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परीक्षा के अंक नहीं हैं जिंदगी का पैमाना- आशुतोष चतुर्वेदी

त्महत्या को आखिरी विकल्प क्यों मान रहा है? बच्चों की बढ़ती आत्महत्या भारतीय शिक्षा प्रणाली पर भी सवाल खड़े करती है. यह सही है कि मौजूदा दौर में बच्चों का पढ़ाना अब आसान नहीं

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बिहार के स्कूलों में स्थायी शिक्षकों की भर्ती बंद करने की अनुमति

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में नेबरहुड स्कूलिंग के जरिए शिक्षा में प्रगति, बालिकाओं के स्कूल आने में बढ़ोतरी, जन्मदर में भारी कमी को देखते हुए स्थायी शिक्षकों की भर्ती को बंद कर

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‘सरकार हमें पानी और गंदगी की समस्याओं से आगे बढ़ने दे तो शिक्षा या दूसरी चीज़ों के बारे में सोचें’

वर्तमान चुनावों के संदर्भ में टीवी चैनलों के लिए भले ही हिंदू-मुस्लिम, पाकिस्तान, राष्ट्रवाद, चौकीदार आदि सबसे ज़रूरी मुद्दे हों, पर देश की राजधानी दिल्ली में एक ऐसा इलाक़ा भी है जहां के क़रीब 70

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तीस लाख मतदाता चाहें भी तो इस चुनाव में मतदान नहीं कर सकते- आखिर क्यों, पढ़िए इस एलर्ट में !

ता है. शोध-अध्ययन में शामिल 77 प्रतिशत कामगारों ने कहा कि उनके बच्चे प्राथमिक शिक्षा से वंचित हैं. कुल 73 प्रतिशत कामगारों का कहना था कि उनके बच्चों को आंगनबाड़ी से दी जा रही सुव

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राजस्थान के आदिवासी भील किसी भी दल की प्राथमिकता में क्यों नहीं हैं

ज़्यादा की आबादी अनपढ़ है और 53 हज़ार लोग नॉन वर्कर हैं. जागरूकता की कमी और अशिक्षा की वजह से भीलों की ज़्यादातर आबादी नशे की शिकार है. अधिकतर गांवों में महिलाएं ही मज़दूरी क

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आज के समय में जाति के विरोध में कोई भी आंदोलन होता नहीं दिखता: आनंद तेलतुम्बड़े

नई दिल्ली: जाने-माने शिक्षाविद, लेखक और भीमा कोरेगांव प्रकरण में आरोपी प्रो. आनंद तेलतुम्बड़े ने आंबेडकर जयंती के मौके पर नई दिल्ली में एक सार्वजनिक सभा को संभोधित किया. इस म

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सरकारी स्कूल फेल नहीं हुए, इन्हें चलाने वाली सरकारें फेल हुई हैं- जावेद अनीस

शिक्षा का अधिकार क़ानून (आरटीई) लागू हुए 9 साल पूरे हो चुके हैं लेकिन आज की स्थिति में 90 फीसदी से अधिक स्कूल आरटीई के मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं. इस दौरान सरकारी स्कूलों की स्थ

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चुनाव चर्चा से नदारद पुलिस सुधार- विभूति नारायण राय

थार्थ नहीं था, जात-पात में बंटे भारतीय समाज में नागरिकों की सारी गतिविधियां- शिक्षा, व्यापार, संपत्ति या शासकीय सेवाएं, सब कुछ जन्म की जाति से निर्धारित होता था। अंग्रेज इसे प

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बिहार में शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल, किसी ने टेबल पर बैठकर तो किसी ने मोबाइल की रोशनी में दी परीक्षा

बिहार के बेतिया में स्नातक पार्ट-2 की एमआईएल की शुक्रवार को हो रही परीक्षा में अफरातफरी मच गई। क्षमता से अधिक परीक्षार्थियों के होने के कारण जहां-तहां छात्रों को बैठा दिया गया। एक-एक बेंच पर प

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उच्च शिक्षा, शोध के लिए अधिक फंड की ज़रूरत है: यूजीसी चेयरमैन

: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि भारत में उच्च शिक्षा प्रणाली सरकार (केंद्रीय और राज्य) और निजी संगठनों द्वारा अधिक वित्तीय एवं अन्य संसाधन उपल

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