बढ़ सकती है किसानों की सहायता राशि, अरुण जेटली ने दिए संकेत

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published Published on Feb 4, 2019   modified Modified on Feb 4, 2019
केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को संकेत दिया कि किसानों को सालाना 6,000 रुपये के न्यूनतम सहायता राशि को भविष्य में बढ़ाया जा सकता है।


जेटली ने कहा कि सरकार के संसाधन बढ़ेंगे जिससे भविष्य में किसानों को दी जाने वाली सालाना राशि को बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य इस राशि के ऊपर अपनी ओर से आय समर्थन योजनाओं की घोषणा कर सकते हैं। अगर राज्य भी इसमें कुछ जोड़ते हैं तो यह राशि और बढ़ेगी। कुछ राज्यों ने इस बारे में योजना शुरू की है। मुझे लगता है कि और राज्य भी उनके रास्ते पर चलेंगे। जेटली ने कहा, 12 करोड़ छोटे और सीमान्त किसानों को हर साल 6,000 रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा सरकार की योजना उन्हें घर देने, सब्सिडी पर खाद्यान्न देने, मुफ्त चिकित्सा सुविधा देने, मुफ्त साफसफाई की सुविधा देने, बिजली, सड़क, गैस कनेक्शन देने की योजना तथा दोगुना कर्ज सस्ती दर पर देने जैसी से जुड़ी हैं।


किसानों को न्यूनतम आय समर्थन देने का यह पहला साल है। उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा है कि सरकार के संसाधन बढ़ने के साथ इस राशि को भी बढ़ाया जा सकता है। करीब 15 करोड़ भूमिहीन किसानों को इस योजना में शामिल नहीं करने के बारे में जेटली ने कहा कि उनके लिए ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मनरेगा और कई अन्य लाभ हैं।

उन्होंने ने कहा कि मौजूदा सरकार ने ग्रामीण इलाकों में बेहतरी के लिए जो लाखों करोड़ रुपये लगाए हैं यह राशि उसके अतिरिक्त है। आगे भी किसानों की बेहतरी के लिए काम होंगे। जेटली ने आर्थिक वृद्धि को लेकर हो रही आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि पिछले पांच वर्ष में कोई बड़ा सामाजिक और राजनीतिक आंदोलन ना होना, इस बात की ओर इशारा करता है कि सरकार की योजनाओं से रोजगार का सृजन हुआ है। उन्होंने कहा, अचानक पांच साल में भारत में उत्पादकता का स्तर (इतना) बढ़ गया है कि सभी संगठन अब आधी संख्या कर्मचारियों से चलने लगे हैं। ऐतिहासिक साक्ष्य इसके विपरीत हैं।


https://www.livehindustan.com/business/story-arun-jailtley-said-farmers-support-amount-may-increase-in-future-2391323.html


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