पानी की वजह से पलायन के लिए मजबूर राजस्थान के ग्रामीण

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published Published on May 21, 2019   modified Modified on May 21, 2019
धौलपुर: राजस्थान के पूर्वी जिले धौलपुर के डांग क्षेत्र में आने वाली गौलारी, बीलौनी और डौमई ग्राम पंचायतों में इन दिनों पीने के पानी की भयंकर समस्या बनी हुई है. ग्रामीण अपने मवेशी और परिवार के साथ नदी किनारों पर पलायन कर गए हैं.

कई गांवों में महिलाएं अपना आधा समय सिर्फ पानी लाने के लिए बिता रही हैं. पलायन की स्थिति इतनी विकराल है कि गौलारी ग्राम पंचायत में चंदरपुरा और थाने का पुरा गांव में सिर्फ चार लोग ही बचे हैं.

बाकी लोग अपनी मवेशी लेकर उत्तर प्रदेश पलायन कर चुके हैं. ये लोग अब बारिश आने के बाद ही अपने गांव लौटेंगे. ग्रामीणों के अनुसार हर साल इन गांवों से करीब 100 से ज्यादा परिवार अपनी मवेशी और परिवार के साथ पलायन कर जाते हैं.

इतना ही नहीं जिन गांव में लोग बचे हैं वे पीने के पानी के लिए रोजाना जद्दोजहद कर रहे हैं. गौलारी ग्राम पंचायत के ही बल्लापुरा गांव में लोग एक पोखर के सड़े हुए पानी को पीने के लिए मजबूर हैं तो बीलौनी ग्राम पंचायत के कई गांवों की महिलाएं कई किलोमीटर दूर से पानी का इंतजाम कर रही हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि पार्वती बांध से सप्लाई का पानी तीन-चार दिन में बमुश्किल 5-10 मिनट के लिए आता है जिसमें दो बर्तन भी नहीं भर पाते. वहीं, जिन गांवों की राजनीतिक पहुंच और ताकत है वे लोग सप्लाई की पाइप लाइन को ही लीक कर लेते हैं और दूसरे गांवों का पानी रोक लेते हैं.

गौलारी ग्राम पंचायत के महुआ की झोर, कोटरा, बहेरीपुरा, बल्लापुरा, चंदरपुरा, थाने का पुरा, बोहरे का पुरा, बिजलपुरा, अहीर का पुरा, घुराकी और गोलारी गांव के अलावा आस-पास के गांवों में यह समस्या काफी पुरानी और बड़ी है.

हर साल गर्मी शुरू होती ही कुएं-हैंडपंप सूख जाते हैं और ग्रामीण पानी के लिए भटकते रहते हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी इस समस्या पर आंख मूंदे बैठे हैं.

द वायर हिन्दी पर प्रकाशित इस कथा को विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें


http://thewirehindi.com/82433/water-crisis-in-rajasthan-dholpur-district-people-migrated/


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