जलवायु परिवर्तन से कृषि पर पड़ रहा बुरा प्रभाव, 23 प्रतिशत तक कम हो सकता है गेहूं का उत्पादन

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published Published on Jan 3, 2019   modified Modified on Jan 3, 2019
नई दिल्ली: जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और बढ़ता प्रदूषण न केवल लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा असर डाल रहे हैं, बल्कि खेतों में पैदा हो रही फसलें भी इनसे प्रभावित हैं.

कृषि मंत्रालय ने संसदीय समिति को सौंपे लिखित जवाब में कहा है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से धान, गेहूं, मक्का, ज्वार, सरसों, आलू, कपास और नारियल जैसी फसलों पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है. द वायर के पास मंत्रालय द्वारा दिए गए जवाब की कॉपी उपलब्ध है.

कृषि मंत्रालय ने वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता वाली संसद की प्राक्कलन समिति को बताया कि अगर समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो 2050 तक गेहूं का उत्पादन छह से 23 प्रतिशत तक कम हो सकता है.

द वायर हिन्दी पर प्रकाशित इस कथ को विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 

 


http://thewirehindi.com/67750/impact-of-climate-change-on-agriculture-produce-yield-can-be-reduced/?fbclid=IwAR0YFInxEnf3BEF96HJq8mOepviR9-Y_9aam2LW7pjw1xSslrrdjHx5C0UY


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