भुखमरी-एक आकलन

भुखमरी-एक आकलन

Share this article Share this article

What's Inside

इटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा प्रस्तुत  2017 ग्लोबल हंगर इंडेक्स: द इन्इक्वलिटिज ऑफ हंगर (2017 के अक्तूबर में प्रकाशित) के मुख्य तथ्य : (पूरी रिपोर्ट देखने के लिए कृपया यहां क्लिक करें.)  

 

• ग्लोबल हंगर इंडेक्स(वैश्विक भूख सूचकांक) के अंकमान के आधार पर भारत को 119 देशों की सूची में 100वां स्थान हासिल हुआ है. 

• पड़ोसी देश चीन ( अंकमान: 7.5; स्थान: 29), नेपाल (अंकमान: 22.0; स्थान: 72), म्यांमार (अंकमान: 22.6; स्थान: 77), श्रीलंका (अंकमान: 25.5; स्थान: 84) तथा बांग्लादेश (अंकमान: 26.5; स्थान: 88 ) ग्लोबल हंगर इंडेक्स रिपोर्ट में भारत (अंकमान: 31.4; स्थान: 100) से बेहतर स्थिति में हैं, बहरहाल, पाकिस्तान (अंकमान: 32.6; स्थान: 106) तथा अफगानिस्तान (अंकमान: 33.3; स्थान: 107) रिपोर्ट में भारत से पीछे हैं.

• भारत का अंकमान ग्लोबल हंगर इंडेक्स की रिपोर्ट में  साल 1992 में 46.2 , साल 2000 38.2 , साल 2008 में 35.6 तथा साल 2017 में 31.4 रहा.

• रिपोर्ट में भारत का जीएचआई अंकमान  31.4 होने के कारण उसे भुखमरी की गंभीर दशा वाले देशों के बीच रखा गया है. 

• हालांकि सभी तीन संकेतक यानि आबादी में भोजन की कमी के शिकार लोगों का अनुपात , पांच साल से कम उम्र के वेस्टिंग के शिकार बच्चों का अनुपात तथा पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर में समय बीतने के साथ कमी के रुझान हैं लेकिन साल 2006 से 2010 की अवधि में वेस्टिंग के शिकार बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ है.

• नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की चौथी गणना के तथ्यों के मुताबिक भारत में पांच साल या इससे कम उम्र के तकरीबन 21 प्रतिशत बच्चे वेस्टिंग के शिकार हैं. ग्लोबल हंगर इंडेक्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को छोड़कर मात्र तीन देशों जिबूती, श्रीलंका और दक्षिण सू़डान में 2012-2016 के बीच वेस्टिंग के शिकार बच्चों की तादाद 20 प्रतिशत से अधिक रही. पिछले 25 सालों में भारत में वेस्टिंग के शिकार बच्चों(पांच साल से कम उम्र के) की तादाद में कोई महत्वपूर्ण कमी नहीं हुई है. वेस्टिंग के शिकार बच्चों की संख्या साल 1990-1994 की तुलना में साल 2012-2016 में ज्यादा रही. 

• देश को स्टटिंग( उम्र के हिसाब से कद में छोटे) के शिकार बच्चों की संख्या कम करने में सफलता हासिल हुई है . साल 1990-1994 के दौरान स्टटिंग के शिकार बच्चों की संख्या 61.9 प्रतिशत थी जो साल 2012-2016 के दौरान घटकर 38.4 प्रतिशत रह गई.

• ग्लोबल हंगर इंडेक्स रिपोर्ट(2017) के अनुसार भारत के लिए तीन बातें अहम हैं (1) छोटे बच्चों के लिए समय से पूरक पोषाहार उपलब्ध कराना; (2)  6 माह से 23 माह के बच्चों को पर्याप्त पोषक आहार मुहैया कराना और,  (3) घरों में साफ-सफाई की व्यवस्था में सुधार लाना.

• रिपोर्ट में कहा गया है कि दूर-दराज के इलाकों में भोजन का अधिकार कानून(एनएफएसए) का क्रियान्वयन कितने कारगर तरीके से हो पा रहा है, इसका आकलन करना मुश्किल है. रिपोर्ट के मुताबिक भोजन का अधिकार कानून से सरकार के भोजन और पोषण से संबंधित कार्यक्रमों के लिए एक वैधानिक ढांचा तो खड़ा हो गया है लेकिन अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के लोगों को भोजन और पोषण के कार्यक्रमों का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है.

 


 

Write Comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Video Archives

Archives

share on Facebook
Twitter
RSS
Feedback
Read Later

Contact Form

Please enter security code
      Close