सवाल सेहत का

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What's Inside

वर्ष 2017 में 15 वर्षों के अंतराल के बाद नई राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति जारी की गई. राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति (एनएचपी) 2017 में बदल रही सामाजिक, आर्थिक प्रौद्योगिकी तथा महामारी से संबंधित वर्तमान परिस्थिति और उभर रही चुनौतियों के समाधान भी प्रस्तुत किए गए हैं. नई नीति बनाने की प्रक्रिया में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने विभिन्न हित-धारकों तथा क्षेत्रीय हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया गया है.

एनएचपी 2017 का प्रमुख संकल्प 2025 तक सार्वजनिक स्वास्थ्य खर्च को जीडीपी के 2.5 प्रतिशत तक बढ़ाना है. स्वास्थ्य नीति में स्वास्थ्य और निरोग केन्द्रों के माध्यम से व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करवानी है. इस नीति का उद्देश्य सभी के लिए संभव उच्चस्तरीय स्वास्थ सेवा का लक्ष्य प्राप्त करना, रोकथाम और संवर्धनकारी स्वास्थ्य सेवा तथा वित्तीय बोझ रहित गुणवत्ता संपन्न स्वास्थ्य सेवाओं की सार्वभौमिक पहुंच उपलब्ध कराना है. स्वास्थ्य सेवाओं का प्रसार कर, गुणवत्ता में सुधार कर और स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की लागत में कमी करके इसे हासिल किया जाएगा. एनएचपी 2017 में संसाधनों का बड़ा भाग (दो तिहाई या अधिक) प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने पर बल देता है. स्वास्थ्य नीति 2017 में नई दृष्टि से निजी क्षेत्र से रणनीतिक खरीदारी पर ध्यान दिया गया है. राष्ट्रीय नीति में स्वास्थ्य लक्ष्यों को हासिल करने में निजी क्षेत्र की मजबूतियों का लाभ उठाने और निजी क्षेत्र के साथ मजबूत साझेदारी की चर्चा भी की गई है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 को सरकार द्वारा केन्द्रीय बजट 2017-18 में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के लिए 47,352.51 करोड़ रूपये आबंटित किए हैं. 

राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं, (देखने के लिए कृपया यहां क्लिक करें.)

  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 में सभी आयामों - स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र में निवेश, स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल सेवाओं का प्रबंधन और वित्‍त-पोषण करने, विभिन्‍न क्षेत्रीय कार्रवाई के जरिये रोगों की रोकथाम और अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देने,चिकित्‍सा प्रौद्योगिकियाँ उपलब्‍ध कराने,मानव संसाधन का विकास करने,  बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य के लिये जरूरी शिक्षण संस्थान बनाने, वित्‍तीय सुरक्षा कार्यनीतियाँ बनाने तथा स्‍वास्‍थ्‍य के विनियमन और स्‍वास्‍थ्‍य प्रणालियों को आकार देने पर विचार करते हुए प्राथमिकताओं का चयन किया गया है. इस नीति का उद्देश्‍य सभी लोगों, विशेषकर उपेक्षित लोगों को सुनिश्चित स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल उपलब्‍ध कराना है.
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 में जन स्‍वास्‍थ्‍य प्रणालियों की दिशा बदलने तथा उसे सुदृढ़ करने की मांग की गई है, इसमें निजी क्षेत्र से कार्यनीतिक खरीद पर विचार करने और राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने में अपनी शक्‍तियों का इस्‍तेमाल करने की भी नए सिरे से अपेक्षा की गई है. नीति में निजी क्षेत्र के साथ सुदृढ़ भागीदारी करने की परिकल्‍पना भी शामिल है.
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के एक महत्त्वपूर्ण घटक के रूप में जन स्‍वास्‍थ्‍य खर्च को समयबद्ध ढंग से जीडीपी के 2.5% तक बढ़ाने का प्रस्‍ताव किया गया है. इसमें ‘स्‍वास्‍थ्‍य और आरोग्‍यता केन्‍द्रों’ के माध्‍यम से सुनिश्‍चित व्‍यापक प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल हेतु अधिक से अधिक धनराशि प्रदान करने की परिकल्‍पना शामिल है.
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 में प्रति 1000 की आबादी के लिये अस्पतालों में एक नहीं बल्कि 2 बिस्‍तरों की उपलब्‍धता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि आपात स्‍थिति में ज़रूरत पड़ने पर इसका लाभ उठाया जा सके. इस नीति में वित्‍तीय सुरक्षा के माध्यम से सभी सार्वजनिक अस्‍पतालों में नि:शुल्‍क दवाएँ, नि:शुल्‍क निदान तथा नि:शुल्‍क आपात तथा अनिवार्य स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल सेवाएँ प्रदान करने का प्रस्‍ताव किया गया है.
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017  में आयुष प्रणाली के त्रि-आयामी एकीकरण की परिकल्‍पना की गई है जिसमें क्रॉस रेफरल, सह-स्‍थल और औषधियों की एकीकृत पद्धतियाँ शामिल हैं. इसमें प्रभावी रोकथाम तथा चिकित्‍सा करने की व्‍यापक क्षमता है, जो सुरक्षित और किफायती है. योग को अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य के संवर्द्धन के भाग के रूप में स्‍कूलों और कार्यस्‍थलों में और अधिक व्‍यापक ढंग से लागू करना भी शामिल है.
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 में पोषक तत्वों की कमी से प्रचलित कुपोषण को घटाने पर बल तथा सभी क्षेत्रों में पोषक तत्व की पर्याप्तता में विविधता पर फोकस करने का प्रस्ताव किया गया है.
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 में सार्वजनिक अस्पतालों तथा स्वास्थ सुविधाओं का समय-समय पर मूल्यांकन करने और उन्हें गुणवत्ता स्तर का प्रमाण-पत्र देना शामिल है.
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 में भारतीय आबादी के लिए देश में बने उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय मैन्यूफैक्चरिंग को संवेदी और सक्रिय बनाने की आवश्यकता पर बल देने का प्रस्ताव किया गया है.
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 में चिकित्सा सेवा प्रणाली की दक्षता और परिणाम को सुधारने के लिए डिजिटल उपायों के व्यापक प्रसार पर बल दिया गया है. इसका उद्देश्य सभी हितधारकों की आवश्यकताओं को पूरा करने वाली तथा कार्य दक्षता, पादर्शिता और सुधार करने वाली एकीकृत स्वास्थ सूचना प्रणाली स्थापित करना है.
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 में महत्वपूर्ण अंतरों को पाटने और स्वास्थ्य लक्ष्यों को प्राप्त करने में रणनीतिक खरीदारी करने के लिए निजी क्षेत्र से सहयोग लेने का प्रस्ताव भी किया गया है.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के अंतर्गत लक्ष्य

  • जीवन प्रत्याशा को 2025 तक 67.5 वर्ष से बढ़ाकर 70 वर्ष करना.
  • वर्ष 2019 तक शिशु मृत्यु दर को कम करके 28 तक लाना.
  • वर्ष 2025 तक पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर को कम करके 23 तक लाना.
  • राष्ट्रीय और उप राष्ट्रीय स्तरों पर वर्ष 2025 तक कुल प्रजनन दर को घटा कर 2.1 करना.
  • वर्ष 2020 तक मातृ मृत्यु दर (MMR)को वर्तमान स्तर से घटा कर 100 पर लाना.
  • वर्ष 2025 तक नवजात मृत्यु दर को कम करके 16 और स्थिर जन्म दर को कम करके “इकाई अंक” में लाना.


 

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