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कश्मीर का मन मरघट बन गया है…-- कुमार प्रशांत

यथार्थ है जो अपरिवर्तनीय-सा है, कुरूप है, क्रूर है, अलोकतांत्रिक है और हमारी लोकतांत्रिक राजनीति के दारिद्रय का परिचायक है. इंदिरा गांधी ने भी आपातकाल के दौरान भी लोकसभा क

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जाति के समीकरण का टूटना- मनीषा प्रियम

ाव के गणित पर तैयार एक गठजोड़ बनकर रह गया। बहरहाल, नरेंद्र मोदी की इस जीत से लोकतांत्रिक राजनीति में एक इतिहास बन गया है। यह इतिहास है, पूर्ण बहुमत के साथ एक राष्ट्रीय दल का क

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सामाजिक एका का अधूरा एजेंडा - (कै.) आर विक्रम सिंह

या जो जातीय भिन्न्ताओं, सामाजिक विषमताओं और कुरीतियों को संबोधित कर सके। जब लोकतांत्रिक राजनीति ने जातियों को स्वीकार्यता दे दी, तो कोई सामाजिक नेता जातीय सोच के विरुद्ध वि

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महिला आरक्षण पर हो गंभीर चर्चा - डॉ. एके वर्मा

सेदारी पर अटक गई, उसके औचित्य और परिणाम पर किसी का ध्यान ही नहीं गया। यह कैसी लोकतांत्रिक राजनीति है कि समाज के प्रत्येक वर्ग को उसकी जनसंख्या के अनुपात में हिस्सेदारी दे दी

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किस दिशा में जा रहा समाज-- महेश तिवारी

का गला घोंट दिया है! भीड़ के बेकाबू तथा आपराधिक होने का एक मुख्य कारण हमारी लोकतांत्रिक राजनीतिक व्यवस्था भी है, जो अपने निहित स्वार्थों को साधने के लिए संख्या-बल को सर्वोप

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विकास की परिभाषा में बच्चे कहां!-- अनुज लुगुन

अपने बच्चों की कीमत पर हासिल करने के लिए लालायित हैं. हमारे देश की कथित लोकतांत्रिक राजनीति के एजेंडे में न कभी बच्चे रहे हैं और न ही उनका बचपना रहा है. दरअसल, हमारे देश क

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130वें पायदान पर!

कारी स्वरूप पर भी एक टिप्पणी है. मानव-विकास रिपोर्ट के संकेत यही हैं कि हमारी लोकतांत्रिक राजनीति को लोक-कल्याणकारी होने के लिए अभी काफी कुछ करने की जरूरत है.

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मांस के कारोबार पर सवाल क्यों नहीं? - आलोक मेहता

ीय संस्था 'कोडेक्स" की रिपोर्ट पर सरकार ने क्या ध्यान देने का कष्ट उठाया है? लोकतांत्रिक राजनीति तभी सफल होगी, जब अमीर या गरीब को जिंदा रखने लायक सही और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य

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अति पिछड़ों की राजनीतिक भूमिका-- बद्री नारायण

ाव किन्हीं विशेष जगहों पर केंद्रित न होकर फैला और छितराया हुआ होता है। यानी लोकतांत्रिक राजनीति में इनका संख्याबल ज्यादा नहीं होता। फिर फैली हुई और बिखरी हुई बसाहट के कारण

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चिंताजनक है बढ़ती शिक्षित बेरोजगारी-- रामदत्त त्रिपाठी

स, परिवहन या पर्यटन व्यवसाय में लगेंगे? अगर बेरोजगार युवा निराश हुए, तो हमारी लोकतांत्रिक राजनीतिक व्यवस्था के लिए खतरा पैदा हो सकता है।

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