Desh Deshantar: माटी मांगे जीवन | Restoration of Degraded Land (Source: RSTV)

  

10th September, 2019 | Duration: 30 min, 31 sec

  

2 सितंबर से शुरू हुए कॉप -14 सम्मेलन में 196 देशों के प्रतिनिधि दुनिया को बढ़ते मरुस्थलीकरण से बचाने की मुहिम के तहत मंथन कर रहे हैं। इस बार भारत इस कार्यक्रम की मेजबानी कर रहा है। इस सम्‍मेलन में अभी तक दुनिया भर के वैज्ञानिक अपने अपने मुल्‍कों की समस्याएं और उनके निपटने को लेकर उठाए गए कदमों को साझा कर चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के रूख को साफ करते हुए कहा है कि भारत 2030 तक 2 करोड़ 10 लाख हेक्टेयर बंजर जमीन को उपजाऊ बनाने के अपने लक्ष्य को बढ़ाकर 2 करोड़ 60 लाख हेक्टेयर करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मरूस्थलीकरण से निपटने के लिए संयुक्‍त राष्‍ट्र संधि में शामिल देशों के 14वें सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि 2015 और 2017 के बीच भारत में पेड़ और जंगल के दायरे में आठ लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें बंजर भूमि के साथ साथ पानी की कमी की समस्या पर भी ध्यान देना होगा। साथ ही कहा कि भारत सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को रोकने की ओर बढ़ चुका है और दुनिया को भी जल्द ही सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर रोक लगानी होगी। 13 सितंबर तक चलने वाले कॉप-14 से जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता, मरुस्थलीकरण जैसी विश्व व्यापक समस्या का सामना करने के लिए किस तरह का रोडमैप सामने आ रहा है। ताकि आने वाली पीढियों के लिए पृथ्वी सुरक्षित बनी रहे।

 

Guest - Dr. PK Joshi, Former Director South Asia, International Food Policy Research Institute; Prof. SC Dubey, Department of Environment Geology, Delhi University; Sandeep Sen, Sr Journalist & Author

 

Anchor: Preeti 

 

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