सार्वजनिक वितरण प्रणाली

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राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण द्वारा प्रस्तुत नवीनतम गणना( 66 वां दौर- जुलाई 2009 से जून 2010) के अनुसार सार्वजनिक वितरण प्रणाली(पीडीएस) से खरीद-खपत के मामले में नए रुझान इस प्रकार हैं-

http://mospi.nic.in/Mospi_New/upload/nss_report_545.pdf

 

 

--2009-10 मे चावल की खपत में पीडीएस खरीद का हिस्सा ग्रामीण क्षेत्र में करीब 23.5% था ( यानि प्रतिव्यक्ति 6 किलोग्राम में 1.41 किलोग्राम) जबकि शहरी क्षेत्र में इसी अवधि में चावल की खपत में पीडीएस खरीद का हिस्सा 18 फीसदी( प्रतिव्यक्ति 4.52 किलोग्राम में 0.81 किलोग्राम) था। साल 2004-05 में चावल की खपत में पीडीएस हिस्सा ग्रामीण क्षेत्र में 13 फीसदी और शहरी क्षेत्र में करीब 11 फीसदी था।

 

--2009-10 में गेहूं/आटा की खपत में पीडीएस का हिस्सा ग्रामीण क्षेत्र में करीब 14.6 फीसदी(प्रतिव्यक्ति 4.24 किलोग्राम में 0.62 किलोग्राम) और यह 2004-05 के मुकाबले दोगुना है। शहरी क्षेत्र में साल 2009-10 में  गेहूं/आटा की खपत में पीडीएस का हिस्सा 9 फीसदी था जबकि साल 2004-05 में शहरी क्षेत्र के लिए यही आंकड़ा महज 3.8 फीसदी का था।

 

--साल 2009-10 में चीनी की खपत में पीडीएस खरीद का हिस्सा ग्रामीण क्षेत्र के लिए 14.7 फीसदी था जबकि साल 2004-05 में 9.6 फीसदी। शहरी क्षेत्र में यही आंकड़ा साल 2009-10 के लिए 10.3 फीसदी और साल 2004-05 के लिए 6.6 फीसदी था।

 

--साल 2009-10 में किरोसिन की खपत में पीडीएस खरीद का हिस्सा ग्रामीण क्षेत्र में 86.3 फीसदी था एवं शहरी क्षेत्र में 63.6 फीसदी। साल 2004-05 के लिए यही आंकड़ा ग्रामीण क्षेत्र के लिए 9 फीसदी और शहरी क्षेत्र के लिए 7 फीसदी है।

 

--साल 2009-10 में ग्रामीण क्षेत्र के तकरीबन 39 फीसदी लोगों ने कहा कि बीते तीस दिन की अवधि के भीतर उन्होंने पीडीएस से चावल लेकर उसका उपभोग किया है जबकि साल 2004-05 में ग्रामीण क्षेत्र में ऐसा कहने वाले लोगों की संख्या 24.4 फीसदी थी। ठीक इसी तरह शहरी क्षेत्र के लिए यह आंकड़ा साल 2004-05 में 13 फीसदी लोगों का था जो साल 2009-10 में बढ़कर 20.5 फीसदी हो गया।

 

--साल 2009-10 में ग्रामीण क्षेत्र के तकरीबन 27.6 फीसदी लोगों ने कहा कि बीते तीस दिन की अवधि के भीतर उन्होंने पीडीएस से गेहूं या आटा लेकर उसका उपभोग किया है जबकि साल 2004-05 में ग्रामीण क्षेत्र में ऐसा कहने वाले लोगों की संख्या 11 फीसदी थी। ठीक इसी तरह शहरी क्षेत्र के लिए यह आंकड़ा साल 2004-05 में 5.8  फीसदी लोगों का था जो साल 2009-10 में बढ़कर 17.6 फीसदी हो गया।

 

--साल 2009-10 में ग्रामीण क्षेत्र के तकरीबन 28 फीसदी लोगों ने कहा कि बीते तीस दिन की अवधि के भीतर उन्होंने पीडीएस से चीनी लेकर उसका उपभोग किया है जबकि साल 2004-05 में ग्रामीण क्षेत्र में ऐसा कहने वाले लोगों की संख्या 16 फीसदी थी। ठीक इसी तरह शहरी क्षेत्र के लिए यह आंकड़ा साल 2004-05 में 11.5 फीसदी लोगों का था जो साल 2009-10 में बढ़कर 18.7 फीसदी हो गया।

 

--साल 2009-10 में ग्रामीण क्षेत्र के तकरीबन 82 फीसदी लोगों ने कहा कि बीते तीस दिन की अवधि के भीतर उन्होंने पीडीएस से मिट्टी का तेल लेकर उसका उपभोग किया है जबकि साल 2004-05 में ग्रामीण क्षेत्र में ऐसा कहने वाले लोगों की संख्या 73 फीसदी थी।  शहरी क्षेत्र के लिए यह आंकड़ा दोनों ही अवधियों के लिए 33 फीसदी पर बना रहा। शहरी के क्षेत्र के 15 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्र के 18 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्होंने मिट्टी का तेल पीडीएस से ना लेकर अन्य स्रोतों से लिया।

 


Rural Expert


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