कोविड19 इलाज: होम केयर पैकेज के बारे में कितना जानते हैं आप?

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published Published on Jun 17, 2020   modified Modified on Jun 17, 2020

-बीबीसी, 

कोरोना का कोई ठोस इलाज फिलहाल मौजूद नहीं है. बावजूद इसके, प्राइवेट अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आए तो आपको कई लाख इसके लिए ख़र्च करने पड़ सकते हैं. सोशल मीडिया पर कई अस्पतालों के रेट लिस्ट इन दिनों खूब वायरल हो रहे हैं.

लेकिन कोविड19 के इलाज के लिए दो बातें जाननी बेहद ज़रूरी हैं. पहला ये कि हर किसी को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं होती. केवल मॉडरेट और सिवियर( गंभीर) मामलों में ही मरीज़ को अस्पताल की भर्ती होने की सलाह डॉक्टर देते हैं या फिर उनको जिनकी उम्र ज्यादा है और कोविड19 के साथ-साथ दूसरी बीमारी भी है. दूसरी बात ये कि केन्द्र और राज्य सरकारें दोनों माइल्ड सिम्प्टम होने पर होम आइसोलेशन की सलाह देते हैं.

अब अस्पताल के भारी भरकम बिल से निजात पाने और होम आइसोलेशन में आप सबकुछ ठीक से कर रहे हैं या नहीं इस पर निगरानी रखने के लिए दिल्ली के प्राइवेट अस्पतालों ने होम केयर पैकेज की शुरूआत की है, जिसे अस्पताल वाले होम केयर एसिस्टेंस प्रोग्राम कहते हैं.

क्या है होम केयर पैकेज?
ये पूरा पैकेज 15-17 दिनों का है. इस होम केयर पैकेज में आप घर बैठे डॉक्टर और नर्स से वर्चुअल इलाज करवा सकेंगे. दिन में दो बार नर्स आपके साथ फोन कॉल पर आपका बीपी, ऑक्सीजन और बुख़ार चेक करवाएगी. हर तीसरे दिन आपको एक ट्रेंड डॉक्टर टेली रिव्यू में बताएंगे कि आपका इलाज ठीक है, या किसी फिर दवाइयां बदलने की ज़रूरत है. कुछ अस्पताल इस पैकेज में आपको एक मेडिकल किट भी देने का वादा कर रहे हैं. कुछ दवाइयां भी होम डिलीवरी के साथ घर भिजवाने का प्रबंध करवा देते हैं.

मैक्स हेल्थकेयर के ग्रुप मेडिकल डायरेक्टर संदीप बुद्धिराजा के मुताबिक, "कोविड-19 से 70-80 फीसदी मरीज़ घर पर ही ठीक हो सकते हैं. इसलिए इस होम केयर पैकेज को ख़ास तौर पर माइल्ड पेशेंट के लिए बनाया गया है ताकि उन्हें ज्यादा ख़र्च भी ना करना पड़े और आसानी से घर बैठ डॉक्टर और नर्स की निगरानी में ये अपना इलाज भी करा सकें. इससे अस्पताल में बेड कम होने की शिकायतें भी दूर होंगी और हेल्थ सिस्टम पर बोझ भी थोड़ा कम होगा."

फोर्टिस अस्पताल अपने होम केयर पैकेज में डायटिशियन और साइकोलॉजिस्ट से कंसलटेशन भी कराते हैं. फोर्टिस की ज़ोनल डायरेक्टर डॉक्टर ऋतु गर्ग के मुताबिक इस होम केयर सुविधआ को कोई तभी ले सकता है जब मरीज़ का टेस्ट पॉज़िटिव आया हो. उसके तुरंत बाद डॉक्टर जांच कर ये पता लगाते हैं कि क्या मरीज़ का होम आइसोलेशन में रहना, उसकी सेहत के हिसाब से सही है या नहीं.

पूरी रपट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 


सरोज सिंह, https://www.bbc.com/hindi/india-53062277


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