भारतीय महिलाएं अपने से कम पढ़े-लिखे पुरुषों से शादी क्यों करती हैं?

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published Published on Jul 9, 2020   modified Modified on Jul 9, 2020

-सत्याग्रह, 

भारतीय महिलाओं के शिक्षा के स्तर में तो बढ़ोत्तरी हो रही है लेकिन इसके साथ-साथ अब उनके लिए अपने जितना या ज्यादा पढ़ा-लिखा दूल्हा पाना पहले से मुश्किल हो गया है. और इसकी वजह यह नहीं है कि अब वे लड़कों से ज्यादा शिक्षित हो गई हैं. यह परिणाम एक ऐसे शोध के हैं जिसमें 1970 से लेकर 2000 के दशक तक भारत में हुई शादियों की तुलना की गई है. स्टडी में पाया गया कि उच्च शिक्षा प्राप्त महिलाओं ने बड़ी तादाद में ऐसे पुरुषों से शादी की जो शिक्षा के स्तर में उनसे कम थे लेकिन पारिवारिक समृद्धि में उनसे कहीं बेहतर थे.

‘द इमरजेंस ऑफ एजुकेशनल हाइपोगैमी इन इंडिया’ शीर्षक से प्रकाशित हुई इस स्टडी के लेखक हैं लिन, सोनलडे देसाई और फेनियान चेन, जो कि यूनिवर्सिटी ऑफ मेरीलैंड से जुड़े हैं. 2019 के दिसंबर में छपी ये रिपोर्ट इंडिया ह्यूमन डेवलपमेंट सर्वे पर आधारित है. जिसमें भारत में शिक्षा और शादी के बीच के संबंधों को समझने की कोशिश की गई है.

रिपोर्ट के मुताबिक ‘ऐसी शादियों की संख्या में लगातार होने वाले बढ़ोत्तरी भारतीय समाज में गहरे तक मौजूद लैंगिक असमानता’ को जाहिर करती है. उनके मुताबिक ऐसी शादियों के कई सामाजिक और आर्थिक कारण हैं, जैसे कि जातिवाद, नौकरियों में महिलाओं की कम भागीदारी, महिलाओं को कम वेतन मिलना - खास तौर पर उन्हें जिनके पास आर्ट्स की डिग्री है - और महिलाओं को अपना जीवनसाथी चुनने की आजादी नहीं होना.

पिछले 40 सालों में, सभी शैक्षिक स्तरों पर, पत्नियों के मुकाबले बेहतर शिक्षा वाले पतियों का अनुपात, 1970 के दशक के 90 फीसदी से घटकर 2000 के दशक में 60 फीसदी हो गया. वहीं कम शिक्षा वाले पुरुषों से शादी करने वाली महिलाओं का अनुपात, जो 1970 के दशक में 10 फीसदी ही होता था, वह 2000 के दशक में बढ़कर 30 फीसदी हो गया है.

इस रिसर्च के लेखकों में से एक झियोंग ली के मुताबिक, ‘सिर्फ महिलाओं की शिक्षा में इजाफा होने से लैंगिक असमानता खत्म नहीं हो जाती.’ ली आगे कहते हैं कि ‘भारत में शिक्षा से “न तो शादी में कोई ताकत हासिल होती है, न ही शादी का फैसला लेने की ताकत मिलती है और न ही कोई सामाजिक-आर्थिक आजादी” मिलती है.’

पूरा लेख पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 


श्रेया खेतान, https://satyagrah.scroll.in/article/135882/bhartiya-mahilayen-shadi-kam-padhe-likhe-purush-kaaran-shodh
 

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