आपदा और राहत

आपदा और राहत

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डिजास्टर मैनेजमेंट इन इंडिया- ए स्टेटस् रिपोर्ट , गृहमंत्रालय, भारत सरकार के अनुसार-

http://www.ndmindia.nic.in/EQProjects/Disaster%20Managemen
t%20in%20

India%20-%20A%20Status%20Report%20-%20August%202004.pdf:


• 
देश का 60 फीसदी हिस्सा अलग अलग तीव्रता के भूकंप का आशंकित क्षेत्र है। ठीक इसी तरह देश के 4 करोड़ हेक्टेयर खेतिहर इलाके  में बाढ़ आने की आशंका रहती है, देश के 8 फीसदी इलाके में चक्रवात और 68 फीसदी इलाके में सूखे की आशंका होती है।तकरीबन 3 करोड़ लोग हर साल प्राकृतिक आपदा से प्रभावित होते हैं।.

•  ओडिसा में आया साल 1999 का चक्रवात और भुज(गुजरात) का साल 2001 का भूकंप वैकासिक कामों और योजनाओं में प्राकृतिक आपदा की चुनौती से निपटने के लिए बहुमुखी प्रयास करने की जरुर रेखांकित करता है।

कंटीजेंसी प्लान- ड्राउट 2000 नामक दस्तावेज के अनुसार-
http://www.ndmindia.nic.in/documents/document.html:

• सूबे की सरकार(गुजरात) द्वारा दी गई सूचना के मुताबिक 25 जिलों में से कुल 17 जिलों के 155 तालुकों के कुल 250 लाख लोग सूखे से प्रभावित हुए। पशुचारे की कमी के कारण तकरीबन 71.33 लाख दुधारु पशुओं को भोजन की कमी का सामना करना पडा। खाद्यान्न का उत्पादन तकरीबन 30 फीसदी कम हुआ। तेलहन के उत्पादन में साल 1999 के मुकाबले लगभग 50 फीसदी की कमी आई।

 • राजस्थान में कुल 32 जिलों में से 26 सूखे की चपेट में आये और कुल 23,406 गांवों के 262 लाख इससे प्रभावित हुए। 345 लाख दुधारु पशुओं को पशुचारे की कमी का सामना करना पडा। भूमिगत जल की कमी के कारण पेयजल का अभाव हो गया। खाद्यान्न के उत्पादन में पिछले साल की तुलना में 22 फीसदी की गिरावट आई और जबकि तेलहन का उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में 17 फीसदी कम हुआ।





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