मौत

रबंधन के आकलन एवं सुधार का एक महत्वपूर्ण जरिया होगा. इसे जल संसाधन मंत्रालय, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय तथा सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी के साथ तैयार

कुछ और »

Video Archives

Archives

share on Facebook
Twitter
RSS
Feedback
Read Later