मानव  विकास सूचकांक

मानव विकास सूचकांक

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यूएनडीपी द्वारा तैयार मानव विकास रिपोर्ट 2016: सभी के लिए मानव विकास के अनुसार (कृपया उपयोग करने के लिए यहां, यहां और यहां क्लिक करें.):
 
• 2015 में, 188 देशों में भारत की मानव विकास सूचकांक (एचडीआई) रैंकिंग 131 वीं (एचडीआई वेल्यू 0.624) रही, जबकि चीन की रैंकिंग 90 वीं (एचडीआई वेल्यू 0.738), भूटान की 132 वीं (एचडीआई वेल्यू 0.607), बांग्लादेश की 139 वीं (एचडीआई वेल्यू 0.579) और पाकिस्तान का 147 वीं (मानव विकास सूचकांक (एचडीआई)  वेल्यू 0.550) रैंकिंग थी.

• भारत की मानव विकास सूचकांक (एचडीआई)  रैंकिंग 2014 और 2015 के बीच 131 वें स्थान पर रही, जबकि चीन की रैंकिंग 2014 में 91 वें से सुधरकर साल 2015 में 90 वें स्थान पर रही है.

• 1990 और 2015 के बीच, भारत के लिए औसत वार्षिक मानव विकास सूचकांक (एचडीआई) वृद्धि 1.52 प्रतिशत, चीन 1.57 प्रतिशत, बांग्लादेश 1.64 प्रतिशत, पाकिस्तान 1.24 प्रतिशत और श्रीलंका 0.82 प्रतिशत है.

• 1990 और 2015 के बीच, भारत का मानव विकास सूचकांक (एचडीआई) वेल्यू 0.428 से बढ़कर 0.624 हो गया (- 45.7 प्रतिशत की वृद्धि). 1990 और 2015 के बीच, जन्म के समय भारत की जीवन प्रत्याशा 10.4 वर्ष बढ़ी,  औसत स्कूली शिक्षा के वर्ष 3.3 वर्ष बढ़े और अपेक्षित स्कूली शिक्षा के वर्ष 4.1 वर्ष बढ़े. 1990 और 2015 के बीच भारत की GNI प्रति व्यक्ति लगभग 223.4 प्रतिशत बढ़ी.

• भारत की एचडीआई वेल्यू 0.624 साल 2015 के मध्यम मानव विकास समूह के देशों के लिए एचडीआई 0.631 के औसत और दक्षिण एशिया के देशों के लिए एचडीआई 0.621 के औसत से नीचे है.

• 2015 के लिए भारत का मानव विकास सूचकांक (एचडीआई)  0.624 था. हालांकि, हालांकि, जब असमानता के लिए वेल्यू सिस्टम को हटाते हैं, तो एचडीआई 0.454 पर गिर जाता है, मानव विकास सूचकांक में असमानता के कारण 27.2 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई. बांग्लादेश और पाकिस्तान क्रमशः 28.9 प्रतिशत और 30.9 प्रतिशत की असमानता के कारण तक गिरावट दर्ज की गई. मध्यम एचडीआई देशों के लिए असमानता के कारण औसत नुकसान 25.7 प्रतिशत है और दक्षिण एशिया के लिए यह 27.7 प्रतिशत है. भारत के लिए मानव असमानता गुणांक 26.5 प्रतिशत के बराबर है.

• साल 2015 के दौरान, भारत में जन्म के समय जीवन प्रत्याशा 68.3 वर्ष थी, स्कूली शिक्षा के अपेक्षित वर्ष 11.7 वर्ष, औसत स्कूली शिक्षा के वर्ष 6.3 वर्ष और सकल राष्ट्रीय आय (जीएनआई) प्रति व्यक्ति (2011 पीपीपी $ के संदर्भ में) 5663 थी.

• भारत में जीनी गुणांक (आय असमानता को मापने का आधिकारिक सूत्र, जो शून्य और 100 के बीच भिन्न होता है, शून्य के साथ पूर्ण समानता और 100 पूर्ण असमानता को दर्शाता है) 35.1 है जबकि चीन का जीनी गुणांक 42.2 और भूटान का 38.8 है.

• भारत में पुरुषों की एचडीआई वेल्यू 0.671 के मुकाबले महिला विकास सूचकांक (एचडीआई) वेल्यू 0.549 थी.

• 2015 में, भारत की लिंग विकास सूचकांक वेल्यू 0.819 थी, जो चीन (GDI मूल्य 0.954), नेपाल (GDI मूल्य 0.925), भूटान (GDI मूल्य 0.900), श्रीलंका (GDI मूल्य 0.934) और बांग्लादेश (GDI मूल्य 0.927) से कम है.

• 2015 के दौरान, भारत ने लैंगिक असमानता सूचकांक के संदर्भ में 125 वें (GII मूल्य 0.530) स्थान पर जबकि चीन 159 देशों में से 37 वें (GII मूल्य 0.164) स्थान पर रहा. इसकी तुलना में, बांग्लादेश और पाकिस्तान इस सूचकांक में क्रमशः 119 वें और 130 वें स्थान पर थे.

• 2015 में, भारत में मातृ मृत्यु अनुपात (MMR) 174 था जबकि चीन में यह 27 था. MMR एक निश्चित समयावधि में प्रति 1,00,000 जीवित जन्मों के दौरान मातृ मृत्यु की संख्या है.

• चीन की 23.6 प्रतिशत की तुलना में 2014 में संसद में लगभग 12.2 प्रतिशत सीटें भारतीय महिलाओं के पास थीं.

• भारत में 35.3 प्रतिशत वयस्क महिलाएं अपने पुरुष समकक्षों के 61.4 प्रतिशत की तुलना में कम से कम कुछ माध्यमिक शिक्षा तक पहुंची हैं.

• श्रम बाजार में पुरुषों (79.1) के मुकाबले महिलाओं की भागीदारी 26.8 प्रतिशत थी.

• 2004-2013 के दौरान वैधानिक पेंशन की आयु के अनुपात के रूप में वृद्धावस्था पेंशन प्राप्तकर्ता भारत में 24.1 प्रतिशत थे, जबकि चीन में 74.4 प्रतिशत थे.

 

 

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