मानव  विकास सूचकांक

मानव विकास सूचकांक

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यूएनडीपी द्वारा प्रस्तुत ह्युमन डेवलपमेंट रिपोर्ट 2015: वर्क फॉर ह्यूमन डेवलपमेंट नामक दस्तावेज के अनुसार :
 
 
 
• साल 2014 में 188 देशों के बीच भारत मानव विकास सूचकांक के मामले में 0.609 अंकमान के साथ 130 वें स्थान पर रहा. 
 
 
• चीन 0.727 अंकमान के साथ 90 वें स्थान पर है जबकि भूटान का स्थान 132 वां, बांग्लादेश का 142 वां और पाकिस्तान का 147 वां स्थान है. 
 
 
• भारत का एचडीआई अंकमान साल 1990 में 0.428, साल 2000 में 0.496 और साल 2010 में 0.597 था. 
 
 
• 1990 से 2014 के बीच भारत में एचडीआई अंकमान की सालाना वृद्धि 1.48 प्रतिशत की हुई है.
 
 
• साल 2014 में भारत में आयु-संभाविता 68 साल की और प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद 5496 ( 2011 के परचेजिंग वापर पैरिटी के आधार पर) का था. 
 
 
• साल 2005-2013 के बीच भारत का गिनी कॉफिशिएन्ट का अंकमान 33.6 रहा जबकि चीन का 37.0 और भूटान का 38.7, गौरतलब है कि गिनी कॉफिशिएन्ट का शून्य होना पूर्ण आर्थिक समानता की स्थिति का सूचक है जबकि इस अंकमान का 100 होना पूर्ण आर्थिक असमानता का सूचक है. 
 
 
•  भारत के जेंडर डेवलपमेंट इंडेक्स का अंकमान ह्यूमन डेवलपमेंट रिपोर्ट में 0.795 है, यह चीन (जीडीआई अंकमान 0.943), नेपाल (जीडीआई अंकमान 0.908), भूटान (जीडीआई अंकमान 0.897), श्रीलंका (जीडीआई अंकमान 0.948) और बांग्लादेश (जीडीआई अंकमान 0.917) से कम है.
 
 
• साल 2014 में भारत जेंडर इन्इक्वलिटी इंडडेक्स के लिहाज से 130 वें स्थान पर है जबकि चीन 40 वें स्थान पर.
 
 
•  साल 2013 में भारत में मातृ मृत्यु दर(एमएमआर) 190 जबकि चीन की 32 थी. किसी दी हुई अवधि में प्रति लाख जीवित शिशुओं के जन्म पर मौत के मुंह में जाने वाली माताओं की संख्या मातृ-मृत्यु दर कहलाती है. 
 
 
• भारत में 2014 में संसद की मात्र 12.2 प्रतिशत सीटों पर महिला सांसद थीं जबकि चीन की संसद में महिलाओं की तादाद 23.6 प्रतिशत है.  
 
 
•  स्वास्थ्य सुविधा की गुणवत्ता, शिक्षा की गुणवत्ता और जीवन-स्तर से संतुष्ट लोगों की तादाद भारत में साल 2014 में क्रमशः 58 प्रतिशत, 69 प्रतिशत तथा 58 प्रतिशत रही. भारत में केवल 52 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे सुरक्षित महसूस करते हैं. महिलाओं(75 प्रतिशत) की तुलना में कहीं ज्यादा पुरुष(79 प्रतिशत) अपने इच्छा-स्वातंत्र्य की स्थिति को लेकर संतुष्ट हैं.
 
 
• जीवन से संतोष की सूचना देने वाले शून्य से 10 अंक तक के एक पैमाने में जहां शून्य सर्वाधिक असंतोष की स्थिति और 10 सर्वाधिक सतोष की स्थिति का सूचक हो, भारत का अंक 4.4 है जबकि पाकिस्तान 5.4 हालांकि पाकिस्तान का एचडीआई अंकमान भारत से कम है..  
 
 
• साल 2014 में 73 प्रतिशत भारतीयों को सरकार पर भरोसा था जबकि श्रीलंका में 77 प्रतिशत लोगों को अपनी सरकार पर भरोसा था. पाकिस्तान में सरकार पर भरोसा जताने वाले लोगों की तादाद 2014 में 43 प्रतिशत पायी गई. 
 
 
•  तकरीबन 67 प्रतिशत भारतीय न्यायिक व्यवस्था पर भरोसा करते हैं जबकि पाकिस्तान में न्यायपालिका पर भरोसा जताने वाले लोगों की तादाद 57 प्रतिशत और श्रीलंका में 74 प्रतिशत पायी गई. 
 
 
• वैधानिक रुप से पेंशन पाने की उम्र में आ चुके लोगों के बीच ऐसे बुजुर्ग व्यक्तियों की तादाद जिन्हें वृद्धावस्था पेंशन मिल रही है, भारत में 2004-2012 के बीच केवल 24.1 प्रतिशत थी जबकि चीन में 74.4 प्रतिशत. 
 
 
 
• भारत में अनपेड केयर जीडीपी का 39 प्रतिशत है जबकि दक्षिण अफ्रीका में 15 प्रतिशत
 
 
• साल 2005-2013 के बीच 5-14 आयु-वर्ग के बाल-श्रमिकों की तादाद भारत में 11.8 प्रतिशत रही. साल 2000-2010 की अवधि में कुल रोजगार में घरेलू कामगारों के बीच महिला कामगारों की तादाद 2.2 प्रतिशत रही जबकि पुरुष घरेलू कामगारों की तादाद 0.5 प्रतिशत.
 
 
• साल 2004-05 में भारत में 40 लाख 20 हजार घरेलू कामगार थे जो कि कुल रोजगार का एक प्रतिशत है. इनमें 70 प्रतिशत से ज्यादा संख्या महिलाओं की है जो घरों में सहायक के रुप में काम कर रही हैं. 
 
 
• भारत में 2014 में इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे लोगों की संख्या देश की आबादी का 18 प्रतिशत है, बहरहाल मोबाइल फोन का उपयोग कर रहे लोगों की संख्या प्रति 100 व्यक्ति में 74.5 है. चीन में 2014 में आबादी का 49.3 प्रतिशत हिस्सा इंटरनेट का उपयोग कर रहा था और मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या 92.3 प्रतिशत थी.
 
 

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