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जौनपुर के किसानों का सवाल, मोदी ने 2000 रुपये देकर वापस क्यों ले लिया

नई दिल्ली: ‘हमें न तो आवास मिला और न ही शौचालय मिला है. सरकार ने गैस सिलेंडर तो दिया है लेकिन उसे भी बहुत कम इस्तेमाल करता हूं, क्योंकि हमारे पास इतने पैसे नहीं हैं कि उसे दोबारा भरा सकें. इस बीच पीएम किसान योजना के तहत सरकार ने दो हजार रुपये खाते में भेजे थे, लेकिन कुछ ही घंटों में उसे वापस ले लिया. अब बताइए हम जैसा गरीब आदमी क्या करे.'

उत्तर प्रदेश के जौनपुर ज़िले के नेवढ़िया गांव के निवासी विजय बहादुर ने ये बात कही. 35 वर्षीय बहादुर के पास करीब एक बीघा यानी कि एक एकड़ से कम ज़मीन है और घर का ख़र्च चलाने के लिए उन्हें मज़दूरी भी करनी पड़ती है. बीते 24 फरवरी को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना के तहत उनके खाते में 2,000 रुपये डाले गए थे लेकिन कुछ घंटों बाद वो पैसे वापस हो गए.

विजय बहादुर ने बताया कि यूनियन बैंक के बरईपार-जौनपुर शाखा में उनका खाता है और वहीं से ये पैसे कटे हैं. पैसे कटने के प्रमाण के रूप में बहादुर ने अपना पासबुक दिखाते हुए कहा, ‘मुझे खुशी थी कि 2000 रुपये मिले हैं, लेकिन अब गुस्सा हूं कि मोदी ने पैसा देकर वापस ले लिया.'

मालूम हो कि देश की कई जगहों से ये ख़बरें आई हैं कि पीएम किसान योजना के तहत कई किसानों के खाते में डाले गए पैसे वापस हो गए हैं. हालांकि, कई जगह से शिकायत आने के बाद भी इस दिशा में अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

बहादुर ने बताया कि पैसे कटने का लेकर उन्होंने बैंक मैनेजर से शिकायत की थी लेकिन इसका कोई हल नहीं निकला. उन्होंने कहा, ‘पैसे कटने पर बैंक मैनेजर के पास शिकायत करने गया था. मेरे अलावा 15-20 लोग इसी तरह की शिकायत लेकर पहुंचे थे. मैनेजर ने कहा कि जहां से पैसे आए थे, वहीं से निकाल लिए गए.'

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