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मोदी सरकार के पास रोज़गार वृद्धि का नहीं है कोई आंकड़ा, संसदीय समिति करेगी खुलासा

यह भी शामिल है कि भारत में रोजगार को मापने के लिए विश्वसनीय तंत्र की कमी है. सूत्रों के मुताबिक, मुरली मनोहर जोशी अब लोकसभा में रिपोर्ट पेश करेंगे. पहली बार, यह समिति के तीन भा

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आसान नहीं आरक्षण की राह-- प्नो. फैजान मुस्तफा

अदालत में सुनवाई नहीं हो सकती, यह कहता है कि राज्य ‘कमजोर वर्गों', खासकर अनुसूचित जातियों (एससी) तथा अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के शैक्षणिक एवं आर्थिक हितों

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बिहार में क्यों निशाने पर हैं आरटीआई कार्यकर्ता?-- उमेश कुमार राय

थ एक और व्यक्ति को ले जाता हूं.' नारायण गिरि वर्ष 2008 से ही आरटीआई के माध्यम से सूचनाएं जुटाने में लगे हुए हैं. उन्होंने बताया, ‘मैं अक्सर समाचारों में सुनता था कि आरटीआई के

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खुदरा मुद्रास्फीति 18 माह के निचले स्तर पर, खाद्य वस्तुएं सस्ती होने से संकट में किसान

य द्वारा सोमवार को जारी किए गए दिसंबर महीने के आंकड़ों के मुताबिक थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई- होलसेल प्राइस इंडेक्स) के अनुसार प्राथमिक खाद्य वस्तुओं के लिए डब्ल्यूपीआ

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सरकार के उच्च विभागों में निर्धारित सीमा से काफी कम है आरक्षित वर्ग का प्रतिनिधित्व

थ सरकार के उच्च विभागों में ग्रुप-ए और ग्रुप-बी तथा अधिकतर संस्थानों में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और खासकर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का प्रत

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पटना : 70% को नहीं मिली साइकिल-पोशाक राशि

रधानाध्यापकों की सुस्ती और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण सूबे के लाखों छात्र साइकिल, पोशाक, छात्रवृति, कन्या उत्थान और किशोरी स्वास्थ्य योजना के लाभ से वं

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आजाद मीडिया के पक्ष में तर्क-- मृणाल पांडे

रकार जितना विपक्ष से या संसद की बैठकों से डरती है, उतना ही आजाद मीडिया के उस रसूखदार हिस्से से भी डरती है, जिसे विज्ञापनों या अन्य सौगातों के जरिये भी वह पालतू नहीं बना पायी. जब

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कृषि में बेहतर होता बिहार-- के सी त्यागी

थिति में कृषि कर्जमाफी किसानों के लिए तात्कालिक राहत जरूर है, लेकिन किसी भी सूरत में यह स्थायी समाधान नहीं हो सकता. इस बीच बिहार में न ही कर्जमाफी को लेकर किसानों का कोई बड़ा आ

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महिला किसानों का संगम रेडियो- बाबा मायाराम

्यादि। जो खेती लगभग उजड़ चुकी थी, उसे फिर से हरा-भरा करने के लिए इसकी जरूरत महसूस की गई। जब इस खेती में महिलाओं को सफलता मिली तो इसके प्रचार-प्रसार किया गया। और इसका माध्यम बना

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