भुखमरी-एक आकलन

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What's Inside

 

इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा प्रस्तुत 2010 ग्लोबल हंगर इंडेक्स नामक दस्तावेज के अनुसार, http://www.ifpri.org/pressroom/briefing/2010-global-hunger
-index-crisis-child-undernutrition


•    इस दस्तावेज में 122  विकासशील देशों के बारे में भुखमरी के आंकड़े दिए गए हैं और इन्ही आंकड़ों के आधार पर ग्लोबर हंगर इंडेक्स तैयार किया गया है।

•    इंडेक्स को तैयार करने में मुख्य रुप से तीन आधार मानकों का इस्तेमाल किया गया है- (क)किसी देश की कुल जनसंख्या में अल्पपोषित लोगों का अनुपात कितना है, (ख) किसी देश में पाँच साल की उम्र के बच्चों में औसत से कम वज़न वाले बच्चों का अनुपात कितना है, और (ग) बाल-मृत्यु दर।

•    इंडेक्स पैमाना शून्य से सौ तक के अंकों में विभाजित है। शून्य इसमें सर्वश्रेष्ठ अंक हैं जिसका मतलब है भुखमरी की समस्या नहीं है जबकि इसके विपरीत सौ सर्वाधिक बुरा अंक है जो भुखमरी की अधिकतम मौजूदगी बताता है।

•    अगर ग्लोबल हंगर इंडेक्स पर किसी देश का स्कोर बढ़ रहा है तो इसका अर्थ है वहां भुखमरी की समस्य़ा तिलनात्मक रुप से बढ़ी है और घट रहा है तो इसका अर्थ है भुखमरी की समस्य़ा तुलनात्मक रुप से घटी है।

•    ग्लोबल हंगर इंडेक्स में साल 2003-2008 तक के आंकड़े उपलब्ध हैं, जो अब तक के अद्यतन आंकड़े हैं।

•   साल 1990 के बाद से वैश्व के ग्लोबल हंगर इंडेक्स में 25 अंकों की गिरावट आई है। फिर भी विश्व में भुखमरी की यह स्थिति गंभीर ही कही जाएगी।

•    दक्षिण अफ्रीका और उप-सहारीय अफ्रीकी देशों में सर्वाधिक भूखमरी है। ग्लोबल हंगर इंडेक्स पैमाने पर इनके अंक क्रमश 22.9 और 21.7 हैं।

•    एशिया में औसत से कम वज़न वाले सर्वाधिक बच्चे(40 फीसदी)बांग्लादेश, भारत और पूर्वी तिमूर में हैं।

•    हालांकि गुजरे 25 सालों में बांग्लादेश ने पाँच साल तक की उम्र वाले बच्चों के मृत्यु दर में कमी लाने की अच्छी कोशिश की है लेकिन अब भी वहां 1000 में से 54 बच्चे पाँच साल की उम्र पूरी करने से पहले मर जाते हैं जबकि इसी आयु वर्ग के कुल 43 फीसदी बच्चों की बढ़वार औसत से कम है।

•    चीन ने स्वास्थ्य, परिवार-नियोजन और पोषण संबंधी अपनी प्रभावकारी नीतियों के जरिए 1990 से 2002 के बीच बाल-कुपोषण को 25 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी करने में सफलता हासिल की है।

•    भारत: साल 1990 से 2008 के बीच औसत से कम वज़न वाले बच्चों की तादाद 60 फीसदी से घटकर 44 फीसदी हो गई है जबकि पाँच साल तक की उम्र वाले बच्चों की मृत्यु दर 12 फीसदी से घटकर 7 फीसदी हो गई है।

•    साल 2005-06 में भारत में तकरीबन 44 फीसदी बच्चे(पाँच साल तक की उम्र वाले) औसत से कम वज़न के थे। भारत की आबादी अधिक है और इस कारण विश्व के औसत से कम वज़न वाले बच्चों की कुल संख्या का 42 फीसदी और औसत से कम बढ़वार वाले बच्चों का 31 फीसदी भारत में रहता है।



 

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