अन्य नीतिगत पहल

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10 जुलाई, 2014 को अरुण जेटली द्वारा दिए गए [inside]केंद्रीय बजट भाषण 2014-15[/inside] के अनुसार (डाउनलोड करने के लिए कृपया यहां क्लिक करें):

बजट का अनुमान

•  12,19,892 करोड़ रुपए का गैर-योजना व्यय के साथ-साथ सशस्त्र बलों के लिए उर्वरक सब्सिडी और पूंजीगत व्यय के लिए अतिरिक्त प्रावधान।

•  5,75,000 करोड़ रुपये योजना व्यय - वर्ष 2013-14 की वास्तविक दर में 26.9 फीसदी की वृद्धि।

• कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा, ग्रामीण सड़क और राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना के क्षेत्र में क्षमता निर्माण, रेलवे नेटवर्क में विस्तार, स्वच्छ ऊर्जा पहल, जल संसाधन और नदी संरक्षण योजनाओं के विकास आदि की दिशा में लक्षित योजना।

• 17,94,892 करोड़ रुपये के कुल खर्च का अनुमान है।

•  सकल कर प्राप्तियों का अनुमान 13,64,524 करोड़ है।

• 9,77,258 करोड़ रुपए का कुल केन्द्रीय अनुमान है।

•  सकल घरेलू उत्पाद के 4.1% के राजकोषीय घाटे और 2.9% के राजस्व घाटे का अनुमान है।

•  पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए बनाई गई योजना के लिए आवंटन को अलग से दिखाने के लिए नया विवरण।

•  पूर्वोत्तर क्षेत्र को 53,706 करोड़ रुपये का आवंटन।

 

आर्थिक पहल

• "सौ स्मार्ट शहरों के विकास की परियोजना के लिए चालू राजकोष में रू 7060 करोड़ की राशि मुहैया कराई जाएगी।

• सुनिश्चित सिंचाई हेतु "प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना" के लिए रू 1000 करोड़ दिए गए हैं।

•  ग्रामीण क्षेत्रों में एकीकृत परियोजना आधारित अवसंरचना हेतु श्यामा प्रसाद मुख़र्जी नगरीय मिशन।

•  ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बढाने हेतु फीडर अलग करने के लिए "दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना" के लिए रू 500 करोड़।

•  प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए रू 14,389 करोड़ दिए गए हैं।

•  मनरेगा के अंतर्गत अधिक उत्पादक, आस्ति सृजन और कृषि सम्बद्ध क्रियाकलापों के लिए दिहाड़ी रोज़गार दिया जाएगा।

•  आजीविका के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों के लिए 4% पर बैंक ऋण के प्रावधान को अन्य 100 जिलों तक बढाया गया।

• ग्रामीण उद्यमिता कार्यक्रम आरम्भ करने के लिए आरम्भ में रू 100 करोड़ दिए जायेंगे ताकि ग्रामीण युवकों को स्थानीय उद्यमिता कार्यक्रम शुरू करने हेतु प्रोत्साहित किया जा सके।

• राष्ट्रीय आवास बैंक का आवंटन ग्रामीण आवास सहायता हेतु रू 8000 करोड़ बढाया गया।

•  आरंभिक 2142 करोड़ के परिव्यय के भीतर देश में जल संभरण विकास को गति देने के लिए नये कार्यक्रम "नीरांचल" की शुरुआत।

• अंतर जिला असमानता के समाधान हेतु पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि का पुनर्गठन।

•  अनुसूचित जाति योजना के अंतर्गत 50,548 करोड़ तथा जनजातीय उप-योजना के अंतर्गत 32,387 करोड़ देने का प्रस्ताव है।

•  जनजाति के कल्याण के लिए 100 करोड़ रुपये के आरंभिक आवंटन के साथ "वन बंधू कल्याण योजना" शुरू की गई।

•  60 वर्ष और इससे अधिक आयु वाले नागरिकों के लाभ के लिए 15 अगस्त, 2014 से 14 अगस्त, 2015 तक सीमित अवधि के लिए वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना फिर से शुरू की जाएगी।

•  एक समिति जांच करेगी और सिफारिश करेगी कि पीपीएफ, डाकघर, बचत योजनाओं की दावा न की जाने वाली राशि का उपयोग वरिष्ठ नागरिकों के वित्तीय हितों को सुरक्षित रखने और बढ़ाने में किया जा सके।

•  सरकार ने ईपी योजनाओं के सभी सदस्यों को न्यूनतम पेंशन के रूप में 1000 रुपये प्रतिमाह देने की घोषणा की है, इसके लिए आरंभिक प्रावधान 250 करोड़ रुपये का है।

• अंशदान की अनिवार्य नेज सीमा बढाकर रू 15,000 की गई है। इसके लिए चालू बजट में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान है।

• ईपीएफओ सभी अंशदायी संदायों की सेवा के लिए "समरूप खाता संख्या" जारी करेगा।

• यूनिवर्सल डिजाइन, मानसिक स्वास्थ्य, पुनर्वास के लिए राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों और निशक्तता खेलों के लिए केंद्र स्थापित किया जाएगा।

•  15 नई ब्रेल प्रेस की स्थापना तथा 10 मौजूदा ब्रेल प्रेस में आधुनिकीकरण के लिए राज्य सरकारों को सहायता।

•  सरकार दृष्टि बधित व्यक्तियों के लिए ब्रेल लिपि में चिह्नांकित मुद्रा नोट छापेगी।

• "सार्वजनिक सड़क परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा" हेतु रू 500 करोड़ के परिव्यय से एक प्रायोजिक परिक्षण योजना।

• बड़े नगरों में महिलाओं की सुरक्षा बढाने की योजना के लिए 150 करोड़ की राशि।

• राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सभी जिलों में इस वर्ष सरकारी तथा निजी अस्पताल तथा "रक्त प्रबंधन केंद्र"।

•  महिलाओं के लिए कल्याणकारी सेवाओं की दक्षता व उनके सुधार के लिए जागरूकता बढाने व सहायता हेतु "बेटी बचाओ- बेटी पढाओ" योजना हेतु 100 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई गई है।

• स्कूलों के पाठ्यक्रम में लैंगिक मुख्य धारा पर एक अलग अध्याय।

•  आर्सेनिक, फ्लोराइड, भारी विषैले पदार्थों, कीटनाशकों/ उर्वरकों से प्रभावित 20,000 घरों को अगले तीन वर्षों में सामुदायिक जल सफाई सयंत्रों द्वारा साफ़ और सुरक्षित पेयजल मुहैया कराया जाएगा।

•  प्रत्येक घर को 2019 तक स्वच्छता सुविधा उपलब्ध कराने के लिए "स्वच्छ भारत अभियान"।

•  "सबके लिए स्वास्थ्य" का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए निःशुल्क दवा सुविधा तथा निःशुल्क निदान सेवा।

•  भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली और मद्रास मेडिकल कॉलेज, चेन्नई में आयुर्वेद सम्बन्धी दो राष्ट्रीय संस्थान स्थापित किये जाएँगे।

•   दन्त चिकित्सा के क्षेत्र में उच्च शिक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर का अनुसंधान और रेफरल संस्थान स्थापित किया जाएगा।

•  आन्ध्र प्रदेश, प. बंगाल, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में एम्स जैसे संस्थान की स्थापना के लिए 500 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

• 12 नये सरकारी चिकित्सा संस्थानों की स्थापना।

•  नई ड्रग परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना एवं राज्य दावा विनियामक और खाद्य विनियामक प्रणाली का सुदृढ़ीकरण होगा और 31 मौजूदा प्रयोगशालाओं को भी सुदृढ़ किया जाएगा।

  • ग्रामीणों की देखभाल के लिए स्थानीय स्वास्थ्य मामलों पर शोध व अनुसंधान के लिए 15 ग्रामीण स्वास्थय अनुसंधान केन्द्रों की स्थापना।
  • छ: महीनों के भीतर भारत में कुपोषण से निपटने के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम चलाया जाएगा।
  • पहले चरण में सभी बालिका विद्यालयों में शौचालय और पेयजल की सुविधा मुहैया कराई जाएगी, इसमें सर्वशिक्षा अभियान(एसएसए) के लिए रू 28635 करोड़ तथा राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (आरएमएसए) के लिए 4966 करोड़ की राशि प्रदान की जा रही है।
  • 30 करोड़ की आरंभिक लागत से स्कूल आकलन कार्यक्रम आरम्भ किया जाएगा।
  • नए प्रशिक्षण उपकरण लगाने और अध्यापकों के प्रोत्साहन हेतु "पंडित मदनमोहन मालवीय नए अध्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम" हेतु 500 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।
  • ज्ञान बढाने और ऑनलाइन पाठ्यक्रम हेतु संचार से जुडी प्रणाली के रूप में वास्तविक कक्षाओं की स्थापना हेतु 100 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।
  • मध्य प्रदेश में जयप्रकाश नारायण राष्ट्रीय मानविकी उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा।
  • जम्मू, छत्तीसगढ़, गोवा, आन्ध्र प्रदेश और केरल में 5 और आईआईटी की स्थापना हेतु 500 करोड़ दिये गए हैं।
  • हिमाचल प्रदेश, पंजाब, बिहार, उड़ीसा और राजस्थान में 5 आईआईएम।
  • उच्च अध्ययन हेतु शिक्षा सम्बन्धी ऋण के लिए मानदंडो का सरलीकरण।
  • सरकार रू 100 करोड़ की आरंभिक राशि से असम और झारखण्ड में दो अन्य उत्कृष्ट कृषि अनुसंधान संस्थान स्थापित करेगी।
  • "एग्री टेक अवसंरचना निधि" हेतु 100 करोड़ की राशि निर्धारित की गई है।
  • आंध्रप्रदेश और राजस्थान में कृषि विश्वविद्यालय और तेलंगाना व हरियाणा में बागवानी विश्वविद्यालय के लिए 200 करोड़ की राशि निर्धारित की गई है।
  • प्रत्येक किसान को मिशन मोड में मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराने की योजना है। इस योजना हेतु 100 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं और देश भर में 100 मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित करने हेतु अतिरिक्त 56 करोड़ उपलब्ध कराए जाएंगे।
  • जलवायु परिवर्तन का सामना करने के लिए 100 करोड़ की राशि से "राष्ट्रीय अनुकूलन निधि" बनाई जाएगी।
  • कृषि में 4% की वृद्धि दर हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
  • "प्रोटीन क्रांति" सहित उच्च उत्पादकता पर ध्यान देते हुए प्रौद्योगिकी आधारित दूसरी हरित क्रांति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
  • कृषि उत्पादों में मूल्य अस्थिरता के जोखिम को कम करने के लिए "मूल्य स्थिरीकरण निधि" बनाने हेतु 500 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई गई है।
  • केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर उनके एपीएमसी अधिनियमों को पुनःउन्मुख करने के लिए काम करेगी।
  • स्वदेशी पशुओं की नस्लों के विकास और अंतर्देशीय मत्स्यपालन में मत्स्य क्रांति शुरू करने के लिए के लिए 50-50 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
  • भण्डागार क्षेत्र को मज़बूत करने और किसानों को फसल कटाई के पश्चात ऋण उपलब्ध कराने की सुविधा में सुधार लाने के लिए परिवर्तन योजना।
  • अल्पसंख्यकों के विकास के लिए पुश्तैनी कला में कौशल और प्रशिक्षण के उन्नयन हेतु "कला, संसाधन और सामग्रियों में पारंपरिक कौशल का उन्नयन" कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
  • मदरसों के आधुनिकीकरण हेतु रू 100 करोड़ की अतिरिक्त राशि।
  • केंद्रीय सरकार के विभागों और मंत्रालयों को प्राथमिकता के आधार पर इस वर्ष 31 दिसम्बर तक अपनी सेवाओं को ई-बिज-एकल विंडो आईटी प्लेटफार्म के साथ जोड़ना।
  • राष्ट्रीय औद्योगिक प्राधिकरण की स्थापना के लिए 100 करोड़ उपलब्ध कराये गए हैं।
  • अमृतसर कोलकाता औद्योगिक मास्टर योजना को शीघ्र पूर्ण करना।
  • चेन्नई-बेंगलुरु ओद्योगिक क्षेत्र में 3 नए स्मार्ट शहरों की मास्टर योजना, तमिलनाडु में पोन्नेरी, आन्ध्रप्रदेश में कृष्णापट्टनम और कर्नाटक में तुमकुर को पूरा किया जाना।
  • 20 नए औद्योगिक क्लस्टरों के लिए प्रावधान के साथ-साथ बेंगलुरु- मुंबई आर्थिक कॉरिडोर (बीएमईसी) और विजाग-चेन्नई कॉरिडोर हेतु संभावित योजना को पूरा किया जाना।
  • विनिर्माण और शहरीकरण में वृद्धि हेतु परिवहन संयोजकता से जुड़े स्मार्ट शहरों पर बल देते हुए औद्योगिक कॉरिडोर के विकास में तेज़ी लाई जाएगी।
  • सभी हितधारकों को एक सीमा के अंतर्गत लाने के लिए एक निर्यात संवर्धन मिशन स्थापित करने का प्रस्ताव है।
  • प्रशिशुता अधिनियम को उपयुक्त ढंग से संशोधित किया जाएगा ताकि उद्योग और युवाओं को और उत्तरदायी बनाया जा सके।
  • "एक रैंक एक पेंशन" के लिए जरूरत को पूरा करने हेतु 1000 करोड़ की अतिरिक्त राशि।
  • रक्षा के लिए पूंजीगत व्यय 5000 करोड़ बढ़ा दिया गया है जिसमें सीमा क्षेत्रों में रेलवे प्रणाली के विकास को गति प्रदान करने के लिए 1000 करोड़ की राशि शामिल है।
  • अधिप्राप्ति प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए तत्काल कदम उठाये जाएंगे ताकि इसे तेज और अधिक दक्ष बनाया जा सके।
  • प्रिंसेस पार्क में युद्ध स्मारक के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये प्रदान किये गए हैं जिसे युद्ध संग्रहालय द्वारा संपूरित किया जाएगा।
  • रक्षा के लिए प्रौद्योगिकी विकास निधि स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रुपये प्रदान किये गए हैं।
  • राज्य पुलिस बलों के आधुनिकीकरण के लिए चालू वित्त वर्ष में 3000 करोड़ रुपये प्रदान किये गए हैं।
  • वामपंथी अतिवाद से प्रभावित जिलों के लिए अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता हेतु पर्याप्त आवंटन।
  • सीमावर्ती अवसंरचना को मजबूत बनाने तथा आधुनिक बनाने के लिए 2250 करोड़ रुपये प्रदान किये गए हैं।
  • सीमावर्ती गांवों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए 990 करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं।
  • मरीन पुलिस स्टेशन, जेट्टी के निर्माण एवं नौकाओं की खरीद के लिए 150 करोड़ रुपये की राशि चिन्हित की गई है।
  • राष्ट्रीय पुलिस स्मारक के निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये प्रदान किये गए हैं।
  • प्रत्यक्ष कर संबंधी प्रस्ताव
  • 60 वर्ष से कम आयु वर्ग के व्यक्तियों के लिए व्यक्तिगत आयकर छूट सीमा 50,000 रुपये तक बढ़ा दी गई है अर्थात इसे 2 लाख से बढ़ाकर रू 2.5 लाख कर दिया गया है। वहीँ वरिष्ठ नागरिको के लिए इसे 2.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख कर दिया गया है।
  • कॉर्पोरेट अथवा व्यक्तिगत, एचयूएफ, व्यवसाय संघो आदि के लिए कर की दर में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
  • शिक्षा उपकर 3 प्रतिशत ही रहेगा।
  • आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत निवेश की सीमा को 1 लाख से बढ़ाकर रू 1.5 लाख कर दिया गया है।
  • आवासीय संपत्ति के लिए ऋण पर ब्याज कटौती की सीमा 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 लाख कर दी गई है।
  • अवसंरचना निवेश न्यासों और स्थावर सम्पदा निवेश न्यासों की सहायक कर पद्धति की स्थापना भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के विनियमों के अनुरूप की जाएगी।
  • किसी वर्ष में नए संयंत्र और मशीनरी में 25 करोड़ से अधिक का निवेश करने वाली विनिर्माण कंपनी को 15 प्रतिशत की दर से निवेश छूट दी जाएगी। यह सुविधा तीन वर्षों के लिए अर्थात 31.03.2017 तक किये जाने वाले निवेशों के लिए है।
  • निवेश संबद्ध कटौती को दो नए क्षेत्रों, लौह अयस्क की ढुलाई के लिए गारा पाइपलाइन और सेमी-कंडक्टर वफर संरचना इकाईयों तक बढ़ाना।
  • 31.03.2017 तक विद्युत् का उत्पादन, वितरण और सम्प्रेषण शुरू करने वाले उपक्रमों को 10 वर्षों के लिए कर की छूट।
  • प्रतिभूतियों में लेन-देन से विदेशी निवेशको को होने वाली आय को पूंजीगत लाभ समझा जाएगा।
  • बिना अंतिम तिथि वाले विदेशी लाभांशो पर 15 प्रतिशत की रियायती दर बनी रहेगी।
  • ब्याज के भुगतान पर कर की दर में 5 प्रतिशत की रियायत के लिए विदेशी मुद्रा में उधार की योग्य तिथि को 30.06.2015 से 30.06.2017 तक कर दिया गया है। अवसंरचना संबंधी ऋणपत्र को छोड़कर सभी प्रकार के ऋणपत्र पर कर संबंधी प्रोत्साहन दिया गया है।
  • सेवा कर के दायरे में शामिल की गई कुछ अन्य सेवाएं
  • सेवा क्षेत्र में कराधार को व्यापक करने के लिए प्रसारण मीडिया में स्थान के विक्रय या विज्ञापन के लिए अधिरोप्य सेवा कर का विस्तार किया जा रहा है जिससे ऑनलाइन और मोबाइल विज्ञापन जैसे अन्य क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया जा सके। कर प्रस्तावों की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली ने अपने पहले बजट भाषण में कहा कि प्रिंट मीडिया के विज्ञापनों को सेवा कर के दायरे से बाहर रखा जायेगा। हालांकि रेडियो टैक्सियों द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं को सेवा कर के अंतर्गत लाया गया है। वित्त मंत्री के अनुसार 2014-15 के कर प्रस्ताव में अप्रत्यक्ष कर के द्वारा रु 7525 करोड़ की प्राप्ति होगी।
  • वित्त मंत्री ने वातानुकूलित संविदा कैरिजों और मानव प्रतिभागियों पर नव विकसित दवाओं के तकनीकी परीक्षण द्वारा दी जा रही सेवाओं पर सेवा कर लगाने की घोषणा की है। भारत के बाहर संचालित किये जाने वाले दौरे के संबंध में विदेशी पर्यटकों को भारतीय टूर ऑपरेटरों द्वारा उपलब्ध कराई गई सेवाओं को सेवा कर के दायरे से बाहर रखा जायेगा। रेंट-ए-कैब और टूर ऑपरेटरों के द्वारा प्रदान की जाने वाली पर्यटन सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए सेनवेट क्रेडिट की अनुमति दी गई है।



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