मानव  विकास सूचकांक

मानव विकास सूचकांक

Share this article Share this article
 
 
यूएनडीपी द्वारा जारी मानव विकास रिपोर्ट 2014 के अनुसार, (रिपोर्ट को उपयोग करने के लिए यहां और यहां क्लिक करें.)

 मानव विकास रिपोर्ट (HDR)-2014 में भारत 0.586 एचडीआई (HDI) वेल्यू के साथ 187 देशों में 135वें स्थान पर है अर्थात यह मध्यम मानव विकासवाले देशों की श्रेणी में वर्गीकृत है. इससे पहले मानव विकास रिपोर्ट (HDR)-2010 में 169 देशों में से भारत का स्थान 119वां तथा मानव विकास रिपोर्ट (HDR)-2011 में 187 देशों में से भारत का स्थान 134वां था.

 भारत का एचडीआई (HDI) वेल्यू (नए संकेतकों के तहत) वर्ष 1980 में 0.369 था जो वर्ष 2000 में बढ़कर 0.483, वर्ष 2010 में 0.570 तथा वर्ष 2011 में 0.581 हो गया था. पड़ोसी देशों में श्रीलंका (0.750 एचडीआई (HDI) वेल्यू के साथ 73वां स्थान), चीन (0.719 एचडीआई (HDI) वेल्यू के साथ 91वां स्थान) तथा मालदीव (0.698 एचडीआई (HDI) वेल्यू के साथ 103वां स्थान) की स्थिति भारत से बेहतर है.

 भूटान (0.584 एचडीआई (HDI) वेल्यू के साथ 136वां स्थान), बांग्लादेश (0.558 एचडीआई (HDI) वेल्यू के साथ 142वां स्थान), नेपाल (0.540 एचडीआई (HDI) वेल्यू के साथ 145वां स्थान), पाकिस्तान (0.537 एचडीआई (HDI) वेल्यू के साथ 146वां स्थान), म्यांमार (0.524 एचडीआई (HDI) वेल्यू के साथ 150वां स्थान) तथा अफगानिस्तान (0.468 एचडीआई (HDI) वेल्यू के साथ 169वां स्थान) की स्थिति इस संदर्भ में भारत से पीछे है.

 मानव विकास रिपोर्ट (HDR)-2014 के अनुसार, वर्ष 1980 से 1990 के मध्य भारत का मानव विकास सूचकांक (एचडीआई-HDI)) वेल्यू 1.58 प्रतिशत वार्षिक की दर से बढ़ा जबकि 1990 से 2000 की अवधि में यह वृद्धि दर 1.15 प्रतिशत तथा 2000 से 2013 की अवधि में यह वृद्धि दर 1.49 प्रतिशत थी.

 भारत में जीडीपी के प्रतिशत के रूप में स्वास्थ्य पर सार्वजनिक व्यय मात्र 3.9 प्रतिशत (2011 में) है.

 भारत में 5 वर्ष से कम आयु की बाल मृत्यु दर (प्रति 1000 जीवित जन्मों पर) 56 (वर्ष 2012 में) है. और जन्म के समय भारत की जीवन प्रत्याशा दर 66.4 वर्ष है.

 शिक्षा पर सार्वजनिक व्यय जीडीपी का मात्र 3.3 प्रतिशत (2005-2012 की अवधि में) है.

 मातृत्व मृत्यु दर (प्रति 1 लाख जीवित जनसंख्या पर) 200 (वर्ष 2010 में) है औरसकल प्रजनन दर’ (TFR-Total Fertility Rate) 2.5 प्रतिशत (2010 से 2015 के मध्य) है.

 संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 10.9 प्रतिशत (वर्ष 2013 में) है.

 मानव विकास रिपोर्ट (HDR)-2014 के अनुसार, भारत का बहुआयामी निर्धनता सूचकांक (MPI वेल्यू) 0.282 है (वर्ष 2013-मानव विकास रिपोर्ट (HDR) में भारत का MPI वेल्यू 0.283 था) तथा निर्धनता का प्रतिशत 55.3 है (वर्ष 2013 मानव विकास रिपोर्ट (HDR) में 53.7 था). वर्ष 2010 में बहुआयामी निर्धनता प्रतिशत 53.7 था.

 भारत का लैंगिक असमानता सूचकांक (GII) वेल्यू 0.563 है तथा 152 देशों में भारत का 127वां स्थान है.

 भारत का असमानता समायोजित मानव विकास सूचकांक एचडीआई (HDI) वेल्यू मात्र 0.418 है जो एचडीआई (HDI) की तुलना में 28.6 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है. यह भारत को मध्यम मानव विकासवाले देशों की श्रेणी से निम्न मानव विकासवाले देशों की श्रेणी में ला देता है.

अंतराष्ट्रीय परिदृश्य

 मानव विकास रिपोर्ट (HDR)-2014 में 0.944 मानव विकास सूचकांक (एचडीआई (HDI)) वेल्यू के साथ नॉर्वे मानव विकास रैंकिंग में प्रथम स्थान पर है जबकि द्वितीय एवं तृतीय स्थान क्रमशः ऑस्ट्रेलिया (एचडीआई (HDI) वेल्यू-0.933) एवं स्विट्जरलैंड (एचडीआई (HDI) वेल्यू-0.917) को प्राप्त हुआ है.

 शीर्ष 10 में स्थान प्राप्त करने वाले अन्य देश क्रमशः (रैंक 4 से 10) हैं-नीदरलैंड्स, संयुक्त राज्य अमेरिका, जर्मनी, न्यूजीलैंड, कनाडा, सिंगापुर, डेनमार्क.

 मानव विकास रैंकिंग में सबसे निचले स्थान (187वें) पर नाइजर है जिसका मानव विकास सूचकांक (एचडीआई (HDI)) वेल्यू मात्र 0.337 है. इस सूची में निचले स्थान के सभी दस देश उप-सहारा अफ्रीका क्षेत्र के हैं.

 इस सूची में निचले क्रम के दस देश क्रमशः हैं-नाइजर (187वां स्थान), कांगो प्रजातांत्रिक गणराज्य (186वां स्थान), मध्य अफ्रीकी गणराज्य (185वां स्थान), चाड (184वां स्थान), सियरा लियोन (183वां स्थान), इरीट्रिया (182वां स्थान), बुर्किना फासो (181वां स्थान), बुरुंडी (180वां स्थान), गिनी (179वां स्थान) एवं मोजाम्बिक (178वां स्थान).

 विश्व के अन्य प्रमुख देशों में यूनाइटेड किंगडम (0.892 एचडीआई (HDI) वेल्यू के साथ 14वां स्थान), रूस (0.778 एचडीआई (HDI) वेल्यू के साथ 57वां स्थान), ब्राजील (0.744 एचडीआई (HDI) वेल्यू के साथ 79वां स्थान) तथा दक्षिण अफ्रीका (0.658 एचडीआई (HDI) वेल्यू के साथ 118वां स्थान) की स्थिति भारत से बेहतर है.

 क्षेत्रीय रूप से उच्चतम मानव विकास सूचकांक (एचडीआई (HDI)) वेल्यू लैटिन अमेरिका तथा कैरिबियन देशों का 0.740 है तथा सबसे कम क्षेत्रीय एचडीआई (HDI) वेल्यू उप-सहारा अफ्रीका का 0.502 है.

 यूरोप एवं मध्य एशिया का एचडीआई (HDI) वेल्यू 0.738 है. दक्षिण एशिया का एचडीआई (HDI) वेल्यू 0.588 है.

 अरब राष्ट्रों, यूरोप व मध्य एशिया में प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय(GNI) में गिरावट दर्ज हुई है.

 असमानता समायोजित मानव विकास सूचकांक की रैंकिंग में प्रारंभिक पांच स्थान पर क्रमशः नॉर्वे, ऑस्ट्रेलिया, स्विट्जरलैंड, नीदरलैंड्स एवं संयुक्त राज्य अमेरिका हैं.

 असमानता के कारण एचडीआई (HDI) में आई औसत कमी विभिन्न देशों में 5.5 प्रतिशत (फिनलैंड) से लेकर 44.3 प्रतिशत (सियरा लियोन) तक विस्तृत है.

लैंगिक असमानता सूचकांक (GII)

 मानव विकास रिपोर्ट (HDR)-2010 में लैंगिक असमानता सूचकांक’ (GII-Gender Inequality Index) भी प्रस्तुत किया गया था जो मानव विकास के विभिन्न आयामों के संदर्भ में महिलाओं और पुरुषों के बीच असमानता का मापन करता है. वर्ष 2014 में यह सूचकांक 152 देशों के लिए प्रस्तुत किया गया है (जबकि वर्ष 2013-मानव विकास रिपोर्ट (HDR) में यह 148 देशों के लिए प्रस्तुत किया गया था) जिसके प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं-

 सर्वाधिक लैंगिक समानता वाले देशों में सर्वोच्च स्थान स्लोवेनिया का है तथा उसके बाद क्रमशः स्विट्जरलैंड, जर्मनी, स्वीडन एवं डेनमार्क आते हैं.

 मानव विकास के अधिक असमान वितरण वाले देशों में महिलाओं एवं पुरुषों के बीच असमानता भी अधिक है. ऐसे देशों में सर्वाधिक खराब स्थिति यमन (152वां स्थान), चाड (151वां स्थान), अफगानिस्तान (150वां स्थान), नाइजर (149वां स्थान) एवं माली (148वां स्थान) की है.

 

 

Write Comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Video Archives

Archives

share on Facebook
Twitter
RSS
Feedback
Read Later

Contact Form

Please enter security code
      Close