मोदी 1.0 के दौरान, कॉरपोरेट्स को 4.3 लाख करोड़ की रियायतें दी गईं

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published Published on Jul 10, 2019   modified Modified on Jul 10, 2019

केंद्र में अपने पहले कार्यकाल के दौरान, मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने कॉर्पोरेट संस्थाओं को जो टैक्स की छूट दी है वह विभिन्न वर्षों के बजट दस्तावेज़ों के अनुसार 4.32 लाख करोड़ रुपये है। साल दर साल रियायत दी जाने वाली राशि में वृद्धि होती गई, और यह 2014-15 में 65,067 करोड़ रुपये थी और इसके अंतिम वर्ष मे, यानी, 2018-19 में यह रियायत केंद्र सरकार के शुद्ध कर राजस्व का लगभग 7.6 प्रतिशत पहुंच गई थी।

 

रियायतों के इस पैमाने को एक परिप्रेक्ष्य में देखने के लिए आईए एक नज़र सरकार की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के ख़र्च पर डालें। ये वो योजनाएँ हैं जिन्हें लोगों को राहत देने या उनके कल्याण के लिए बनाया गया है। ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना (मनरेगा) के लिए वर्ष 2019-20 के लिए 60,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, मिड-डे मील योजना के लिए 11,000 करोड़ रुपये, आंगनवाड़ी सेवाओं (एकीकृत बाल विकास सेवा योजना के तहत) 23,234 करोड़ रुपये दिए गए हैं आदि।

 

वास्तव में, इस वर्ष विभिन्न प्रमुख विभागों को आवंटित की गई राशि, कॉर्पोरेट्स को दी जाने वाली रियायतों की राशि से काफ़ी कम है: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग 62,659 करोड़ रुपये ख़र्च करने की योजना बना रहा है; स्कूल और साक्षरता विभाग, 56,537 करोड़ रुपये; उच्च शिक्षा विभाग, 38,317 करोड़ रुपये; पेयजल और स्वच्छता विभाग, 20,016 करोड़ रुपये आदि ख़र्च करनी की योजना है।

न्यूज क्लिक पर प्रकाशित इस कथा को विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 


https://hindi.newsclick.in/maodai-10-kae-daauraana-kaorapaoraetasa-kao-43-laakha-karaoda-kai-raiyaayataen-dai-gain


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