उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों का 10,000 करोड़ रुपये से अधिक बकाया

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published Published on Mar 25, 2019   modified Modified on Mar 25, 2019
नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों का बकाया 10,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है. इस बकाया का 45 फीसदी से अधिक उन आठ में से छह निर्वाचन क्षेत्रों के किसानों का है, जहां 11 अप्रैल को पहले चरण का लोकसभा चुनाव हो रहा है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक,लखनऊ में गन्ना आयुक्त कार्यालय द्वारा इकट्ठा किए गए आंकड़ों के अनुसार मौजूदा 2018-19 पेराई सीजन (अक्टूबर-सितंबर) के दौरान 22 मार्च तक राज्य की चीनी मिलों ने 24,888.65 करोड़ के गन्ने खरीदे थे.

राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सामान्य गन्नों के लिए 315 रुपये प्रति क्विंटल और समय से पहले तैयार हो जाने वाले गन्नों को 325 रुपये प्रति क्विंटल पर गन्ना खरीदा गया.

चीनी मीलों को गन्ने की खरीददारी के 14 दिनों के भीतर 22,175.21 करोड़ रुपये का भुगतान करना था लेकिन वास्तविक भुगतान राशि सिर्फ 12,339.04 करोड़ रुपये रही, जिसमें से 9,836.17 करोड़ रुपये बकाया है. पिछले 2017-18 सीजन के 238.81 करोड़ रुपये के बकाया के साथ किसानों का कुल बकाया धनराशि 10,074.98 करोड़ रुपये है.

इन 10,074.98 करोड़ रुपये में से 4,547.97 करोड़ रुपये यानी 45 फीसदी से अधिक उत्तर प्रदेश के सिर्फ छह निर्वाचन क्षेत्रों मेरठ, बागपत, कैराना, मुज़फ़्फ़रनगर, बिजनौर और सहारनपुर की मीलों पर बकाया हैं. इन सभी छह निर्वाचन क्षेत्रों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अन्य दो सीटों (गाजियाबाद और गौतम बुद्धनगर) में 11 अप्रैल को चुनाव होनी है.

 

द वायर हिन्दी पर प्रकाशित इस कथा को विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 


http://thewirehindi.com/75623/uttar-pradesh-sugar-farmers-mills-cane-dues/


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