बिहार, असम और पश्चिम बंगाल में बाढ़ की स्थिति भयावह, भारी बारिश से फ़िलहाल राहत नहीं

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published Published on Jul 23, 2020   modified Modified on Jul 23, 2020

-बीबीसी, 

बीते कुछ दिनों से बिहार, असम और पश्चिम बंगाल में तेज़ बारिश हो रही है. इससे बिहार और असम, दोनों राज्यों में बाढ़ की स्थिति पहले से भयावह हो गई है. नदियाँ उफान पर हैं.

कई नदियों में जलस्तर ख़तरे के निशान से ऊपर बह रहा है. मुज़फ़्फ़रपुर और मधुबनी जैसे ज़िलों के मुख्यमार्ग और गलियों तक में पानी घुस आया है. इसके अलावा भी तमाम शहर पानी में डूबे हैं.

मौसम विभाग ने दरभंगा, सीतामढ़ी, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण समेत वैशाली और गोपालगंज के लिए अलर्ट जारी किया है.

उधर असम में भी स्थिति इतनी भयावह है कि वहाँ 70 लाख से अधिक लोग इससे बुरी तरह प्रभावित हैं. अलर्ट है कि वहाँ अभी और तेज़ बारिश होगी.

बिहार और असम के साथ ही पश्चिम बंगाल को भी तेज़ बारिश का नुक़सान झेलना पड़ रहा है. मालदा, जलपाईगुड़ी समेत कई ज़िलों में तेज़ बारिश ने बाढ़ की स्थिति को और विकराल बना दिया है. वहाँ भी जन-जीवन अस्त व्यस्त होने के अलावा बाढ़ ने कई चाय बागानों को अपनी चपेट में ले लिया है.

कोरोना के साथ-साथ भारी बारिश से उपजे बाढ़ के इस विकराल रूप पर बिहार, असम और पश्चिम बंगाल से एक रिपोर्ट.

बिहार से बीबीसी के सहयोगी पत्रकार नीरज प्रियदर्शी ने बताया कि कोरोना वायरस ‌संक्रमण के रोज़ाना रिकॉर्ड बढ़ते मामलों के बीच बिहार में बाढ़ ने भी तबाही मचानी शुरू कर दी है.

उत्तर बिहार के कई ज़िलों में भारी बारिश के कारण नदियाँ ख़तरे के निशान को पार कर गई हैं.

आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक़, आठ ज़िलों के 150 से अधिक ग्राम पंचायत क्षेत्रों में रहने वाले तीन लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. 12 हज़ार से अधिक की आबादी अपने घरों से बाहर है. पाँच राहत शिविर चलाये जा रहे हैं.

चिंता इस बात की है कि बाढ़ प्रभावित यह जनसंख्या कोरोना वायरस के संक्रमण के दौर में 'स्टे होम, स्टे सेफ़' का पालन कैसे करेगी?

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को निर्देश जारी किया कि प्रभावितों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए जागरूकता फ़ैलाई जाये. लेकिन राहत शिविरों में और ऊंचे स्थानों पर रह रहे प्रभावित लोगों के समूह में यह संभव नहीं दिखता जहाँ लोग अपना घर-बार छोड़ कर और जान बचाकर पहुँचे हैं.

पूरी रपट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 


बीबीसी, https://www.bbc.com/hindi/india-53488846


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