बजट 2020 में ग्रामीण भारत को क्या मिला ?

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published Published on Feb 7, 2020   modified Modified on Feb 7, 2020
एक फरवरी को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दूसरे बजट को संसद में पेश किया गया। सरकार 2022 तक किसानों की आय को दोगुनी करने के लक्ष्य को लेकर चल रही है। गांव, कृषि और किसानों के लिए वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में 16 सूत्रीय योजनाओं की घोषणा भी की। परन्तु बजट का अर्थ केवल बड़ी-बड़ी घोषणाएं करना नहीं होता बल्की घोषणाओं के पीछे किये धनराशि आवंटन का आंकलन ही बजट का असली विश्लेषण होता है। वर्ष 2019-20 का देश का कुल बजट लगभग 27.86 लाख करोड़ रुपए था, लेकिन संशोधित अनुमान के अनुसार केवल 26.98 लाख करोड़ रुपए ही इस वित्त वर्ष में खर्च किये जायेंगे। लगभग नौ प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ वर्ष 2020-21 का कुल बजट लगभग 30.42 लाख करोड़ रुपए है। इस बजट में ग्रामीण भारत को क्या मिला और इससे किसानों की आय दोगुनी करने में कितनी मदद मिलेगी इसका विश्लेषण करते हैं। वर्ष 2019-20 में कृषि मंत्रालय का बजट 138,564 करोड़ रुपए था, परन्तु इसे संशोधित बजट में कम करके 109,750 करोड़ रुपए कर दिया गया। इसका मुख्य कारण यह रहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के तहत 75,000 करोड़ रुपए के बजट में से केवल 54,370 करोड़ रुपए ही खर्च किये गए।

इसका कारण पात्र किसानों का धीमी गति से सत्यापन होना बताया गया है। अब तक इस योजना में कुल लक्षित लगभग 14.5 करोड़ किसानों में से केवल 9.5 करोड़ किसानों का ही पंजीकरण हुआ है। इनमें से अभी तक केवल 7.5 करोड़ किसानों का ही सत्यापन हो पाया है। बंगाल जैसे कुछ राज्यों ने राजनीतिक कारणों से अभी तक अपने एक भी किसान का पंजीकरण इस योजना में नहीं करवाया है, जो वहां के किसानों के साथ एक अन्याय है। परन्तु खेती की बढ़ती लागत को देखते हुए इस वर्ष के बजट में इस योजना के अंतर्गत दी जाने वाली राशि को 6,000 रुपए से बढ़ाकर 24,000 रुपए प्रति किसान प्रति वर्ष किया जाना चाहिए था। भविष्य में भी इस योजना की राशि को महंगाई दर के सापेक्ष प्रत्येक वर्ष बढ़ाना चाहिए। प्रत्येक किसान को 24,000 रुपए मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में तुरन्त क्रय-शक्ति बढ़ती, खर्च बढ़ने से मांग बढ़ती और अर्थव्यवस्था की गाड़ी तेजी से आगे बढ़ जाती। परन्तु अफसोस है कि सरकार ने इस महत्वपूर्ण योजना का बजट इस वर्ष की तरह अगले वित्त वर्ष में भी 75,000 करोड़ रुपए ही रखा है। आशा है कि सरकार अगले वर्ष के लिए आवंटित इस सारी धनराशि को खर्च करेगी।
 
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पुष्पेंद्र चौधरी, https://www.gaonconnection.com/samvad/what-did-rural-india-get-in-the-budget-2020-21-47060


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