एचआरडी का राष्ट्रीय प्राथमिकता के विषयों पर पीएचडी कराने का आदेश, केरल की प्रोफेसर का इस्तीफ़ा

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published Published on Mar 25, 2019   modified Modified on Mar 25, 2019
नई दिल्लीः सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ केरल (सीयूके) के बोर्ड ऑफ स्टडीज ऑफ अंग्रेजी एंड कम्परेटिव लिटरेचर की एक सदस्य ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के एक आदेश के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशासन ने पीएचडी शोधार्थियों के लिए राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप शोध विषयों की एक सूची तैयार करने के संबंध में सभी विभागों को आदेश दिए हैं. यह निर्देश 13 मार्च को दिया गया.

मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से जारी सर्कुलर में वाइस चांसलरों को निर्देश दिए गए कि वे अप्रासंगिक क्षेत्रों में शोध नहीं कराएं. पिछले साल दिसंबर में सेंट्रल यूनिवर्सिटीज के वाइस चांसलरों की एक बैठक में इस पर चर्चा की गई थी.

15 दिसंबर 2018 को हुई इस बैठक में कहा गया था, ‘जब शोधार्थी पीएचडी के लिए दाखिला लेते हैं, तो उनके शोध के विषय राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप होने चाहिए. शोध के लिए सिर्फ प्रासंगिक विषय ही दिए जाने चाहिए.'

सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ केरल ने विभाग के सभी डीन और प्रमुखों को पत्र लिखकर शोध के लिए राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के विषयों की एक सूची तैयार करने को कहा. इस सर्कुलर में कहा गया कि भविष्य में छात्र इस पूर्व निर्धारित सूची से शोध के विषय ही चुन सकते हैं.

द वायर हिन्दी पर प्रकाशित इस कथा को विस्तार से पढ़ने के लिएयहां क्लिक करें


http://thewirehindi.com/75588/cuk-phd-scholars-meena-t-pillai-university-of-kerala/


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