पलायन (माइग्रेशन)

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What's Inside

 

द इंडिया माइग्रेशन नाउज् इंटरस्टेट माइग्रेंट्स पॉलिसी इंडेक्स (IMPEX) 2019, अंतरराज्यीय प्रवासियों के एकीकरण पर राज्य की नीतियों के संबंध में भारत के सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को रैंक और तुलना करने के लिए एक सूचकांक है. यह सूचकांक विभिन्न संकेतकों की सहायता से अंतरराज्यीय प्रवासियों के एकीकरण की सुविधा के लिए आवश्यक राज्य स्तरीय नीतियों का मूल्यांकन करता है. सूचकांक प्रवासी कल्याण के मद्देनजर राज्यों की नीतियों की जांच करता है.

CIDOB-बार्सिलोना सेंटर फॉर इंटरनेशनल अफेयर्स और MPG- माइग्रेशन पॉलिसी ग्रुप द्वारा बनाए गए माइग्रेंट इंटीग्रेशन पॉलिसी इंडेक्स (MIPEX) की तर्ज पर IMPEX की नींव टिकी है. माने कि यह उसी का एक प्रकार है.

IMPEX 'श्रम बाजार', 'शिक्षा', 'बच्चों के अधिकार', 'सामाजिक लाभ', 'राजनीतिक भागीदारी', 'आवास', 'पहचान और पंजीकरण', और 'स्वास्थ्य और स्वच्छता' जैसे 8 नीति क्षेत्रों पर आधारित है. प्रत्येक नीति क्षेत्र को नीतिगत आयामों और उससे आगे नीति संकेतकों (कुल 63 नीति संकेतक) में बांटा गया है.

प्रति आयाम सभी संकेतकों के औसत स्कोर से एक आयाम स्कोर प्राप्त होता है. सभी आयामों के औसत स्कोर से एक पॉलिसी क्षेत्र स्कोर प्राप्त होता है और अंत में, सभी पॉलिसी क्षेत्रों के औसत स्कोर से निर्णायक राज्य स्तरीय स्कोर प्राप्त होता है.

राज्य विधान और नियम, सरकारी आदेश, योजनाएं/अभियान, सरकारी नीति दस्तावेज, प्रतिष्ठित माध्यमिक स्रोत और प्रत्यक्ष रूप से संबंधित सरकारी विभागों के दस्तावेजों का उपयोग अंतरराज्यीय प्रवासियों के प्रति राज्यों की नीतियों का मूल्यांकन करने के लिए किया गया था.

इंडिया माइग्रेशन नाउज् इंटरस्टेट माइग्रेंट्स पॉलिसी इंडेक्स (आईएमईएक्स) 2019 (2019 में जारी) के प्रमुख निष्कर्ष इस प्रकार हैं (देखने के लिए कृपया यहां, यहां, यहां, यहां और यहां क्लिक करें):

• 0-100 के पैमाने पर भारत के लिए, इंडिया माइग्रेशन नाउज् इंटरस्टेट माइग्रेंट्स पॉलिसी इंडेक्स (IMPEX) 2019 का स्कोर 37 है.

• राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में, सबसे उच्चतम IMPEX स्कोर केरल (63) राज्य का है, जो राष्ट्रीय औसत से बहुत अधिक है. केरल आठ नीतिगत क्षेत्रों में से ‘शिक्षा’ (‘85), ’ बच्चों के अधिकार’ (75),) स्वास्थ्य और स्वच्छता’ (83), और ‘सामाजिक लाभ’ (54) जैसे चार क्षेत्रों में सर्वोच्च स्थान पर है.

• सूचकांक में केरल के बाद गोवा और राजस्थान दोनों 51 अंकों (केरल की तुलना में कम, यानी 12 अंक से कम) के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं.

• सूचकांक में मणिपुर को 19 अंक मिले हैं जोकि सबसे खराब स्थिति में है. मणिपुर ने नीतिगत क्षेत्रों में ‘सामाजिक लाभ’ (0), ‘स्वास्थ्य और स्वच्छता’ (4) और ‘पहचान और पंजीकरण’ (9) में सबसे कम स्कोर हासिल किया है.

• राज्य/केंद्रशासित क्षेत्र जैसे महाराष्ट्र (44), दिल्ली (34), उत्तर प्रदेश (35), गुजरात (35) और हरियाणा (35), जिनमें जनगणना 2011 के प्रवासन डेटा के अनुसार सबसे अधिक अंतर्राज्यीय प्रवासी हैं (उसी क्रम में), ने आईएमईएक्स 2019 के संदर्भ में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया. इनमें से चार राज्यों का स्कोर राष्ट्रीय औसत (37) से कम है. इन राज्यों की नीतियां भारत में अधिकांश अंतरराज्यीय प्रवासियों के कल्याण को प्रभावित करती हैं क्योंकि इन राज्यों में हर साल बड़ी संख्या में प्रवासी प्रवास करते हैं.

• आठ नीति क्षेत्रों में, भारत ने 'बच्चों के अधिकार' (औसत स्कोर 25), 'सामाजिक लाभ' (औसत स्कोर 25) और 'आवास' (27 का औसत स्कोर) के मामले में अन्य नीति क्षेत्रों के सापेक्ष खराब प्रदर्शन किया है, इनके उलट, 'पहचान और पंजीकरण' (65 का औसत स्कोर) और 'श्रम बाजार-लेबर मार्केट' (55 का औसत स्कोर) के मामले में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया है.

 पहचान और पंजीकरण

• अन्य नीति क्षेत्रों की तुलना में, भारत ने 65 के स्कोर के साथ नीति क्षेत्र 'पहचान और पंजीकरण' में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है.

• 'पहचान और पंजीकरण' नीति क्षेत्र में स्थिति अधिकार, स्थिति अधिकारों की सुरक्षा और राज्य निवास स्थिति अधिकारों की सुरक्षा शामिल हैं.

• 'पहचान और पंजीकरण' नीति क्षेत्र के 3 सबसे खराब प्रदर्शनकर्ता मणिपुर (9), ओडिशा (35) और बिहार (43) हैं, जबकि 3 सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनकर्ता पंजाब (89), उत्तर प्रदेश (83) और गुजरात (81) हैं.
 
 श्रम बाजार (लेबर मार्केट)

• नीति क्षेत्र ‘श्रम बाजार’ में, देश का औसत स्कोर 55 है.

• नीति क्षेत्र ‘श्रम बाजार’ लेबर मार्केट तक पहुंच, कार्यस्थल सुविधा और श्रमिकों के अधिकारों पर राज्यों की नीतियों को दर्शाता है.

• उत्तराखंड (28) और कर्नाटक, नागालैंड (33), छत्तीसगढ़ (33) और मणिपुर (33) नीति क्षेत्र 'श्रम बाजार' में 5 सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले राज्य हैं. नीति क्षेत्र 'श्रम बाजार' में बाकी राज्यों की तुलना में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्य / केंद्र शासित प्रदेश सिक्किम (78) और बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम और राजस्थान (72 प्रत्येक) हैं.

 सामाजिक लाभ

• इंडिया माइग्रेशन नाउ एंड माइग्रेशन पॉलिसी ग्रुप द्वारा लिखे गए एक पेपर के अनुसार, सामाजिक लाभ उन व्यक्तियों के लिए सुलभ नहीं हैं जो प्रवास करते हैं और अपने मूल/वास्तविक निवास स्थान पर नहीं रह रहे हैं. नीति क्षेत्र ‘सामाजिक लाभ ’में पात्रता, सुविधा और जरूरी बदलावों के लिए किए गए उपाय शामिल हैं.

• जिन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने 'सामाजिक लाभ' नीतिगत क्षेत्र में शेष से बेहतर प्रदर्शन किया है, वे हैं केरल (54), मध्य प्रदेश (53) और महाराष्ट्र (50). जिन राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों ने 'सामाजिक लाभ' नीति क्षेत्र में शेष की तुलना में खराब प्रदर्शन किया है, वे हैं उत्तर प्रदेश, मेघालय और मणिपुर (0 अंक प्रत्येक).

 बच्चों के अधिकार

• अंतरराज्यीय प्रवास के दौरान सबसे अधिक असर बच्चों पर पड़ता है क्योंकि एक स्थान / राज्य से दूसरे स्थान / राज्य में पलायन के कारण सामाजिक सुरक्षा और शिक्षा तक उनकी पहुंच प्रभावित होती है. नीति क्षेत्र ‘बच्चों के अधिकार’ में उनके अधिकारों और नीतियों की सुविधा, योजनाओं/नीतियों और जरूरी बदलावों के लिए किए गए उपाय शामिल हैं.

• जिन राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों ने 'बच्चे के अधिकार' नीति क्षेत्र में शेष से भी बदतर प्रदर्शन किया है, वे हैं त्रिपुरा (6), झारखंड (6), कर्नाटक (8) और छत्तीसगढ़ (8). जिन राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों ने 'बच्चे के अधिकार' नीतिगत क्षेत्र में बाकी की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है, वे हैं केरल (75), गोवा (50) और राजस्थान (44). 

राजनीतिक भागीदारी

• नीति क्षेत्र 'राजनीतिक भागीदारी' में चुनावी अधिकार, परामर्शदात्री निकाय और कार्यान्वयन नीतियां शामिल हैं.

• राजस्थान (50) ने 'राजनीतिक भागीदारी' नीति क्षेत्र में शेष से बेहतर प्रदर्शन किया है और मिजोरम (0) ने 'राजनीतिक भागीदारी' नीति क्षेत्र में बाकी की तुलना में खराब प्रदर्शन किया है.

 शिक्षा

 • 'शिक्षा' का नीति क्षेत्र शिक्षा तक पहुंच, उपलब्ध सुविधा और आवश्यक परिवर्तन को करने के उपायों पर राज्यों की नीतियों का आकलन करता है.

• नीति क्षेत्र 'शिक्षा' में भारत का औसत स्कोर 33 है.

• जिन राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों ने नीति क्षेत्र 'शिक्षा' में बाकी की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है, वे हैं- केरल (85), आंध्र प्रदेश (69) और ओडिशा (48). जिन राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों ने नीतिगत क्षेत्र 'शिक्षा' में बाकी की तुलना में खराब प्रदर्शन किया है, वे हैं  त्रिपुरा (7), दिल्ली (8) और पश्चिम बंगाल (15).

स्वास्थ्य और स्वच्छता

•  ‘स्वास्थ्य और स्वच्छता’ नीति क्षेत्र स्वास्थ्य और स्वच्छता सेवाओं के अधिकार, उनतक पहुंच के लिए उपलब्ध सुविधा और आवश्यक परिवर्तन करने के उपायों पर राज्यों की नीतियों का आकलन करता है.

• जिन राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों ने ‘स्वास्थ्य और स्वच्छता’ नीति क्षेत्र में शेष से बेहतर प्रदर्शन किया है, वे हैं- केरल (83), आंध्र प्रदेश (79) और तमिलनाडु (71). जिन राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों ने ‘स्वास्थ्य और स्वच्छता’ नीतिगत क्षेत्र में बाकी की तुलना में खराब प्रदर्शन किया है,  वे मणिपुर (4), झारखंड (8) और उत्तराखंड और गुजरात (17 प्रत्येक) हैं.

आवास

• नीति क्षेत्र 'हाउसिंग' यानी ‘आवास’ घर तक पहुंच, सुविधा और आवश्यक बदलावों के लिए किए गए उपायों को शामिल करता है.

• भारत में पॉलिसी क्षेत्र 'हाउसिंग' में औसतन 27 अंक हैं.

• जिन राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों ने नीतिगत क्षेत्र ‘आवास’ में बाकी की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है, वे हैं बिहार (64) और असम और राजस्थान (58 प्रत्येक). वह राज्य जिसने नीति क्षेत्र ‘आवास’ में सबसे खराब प्रदर्शन किया है, वह 'छत्तीसगढ़' (0) है.
 



Rural Expert
 

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