आपदा और राहत

आपदा और राहत

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खास बात

• देश में ६० फीसदी भूभाग अलग-अलग तीव्रता के भूकंप की आशंका वाला क्षेत्र है। तकरीबन ४ करोड़ हेक्टेयर भूभाग बाढ़ की आशंका वाला क्षेत्र है, ८ फीसदी भूभाग चक्रवात और ६८ फीसदी भूभाग सूखे की आशंका वाला क्षेत्र है।*
• प्राकृतिक आपदा के कारण १९९०-२००० के दशक में प्रति साल औसतन ४३४४ लोगों ने जान गंवायी और ३ करोड़ लोग किसी ना किसी तरह प्रभावित हुए।*
• अक्तूबर १९९९ का उड़ीसा का चक्रवात और साल २००१ का भुज (गुजरात) का भूकंप इस बात को रेखांकित करते हैं कि प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए बहुआयामी उपाय करने होंगे।*
• भारत में अब भी खेती का एक बड़ा हिस्सा मानसून की बारिश पर निर्भर है।**

* डिसास्टर मैनेजमेंट इन इंडिया, मिनिस्ट्री ऑव होम अफेयर, गवर्नमेंट ऑव इंडिया
** नैचुरल डिसास्टरस् एंड क्राप मैनेजमेंट, गवर्नमेंट ऑव इंडिया




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