सवाल सेहत का

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What's Inside

राष्ट्रीय स्वास्थ्य लेखा-जोखा: भारत के स्वास्थ्य अनुमान 2014-15 (अक्टूबर, 2017 में जारी) नामक रिपोर्ट, राष्ट्रीय स्वास्थ्य लेखा दिशानिर्देश 2016 के आधार पर देश के स्वास्थ्य खर्च का लेखाजोखा प्रदान करता है. इन अनुमानों को तैयार करने के लिए स्वास्थ्य लेखा प्रणाली 2011 (SHA 2011) का पालन किया गया है जोकि स्वास्थ्य आंकड़े जारी करने का एक वैश्विक मानक ढांचा है. नेशनल हैल्थ अकाउंटस् के अनुमान एक संस्थागत प्रक्रिया के तहत जारी किए गए हैं जिसमें भारत के एनएचए विशेषज्ञ समूह के मार्गदर्शन के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों के परामर्श, डेटा स्रोत, वर्गीकरण कोड और अनुमान पद्धति सभी को मानकीकृत किया गया है.

एनएचए देश में स्वास्थ्य प्रणाली के वित्तपोषण को समझने के लिए महत्वपूर्ण संकेतक प्रदान करता है और अन्य देशों के साथ तुलना करने में मदद करता है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017, स्वास्थ्य सेवा वित्तपोषण से संबंधित कई लक्ष्यों को निर्धारित करती है और नेशनल हैल्थ अकाउंटस् की एक मजबूत प्रणाली के माध्यम से स्वास्थ्य पर हुए खर्च को ट्रैक करने की आवश्यकता पर जोर देती है. वार्षिक एनएचए अनुमान, संघ / राज्य सरकारों द्वारा स्वास्थ्य के लिए आवंटन में रुझान पर नज़र रखने के लिए एक डेटाबेस बनाता है और आउट-ऑफ-पॉकेट भुगतान के बोझ का भी अनुमान लगाता है.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य लेखा-जोखा: भारत के स्वास्थ्य अनुमान 2014-15 (अक्टूबर, 2017 में जारी) रिपोर्ट, जिसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य लेखा तकनीकी सचिवालय, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा तैयार किया गया है, के मुख्य निष्कर्ष इस प्रकार हैं, (देखने के लिए यहां क्लिक करें):

• वर्ष 2014-15 में भारत का अनुमानित कुल स्वास्थ्य खर्च (Total Health Expenditure-THE) 4,83,259 करोड़ रुपये (जीडीपी का 3.89 प्रतिशत और 3,826 रुपये प्रति व्यक्ति) है. बाहरी / डोनर फंड सहित सरकारी और निजी स्रोतों द्वारा किए गए वर्तमान और पूंजीगत खर्च के जोड़ को कुल स्वास्थ्य खर्च कहते हैं. वर्तमान स्वास्थ्य खर्च (Current Health Expenditure-CHE) 4,51,286 करोड़ रुपये (कुल स्वास्थ्य खर्च का 93.4 प्रतिशत) और पूंजीगत खर्च 31,973 करोड़ रुपये (कुल स्वास्थ्य खर्च का 6.6 प्रतिशत) है.

• वर्ष 2014-15 में पूंजीगत खर्च सहित सरकारी स्वास्थ्य खर्च (Government Health Expenditure-GHE) 1,39,949 करोड़ रुपये (कुल स्वास्थ्य खर्च का 29 प्रतिशत, जीडीपी का 1.13 प्रतिशत और 1,108 रुपये प्रति व्यक्ति) है. यह 2014-15 में सामान्य सरकारी खर्च का लगभग 3.94 प्रतिशत है. सरकारी स्वास्थ्य खर्च में, केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 37 प्रतिशत और राज्य सरकार की हिस्सेदारी 63 प्रतिशत है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन पर केंद्रीय सरकार का खर्च 20,199 करोड़ रुपये, रक्षा चिकित्सा सेवा 6,695 करोड़ रुपये, रेलवे स्वास्थ्य सेवा 2,111 करोड़ रुपये, केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना (CGHS) पर 2,300 करोड़ रुपये और एक्स सर्विसमैन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ECHS) के लिए 2,243 करोड़ रुपये है.

• वर्ष 2014-15 में, स्वास्थ्य पर परिवारों द्वारा किया जाने वाला आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च 3,02,425 करोड़ रुपये (कुल खर्च का 62.6 प्रतिशत, जीडीपी का 2.4 प्रतिशत, 2,394 रुपये प्रति व्यक्ति) है. वर्ष 2014-15 में निजी स्वास्थ्य बीमा खर्च 17,755 करोड़ रुपये (कुल खर्च का 3.7 प्रतिशत) है.

• वर्तमान स्वास्थ्य खर्च में केन्द्रीय सरकार का हिस्सा 37,221 करोड़ रुपये (कुल खर्च का 8.2 प्रतिशत) और राज्य सरकार का हिस्सा 59,978 करोड़ रुपये (कुल खर्च का 13.3 प्रतिशत), स्थानीय निकायों का हिस्सा 2,960 करोड़ रुपये (कुल खर्च का 0.7 प्रतिशत), परिवारों का (बीमा योगदान सहित) 3,20,262 करोड़ रुपये ( कुल खर्च का 71 प्रतिशत, आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च 67 प्रतिशत), उद्यमों द्वारा दिया गया योगदान (बीमा योगदान सहित) 20,069 करोड़ रुपये (कुल खर्च का 4.4 प्रतिशत) और गैर सरकारी संगठनों का 7,422 करोड़ रुपये (कुल खर्च का 1.6 प्रतिशत) और बाह्य / दाता निधि का योगदान लगभग 3,374 करोड़ रुपये (कुल खर्च का 0.7 प्रतिशत) है. 

• सरकारी अस्पतालों के लिए वर्तमान स्वास्थ्य खर्च 64,685 करोड़ रुपये (14.3 प्रतिशत) और निजी अस्पतालों के लिए 1, 16,943 करोड़ रुपये (25.9 प्रतिशत) है. अन्य सरकारी प्रदाताओं (पीएचसी, डिस्पेंसरी और परिवार नियोजन केंद्र सहित) पर किया जाने वाला खर्च  27,782 करोड़ रुपये (6.2 प्रतिशत), अन्य निजी प्रदाताओं पर (निजी क्लीनिक) 23,795 करोड़ रुपये (5.3 प्रतिशत), रोगी परिवहन और आपातकालीन बचाव के प्रदाताओं पर 20,627 करोड़ रुपये (4.6 प्रतिशत), चिकित्सा और नैदानिक प्रयोगशालाओं पर 21,058 करोड़ रुपये (4.7 प्रतिशत), फार्मेसियों पर 1,30,451 करोड़ रुपये (28.9 प्रतिशत), अन्य रिटेलर्स पर 559 करोड़ रुपये (0.1 प्रतिशत), निवारक देखभाल के प्रदाताओं पर 23,817 करोड़ रुपये (5.3 प्रतिशत), और अन्य प्रदाताओं पर 9,985 करोड़ रुपये (2.2 प्रतिशत)। और लगभग 11,584 करोड़ रुपये (2.6 प्रतिशत) स्वास्थ्य प्रणाली प्रशासन और वित्तपोषण पर खर्च होते हैं.

• वर्तमान रोगी देखभाल के लिए स्वास्थ्य खर्च 1,58,334 करोड़ रुपये (35.1 प्रतिशत), आउट पेशेंट क्यूरेटिव केयर पर 73,059 करोड़ रुपये (16.2 प्रतिशत), रोगियों के परिवहन पर 20,627 करोड़ रुपये (4.6 प्रतिशत), प्रयोगशाला और इमेजिंग सेवाओं पर 21,058 करोड़ रुपये (4.7 प्रतिशत), निर्धारित दवाइयों पर 1,28,887 करोड़ रुपये (28.6 प्रतिशत), ओवर द काउंटर (ओटीसी) दवाओं पर 1564 करोड़ रुपये (0.3 प्रतिशत), चिकित्सीय उपकरण और मेडिकल सामान पर 559 करोड़ रुपये (0.1 प्रतिशत), निवारक देखभाल पर 30,420 करोड़ रुपये (6.7 प्रतिशत), और अन्य पर 5,194 करोड़ रुपये (1.2 प्रतिशत) है. लगभग 11,584 करोड़ रुपये (2.6 प्रतिशत) शासन और स्वास्थ्य प्रणाली प्रशासन पर खर्च हो जाते हैं.

• वर्तमान स्वास्थ्य खर्च का 37.9 प्रतिशत हिस्सा फार्मास्यूटिकल पर खर्च होता है (इसमें निर्धारित दवाएं शामिल हैं, काउंटर ड्रग्स और उन लोगों द्वारा प्रदान की जाती हैं जो किसी इन पेशेंट, आउट पेशेंट या किसी अन्य घटना के दौरान स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता की मदद लेते हैं) पारंपरिक, पूरक और वैकल्पिक चिकित्सा (टीसीएएम) पर वर्तमान स्वास्थ्य खर्च का 16 प्रतिशत हिस्सा खर्च होता है.

• प्राथमिक देखभाल के लिए वर्तमान स्वास्थ्य खर्च 45.1 प्रतिशत है, माध्यमिक देखभाल के लिए 35.6 प्रतिशत है, तृतीयक देखभाल के लिए 15.6 प्रतिशत है और शासन और पर्यवेक्षण पर 2.6 प्रतिशत खर्च होता है. अगर इसे सरकारी और निजी क्षेत्र में अलग-अलग करें तो; प्राथमिक देखभाल पर सरकारी खर्च 51.3 प्रतिशत है, द्वितीयक देखभाल पर 21.9 प्रतिशत और तृतीयक देखभाल पर 14 प्रतिशत है. प्राथमिक देखभाल पर निजी खर्च 43.1 प्रतिशत है, द्वितीयक देखभाल पर 39.9 प्रतिशत है और तृतीयक देखभाल पर 16.1 प्रतिशत है.


 

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