Resource centre on India's rural distress
 
 

एम डी जी

खास बात

साल 2000 के सितंबर महीने में विश्व के 189 देशों के नेताओं ने संयुक्त राष्ट्रसंघ के बैनर तले एक ऐसे विश्व को रचने का एलान किया जिसमें विकसित और विकासशील मुल्क एक साथ मिलकर सबकी भलाई और बेहतरी के लिए काम करेंगे। इस एलान को सहस्राब्दी विकास लक्ष्य की संज्ञा दी गई। विकास लक्ष्यों की माप के लिए उन्हें कुल आठ हिस्सों में बांटा गया, 18 लक्ष्यबिन्दु तय किए गए और इनके लिए 48 सूचकांकों की श्रेणी तैयार की गई। साल 2007 में विकास लक्ष्यों की निगरानी के लिहाज से थोड़ा संशोधन हुआ और चार अन्य लक्ष्यबिन्दु शामिल किए गए। इस पर 2005 के विश्वसम्मेलन में सदस्य देशों के बीच सहमति बन चुकी थी।

संकल्प 1:अति दरिद्रता और भुखमरी का उन्मूलन

लक्ष्य-जिन लोगों की आमदनी रोजाना एक डॉलर से कम है उनकी संख्या 1990 से 2015 के बीच आधी करना।

साल 1990 से 2015 के बीच विश्व में भुखमरी के शिकार लोगों की तादाद में 50 फीसदी की कमी लाना।

संकल्प 2 : सबको प्राथमिक शिक्षा हासिल हो।

लक्ष्य-इस बात को सुनिश्चित करना कि दुनिया में हर बच्चे को(लड़का हो या लड़की) 2015 तक प्राथमिक शिक्षा हासिल हो जाये। 

संकल्प 3- स्त्री-पुरूषों के बीच बराबरी को बढ़ावा देना और महिलाओं का सशक्तीकरण करना

लक्ष्य- प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा से लैंगिक गैरबराबरी को साल 2005 तक समाप्त करना और शिक्षा के सभी स्तरों पर इस गैरबराबरी को साल 2015 तक खत्म करना।

संकल्प 4- बाल-मृत्यु की संख्या में कमी करना।

लक्ष्य-शून्य से पाँच साल तक की उम्र के बच्चों की मृत्यु की घटना में 1990 से 2015 के बीच की अवधि में दो तिहाई की कमी लाना।

संकल्प 5- जननि-स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार करना

 लक्ष्य-साल 1990 से 2015 के बीच मातृ-मृत्यु दर में तीन चौथाई की कमी लाना और साल 2015 तक प्रजनन-स्वास्थ्य से संबंधित सुविधाओं को हरेक व्यक्ति तक पहुंचाना

संकल्प 6- एचआईवी-एडस्,मलेरिया और अन्य बीमारियों की रोकथाम।

लक्ष्य- साल 2015 तक एचआईवी एडस् के प्रसार पर रोक लगाना और इसके बाद एचआईवी-एडस् की घटना का उन्मूलन।

संकल्प 7 - पर्यावरण के टिकाऊपन को सुनिश्चत करना।लक्ष्य-देश के नीतियों और कार्यक्रमों में टिकाऊ विकास के सिद्धांतों को जगह देना और प्राकृतिक संसाधनों के नाश की प्रवृति पर रोक लगाना।

जैव विविधता के नाश को कम करना और 2010 तक जैव विविधता के नाश की दर में सुनिश्चित कमी लाना।जो लोग स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई की बुनियादी सुविधा से वंचित हैं उनकी संख्या 2015 तक कम करके आधी करना।

साल 2020 तक कम से कम 10 करोड़ झुग्गीवासी जनता की रहन-सहन स्थिति में उल्लेखनीय सुधार करना।

संकल्प-8-विकास के लिए वैश्विक स्तर पर साझेदारी करना।

लक्ष्य-सर्वाधिक पिछड़े देशों,चारो तरफ भूमि से घिरे देशों और छोटे द्वीपों में बसे विकासशील देशों की विशेष जरुरतों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था करना।

बराबरी पर आधारित और कानून सम्मत उदार वित्तीय और कारोबारी व्यवस्था करना।

विकासशील देशों की कर्जदारी का व्यापक स्तर पर समाधान सुझाना।

औषधि निर्माता कंपनियों के सहयोग से विकासशील मुल्कों में जरुरी किस्म की दवाइयां उपलब्ध कराना।

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